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World : पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 18 आतंकवादी संदिग्ध गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार व विस्फोटक बरामद

Sat, 22 Aug 2026 03:01 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics
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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने पिछले एक सप्ताह में विभिन्न प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े 18 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। पंजाब पुलिस के आतंकवाद-रोधी विभाग (सीटीडी) के अनुसार, प्रांत के विभिन्न जिलों में 100 से अधिक खुफिया-आधारित अभियान चलाए गए।
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गिरफ्तार किए गए संदिग्धों का संबंध आईएसआईएस, अल-कायदा और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे प्रतिबंधित संगठनों से बताया जा रहा है। इन्हें फैसलाबाद, सियालकोट, सरगोधा, साहिवाल, हाफिजाबाद, गुजरांवाला, भक्कर, लाहौर और मुल्तान जिलों से पकड़ा गया। सीटीडी ने बताया कि संदिग्धों के पास से 3 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक, आठ डेटोनेटर, 13.1 फीट सेफ्टी फ्यूज, 4.5 फीट प्राइमा कॉर्ड, चार पिस्तौल और 21 गोलियां बरामद हुई हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये संदिग्ध पंजाब प्रांत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने इन संदिग्धों के खिलाफ मामले दर्ज कर लिए हैं और आगे की जांच जारी है। यह गिरफ्तारी पाकिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर की 92 वर्षीय पत्नी का निधन
प्रसिद्ध परोपकारी और पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर की पत्नी नैन्सी किसिंजर का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने गुरुवार को कनेक्टिकट स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। मौत के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। उन्हें बाद में अपने दिवंगत पति के साथ आर्लिंग्टन नेशनल सेमेट्री में दफनाया जाएगा। नैन्सी किसिंजर लंबे समय तक परोपकार और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहीं। उनकी मुलाकात हेनरी किसिंजर से नेल्सन रॉकफेलर के साथ काम करने के दौरान हुई थी और दोनों ने 1974 में विवाह किया। माइकल ब्लूमबर्ग ने उन्हें विचारों और समझ की असाधारण शक्ति वाली महिला बताया।

अलास्का में घने कोहरे के बीच विमान दुर्घटनाग्रस्त, सभी 8 लोगों की मौत
अमेरिका के अलास्का में घने कोहरे के बीच एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी आठ लोगों की मौत हो गई। हादसा गुरुवार को एंकोरेज से करीब 725 किलोमीटर पश्चिम में स्थित केप न्यूएनहम लॉन्ग रेंज रडार साइट एयरपोर्ट पर हुआ। विमान दूसरे प्रयास में लैंडिंग कर रहा था, लेकिन घने कोहरे के कारण पायलट रनवे को नहीं देख सके। नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड के अनुसार, दोनों पायलटों को पूरी तरह उपकरणों के सहारे विमान उतारना पड़ रहा था। मृतकों में दो पायलट और छह यात्री शामिल हैं, जिनमें अमेरिकी सेना के इंजीनियर्स कोर के दो कर्मचारी भी थे। हादसे के समय मौसम तेजी से खराब हो रहा था और दृश्यता घटकर एक चौथाई मील से भी कम रह गई थी। दुर्घटनास्थल एक दूरस्थ सैन्य रडार केंद्र है, जो रूस, उत्तर कोरिया और चीन की दिशा से आने वाली हवाई गतिविधियों पर नजर रखता है। विमान की उड़ान एंकोरेज स्थित चार्टर कंपनी सिक्योरिटी एविएशन संचालित कर रही थी। एनटीएसबी के जांचकर्ता दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए घटनास्थल रवाना हो गए हैं।

अमेरिका में बुजुर्गों से 7.5 मिलियन डॉलर की ठगी, भारतीय नागरिक गिरफ्तार
अमेरिका में बुजुर्गों को निशाना बनाकर करोड़ों डॉलर की कथित ठगी के मामले में भारतीय नागरिक जय सुनीलभारती गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया है। 21 वर्षीय गुजरात निवासी गोस्वामी पर ‘मनी म्यूल’ के तौर पर ठगी की रकम और सोना पहुंचाने का आरोप है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, उसने न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में कम से कम नौ बुजुर्ग पीड़ितों से नकदी और सोना जुटाया। इन पीड़ितों की उम्र 59 से 87 वर्ष के बीच थी और उन्हें कुल करीब 75 लाख डॉलर का नुकसान हुआ। गोस्वामी पर वायर फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग और साजिश के आरोप लगाए गए हैं। इन मामलों में अधिकतम 20 साल की सजा हो सकती है। 17 अगस्त को अदालत से सशर्त रिहाई के बाद वह कनाडा चला गया और कतर भागने की कोशिश कर रहा था। अमेरिकी अनुरोध पर कनाडाई अधिकारियों ने 20 अगस्त को टोरंटो एयरपोर्ट से उसे गिरफ्तार किया। जांच में उसके अमेरिकी बैंक खाते में 90 हजार डॉलर से अधिक नकद जमा मिलने की भी बात सामने आई है।

पेंटागन ने संपादक समेत तीन कर्मचारियों को हटाया
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने सैन्य समाचार पत्र स्टार एंड स्ट्रिप्स (Stars and Stripes) के प्रधान संपादक एरिक स्लाविन, प्रकाशक मैक्स लेडरर और रिपोर्टर लारा कोर्टे को पद से हटा दिया है। स्लाविन के मुताबिक, उन्हें एक टीवी इंटरव्यू में सैन्य समाचारों पर संभावित सेंसरशिप का विरोध करने के बाद अनुशासनहीनता के आरोप में हटाया गया। स्लाविन ने कहा कि उन्होंने इंटरव्यू में स्पष्ट किया था कि सैनिकों के लिए समाचारों पर किसी भी तरह की संभावित सेंसरशिप स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि संपादकीय स्वतंत्रता बरकरार रहनी चाहिए। यह अखबार पेंटागन से आंशिक रूप से वित्त पोषित है, लेकिन लंबे समय से अपनी संपादकीय स्वतंत्रता के लिए जाना जाता है। स्लाविन ने बताया कि उन्हें और अन्य कर्मचारियों को सेवा समाप्ति के नोटिस मिले हैं। प्रकाशक लेडरर ने इसी सप्ताह सितंबर के अंत में सेवानिवृत्त होने की घोषणा की थी।

चांद पर जीवित रह सकते हैं धरती के कुछ सूक्ष्म जीव
इंसान जब चांद पर कदम रखने की तैयारी कर रहा है, तब एक नई बात सामने आई है। नासा के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में हुए एक ताजा अध्ययन से पता चला है कि धरती के कुछ बैक्टीरिया और फंगस चांद के बेहद कठोर माहौल में भी हफ्तों या महीनों तक जिंदा रह सकते हैं। यह खोज इसलिए अहम है क्योंकि इंसानी मिशनों के जरिये अनजाने में ये सूक्ष्मजीव चांद तक पहुंच सकते हैं। चांद पर न तो सांस लेने लायक हवा है और न ही तापमान सामान्य रहता है। इसके बावजूद, वैज्ञानिकों ने जब चांद के दक्षिणी ध्रुव की परिस्थितियों पर आधारित सिमुलेशन में पांच तरह के सूक्ष्मजीवों का परीक्षण किया, तो नतीजे चौंकाने वाले रहे। अध्ययन में पाया गया कि घरों में सीलन वाली जगहों पर पाई जाने वाली काली फफूंद सबसे ज्यादा सहनशील साबित हुई। यह फंगस कुछ धूप और पराबैंगनी किरणों के बीच भी जीवित रहने में सक्षम रही।

कांगो में एबोला का कहर, 16 हजार से ज्यादा वैक्सीन पहुंचीं
कांगो में एबोला वायरस बहुत तेजी से फैल रहा है। अब तक 2,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। बीमारी को रोकने के लिए देश में वैक्सीन की पहली खेप पहुंच गई है। राजधानी किन्शासा में 16,000 से ज्यादा डोज उतारे गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन कुल 70,000 डोज भेजने की तैयारी में है। जल्द ही और भी वैक्सीन पहुंचेगी।

यह बीमारी एक दुर्लभ वायरस के कारण फैल रही है। इसके लक्षण मलेरिया जैसे होते हैं, जिससे पहचानना मुश्किल हो जाता है। इलाके में जारी युद्ध और हिंसा के कारण डॉक्टरों को इलाज में काफी दिक्कत आ रही है। फिर भी स्वास्थ्यकर्मी लोगों को बचाने में दिन-रात जुटे हुए हैं।

 

भारत से शरणार्थियों को वापस बुलाएगा श्रीलंका, यूएन ने सराहा
श्रीलंका सरकार ने भारत में रह रहे अपने नागरिकों को वापस लाने का बड़ा फैसला किया है। इसके लिए नियमों को काफी आसान बना दिया गया है। करीब चार दशक पहले श्रीलंका में हिंसा भड़की थी। उस समय हजारों लोग अपनी जान बचाकर भारत के तमिलनाडु आ गए थे। आज भी करीब 90 हजार शरणार्थी भारत में रह रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने श्रीलंका सरकार के इस कदम की खुलकर तारीफ की है। यूएन का कहना है कि इससे लोग सम्मान के साथ अपने वतन लौट सकेंगे। श्रीलंका सरकार अब शरणार्थियों के कागजात तैयार करने और उन्हें बसाने में मदद करेगी।

 

नेपाल में  तीन साल की बच्ची से हैवानियत, सड़कों पर उतरे लोग
नेपाल के बारा जिले में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया है। बच्ची तीन दिन से गायब थी और बाद में उसका शव मिला। इस घटना से गुस्साए लोगों ने कई दिनों तक मुख्य रास्ता बंद कर प्रदर्शन किया। लोग दोषी को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल है।

पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से एक 16 साल का लड़का है। उसने टॉफी का लालच देकर बच्ची को अगवा करने की बात कबूल की है। नेपाल के गृह मंत्री ने पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हिंदू व्यापारी की गोली मारकर हत्या
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अज्ञात सशस्त्र हमलावरों ने एक हिंदू व्यापारी की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। यह दुखद वारदात नोशकी कस्बे के कासिराबाद स्टॉप इलाके में घटी। हथियारबंद हमलावर सीधे व्यापारी की दुकान में घुसे और लूटपाट की कोशिश करने लगे। व्यापारी द्वारा विरोध जताने पर उन्होंने गोलियां चला दीं।

मृतक की पहचान राकेश कुमार के रूप में हुई है, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस कायराना हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय सदियों से बलूचिस्तान का अभिन्न हिस्सा रहा है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन से दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त सजा देने की मांग की गई है।
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सीरिया पर इस्राइल के हमले से तुर्किये संग तनाव, अमेरिका को नहीं दी खबर
इस्राइल ने इस हफ्ते उत्तरी सीरिया के अबू दुहुर एयरबेस पर बड़ा हवाई हमला किया। अमेरिकी दूत टॉम बैरक के मुताबिक, इस्राइल ने इस हमले से पहले न तो अमेरिका को और न ही तुर्किये को कोई जानकारी दी थी। इस अचानक हुई कार्रवाई की वजह से इस्राइल और तुर्किये की सेनाएं आमने-सामने आने से बाल-बाल बच गईं।

इस्राइल का दावा है कि तुर्किये के सैनिक उस बेस पर तैनात होने वाले थे। हालांकि, अमेरिकी जांच में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। अमेरिकी अधिकारी का मानना है कि यह इस्राइली सेना की गलती या गलतफहमी हो सकती है। इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच पहले से बने तनावपूर्ण रिश्ते और ज्यादा बिगड़ गए हैं।
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