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World News: नेपाल पीएम बालेन शाह की अनुपस्थिति पर विपक्ष का विरोध, कार्यवाही स्थगित; एक्शन में हंगरी की सरकार

Wed, 13 May 2026 11:06 PM IST
Jyoti Bhaskar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
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दुनिया की बड़ी खबरें। - फोटो : अमर उजाला
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नेपाल में प्रधानमंत्री बालेन शाह की अनुपस्थिति को लेकर विपक्षी दलों ने संसद की कार्यवाही बाधित कर दी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि प्रतिनिधि सभा की बैठक को गुरुवार सुबह तक के लिए स्थगित करना पड़ा। प्रधानमंत्री शाह को सदन में सरकार के नीति दस्तावेज पर उठाए गए सवालों का जवाब देना था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। उनकी जगह वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले को जवाब देने की जिम्मेदारी दी गई, जिससे विपक्ष और अधिक आक्रोशित हो गया।

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प्रधानमंत्री के सदन में न आने पर विपक्षी दलों ने तीखा विरोध जताया। शरम संस्कृति पार्टी के प्रमुख हरका राय ने तो प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग तक कर दी। नेपाली कांग्रेस, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने भी प्रधानमंत्री की उपस्थिति की मांग करते हुए सदन में हंगामा किया। सदन के अध्यक्ष डी.पी. आर्यल ने विपक्षी दलों को आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से बातचीत करेंगे। इसके बाद उन्होंने कार्यवाही को गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। कांग्रेस सांसद योगेश गौचन ने कहा कि यह हैरान करने वाली बात है कि देश के कार्यकारी प्रमुख होने के बावजूद प्रधानमंत्री शाह संसद में उपस्थित नहीं हुए और सवालों का जवाब नहीं दिया।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से फिर बहनों से नहीं मिलने दिया गया
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को एक बार फिर अदियाला जेल में उनसे मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को यह जानकारी दी। 
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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान की बहन अलीमा खान ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें अपने भाई से मिलने से रोकना अदालत की अवमानना है, क्योंकि इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने साफ आदेश दिया है कि हर मंगलवार और गुरुवार को परिवार को मुलाकात की अनुमति दी जाए।

अलीमा खान ने कहा कि इमरान खान सिर्फ उनके भाई नहीं, बल्कि पीटीआई के नेता भी हैं, इसलिए सभी को मिलकर दबाव बनाना चाहिए, ताकि उन्हें सही अस्पताल में इलाज मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि इमरान खान ने 128 दिन का धरना दिया था और वह हर मुश्किल का सामना कर चुके हैं, इसलिए इस समय भी हिम्मत दिखानी होगी।

इस महीने की शुरुआत में पीटीआई ने इमरान खान की हिरासत की निंदा की थी। इमरान खान जेल में 1000 दिन पूरे कर चुके हैं। पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया और उनकी तुरंत रिहाई की मांग की।  

पाकिस्तान: एफआईए का दावा- बिना दस्तावेज के 34 अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया
पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने 34 अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर बिना जरूरी दस्तावेजों के पाकिस्तान में प्रवेश कर बलूचिस्तान के ग्वादर की ओर जा रहे थे। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को यह जानकारी दी।

एफआईए के प्रवक्ता के अनुसार, सूचना मिलने के बाद सीपीईसी सड़क क्षेत्र में छापेमारी की गई और 34 ऐसे अफगान नागरिकों को पकड़ा गया, जोकथित तौर पर ग्वादर के रास्ते ईरान जाने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। शुरुआती पूछताछ के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस गैरकानूनी आवाजाही में शामिल नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई मानव तस्करी और बिना दस्तावेज सीमा पार आवाजाही को रोकने के अभियान का हिस्सा है। 
   
उत्तरी तुर्किये में मूसलाधार बारिश से आई बाढ़, 12 लोग अस्पताल में भर्ती
तुर्किये के काला सागर तट के पास एक जिले में भारी बारिश के कारण भीषण बाढ़ आ गई, जिससे घरों और दुकानों में पानी भर गया और कई गाड़ियां बह गईं। इस हादसे में 12 लोगों को मामूली चोटों के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।

राज्य समाचार एजेंसी अनादोलु के अनुसार, मंगलवार देर रात हुई तेज बारिश के कारण सामसुन प्रांत के हवजा जिले में नदियां उफान पर आ गईं और पानी सड़कों पर तेजी से बहने लगा। इस बाढ़ के कारण कई इमारतों के भूतल और ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह पानी में डूब गए। वीडियो फुटेज में एक चालक अपने ट्रक के ऊपर खड़ा होकर बचाव का इंतजार करता दिखाई दिया। एजेंसी ने बताया कि घायल लोगों की हालत गंभीर नहीं है। कुछ लोग खुद अस्पताल पहुंचे, जबकि कुछ को मेडिकल टीमों ने मदद करके अस्पताल पहुंचाया। दमकल, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर भेजी गईं, जिन्होंने फंसे हुए लोगों को बचाने और मलबा हटाने का काम शुरू किया।

द्विपक्षीय समझौतों पर प्रगति की समीक्षा करेंगे भारत और रूस: रूसी विदेश मंत्रालय
रूसी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर के साथ बुधवार को व्यापक मुद्दों पर बातचीत करेंगे, जिसमें भारत-रूस सहयोग के प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे।

रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान हुए समझौतों के क्रियान्वयन की प्रगति पर चर्चा करेंगे। साथ ही आगामी रूस-भारत वार्ता और व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग के लिए अंतर-सरकारी आयोग की अगली बैठक की तैयारियों पर भी विचार होगा।

मंत्रालय ने कहा, वे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने, स्थिर परिवहन, लॉजिस्टिक और वित्तीय चैनलों को मजबूत करने, ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने और विज्ञान व अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा, दोनों मंत्री अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे, जिसमें खास तौर से पश्चिम एशिया की स्थिति पर फोकस किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स और जी20 जैसे मंचों पर सहयोग पर भी बातचीत होगी। 


अमेरिकी सीनेट में डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे का मुद्दा उठा 
अमेरिकी सीनेट की एक सुनवाई के दौरान रणनीतिक रूप से अहम डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे का मुद्दा अचानक उठाया गया। रिपब्लिकन सांसद जॉन कैनेडी ने चेतावनी दी कि चागोस द्वीप समूह विवाद के जरिये हिंद महासागर में चीन का प्रभाव बढ़ सकता है।

यह सुनवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट प्रस्ताव पर हुई। कैनेडी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की चागोस द्वीप और मॉरीशस से जुड़ी योजनाओं की आलोचना की। कैनेडी ने कहा कि मॉरीशस के चीन से करीब संबंध हैं और यदि द्वीपों का नियंत्रण उसे मिला तो यह अमेरिकी हितों के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मॉरीशस डिएगो गार्सिया की एक अतिरिक्त चाबी चीन को दे सकता है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सीधे इस टिप्पणी का समर्थन नहीं किया। लेकिन उन्होंने डिएगो गार्सिया की रणनीतिक अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिएगो गार्सिया अमेरिका के लिए बेहद अहम सैन्य स्थान है और भविष्य में भी वहां संचालन क्षमता बनाए रखना जरूरी है।

कोलंबिया में पिछले साल का सशस्त्र संघर्ष एक दशक में सबसे गंभीर: रेड क्रॉस रिपोर्ट
कोलंबिया में पिछले एक वर्ष में आम नागरिकों पर सशस्त्र संघर्ष का असर पिछले एक दशक में सबसे खराब रहा है। रेड क्रॉस की एक वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में विस्थापित लोगों की संख्या दोगुनी होकर 2,35,000 तक पहुंच गई, क्योंकि आपराधिक गिरोह और विद्रोही समूह सरकार और एक-दूसरे से लड़ रहे हैं। छोटे शहरों और गांवों में विद्रोही समूहों की ओर से लगाए गए लॉकडाउन की घटनाएं भी 99 फीसदी बढ़ गईं।

दशकों से कोलंबिया में विद्रोही समूह और ड्रग तस्कर ग्रामीण इलाकों पर नियंत्रण के लिए सरकार से लड़ते रहे हैं। 2016 के शांति समझौते के बाद हिंसा में कमी आई थी। लेकिन बाद में छोटे समूहों ने खाली हुए इलाकों पर कब्जा कर लिया। रेड क्रॉस ने कहा कि 2025 की स्थिति पिछले कई वर्षों से चले आ रहे लगातार बिगड़ते हालात का नतीजा है।


अर्जेंटीना: राष्ट्रपति मिलेई के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों लोग
अर्जेंटीना में मंगलवार को हजारों लोग देशभर के बड़े शहरों की सड़कों पर उतर आए। इन लोगों ने राष्ट्रपति जेवियर मिलेई की ओर से सरकारी विश्वविद्यालयों की फंडिंग में कटौती के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस संकटग्रस्त देश में सरकारी विश्वविद्यालय व्यवस्था लोगों के लिए गर्व का विषय मानी जाती है। राजधानी ब्यूनस आयर्स में भारी भीड़ ने सरकारी मुख्यालय तक रैली निकाली और विश्वविद्यालयों के बजट में कमी का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि फंड की कमी से देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है। अर्जेंटीना की सरकारी विश्वविद्यालय व्यवस्था देश के शिक्षित कार्यबल की मजबूत नींव मानी जाती है और मध्यम वर्ग के लिए यह गर्व की बात है। यहां 1949 से पढ़ाई मुफ्त है और इसी व्यवस्था ने पांच नोबेल पुरस्कार विजेता दिए हैं।

पिछले साल संसद ने विश्वविद्यालयों के खर्च और शिक्षकों के वेतन को बढ़ती महंगाई के हिसाब से बढ़ाने के लिए कानून पारित किया था। लेकिन सरकार ने अभी तक इसे लागू नहीं किया और अदालत में इस कानून को चुनौती दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरह मिलेई भी अक्सर विश्वविद्यालय परिसरों को 'वोक विचारधारा' फैलाने वाली जगह बताते हैं। मिलेई ने सरकारी खर्च में भारी कटौती की अपनी योजना के तहत शिक्षा क्षेत्र की फंडिंग कम कर दी है। उनका कहना है कि पिछली वामपंथी सरकारों ने लापरवाही से खर्च किया, जिससे भ्रष्टाचार बढ़ा। मंगलवार के प्रदर्शन में हर उम्र और अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा के लोग शामिल हुए। यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब आर्थिक गतिविधियों में गिरावट, कम होती तनख्वाह और बढ़ती बेरोजगारी के कारण मिलेई की लोकप्रियता घट रही है।

हाल के दिनों में भ्रष्टाचार के कई मामलों ने भी सरकार को घेरा है। खास तौर पर कैबिनेट प्रमुख मैनुअल अडोर्नी के कथित खर्चों की जांच चर्चा में है। आरोप है कि उनका खर्च उनकी सरकारी तनख्वाह और घोषित संपत्ति से मेल नहीं खाता। एक छात्र के पोस्टर पर लिखा था, अडोर्नी पर हमारा कितना पैसा खर्च हो रहा है? विश्वविद्यालय मामलों के उप सचिव अलेजांद्रो अल्वारेज ने मंगलवार के प्रदर्शन को 'पूरी तरह राजनीतिक' बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने विश्वविद्यालयों के बढ़े हुए खर्च के लिए अतिरिक्त पैसा दिया है। लेकिन शिक्षक संगठनों ने इसे अपर्याप्त बताया है।

सरकार का कहना है कि जिस कानून को चुनौती दी गई है, उसमें यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि आर्थिक सख्ती के दौर में अतिरिक्त फंड कहां से आएगा।अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होने की संभावना है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने देश की सर्वोच्च अदालत से 'जनता की आवाज सुनने' की अपील की। मुख्य शिक्षक संघ के अनुसार, 2023 के आखिर में मिलेई के सत्ता में आने के बाद महंगाई को देखते हुए विश्वविद्यालय शिक्षकों की वास्तविक आय में करीब 33 फीसदी की गिरावट आई है।

ब्यूनस आयर्स विश्वविद्यालय के कुलपति रिकार्डो गेल्पी ने कहा कि खरीदने की क्षमता घटने के कारण इंजीनियरिंग और विज्ञान विभाग के कम से कम 580 शोध प्रोफेसरों ने सरकारी संस्थान छोड़ दिए हैं और निजी विश्वविद्यालयों या बेहतर वेतन वाली नौकरियों में चले गए हैं। रैली में शामिल 24 वर्षीय कानून की छात्रा सोल मुनिज ने कहा, यह स्पष्ट है कि सरकार सरकारी शिक्षा की फंडिंग खत्म करना चाहती है। विश्वविद्यालय हमारे लिए गर्व की बात है। यह हमारे पास सबसे अच्छी चीज है। 

हंगरी में 16 साल बाद नई सरकार, मंत्रियों ने संभाले पदभार
यूरोपीय देश हंगरी में 16 साल के बाद व्यवस्था बदल गई है। मंत्रियों ने पदभार संभाल लिए हैं। हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में मंगलवार को प्रधानमंत्री पीटर मैग्यार के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल मंत्रियो को शपथ दिलाई गई। सत्ता  हस्तांतरण से पहले मैग्यार की प्रो-यूरोपीय तिस्ज़ा पार्टी ने पिछले महीने ओर्बन की फ़िडेज़ पार्टी को हराकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। इसी के साथ 16 साल से चला आ रहा ओर्बन के राजनीतिक सिस्टम का पटाक्षेप हो गया है। पीटर मैग्यार ने अपनी नीतियों का संकेत देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व वाली नई सरकार सभी हंगरीवासियों की होगी और मंत्री राष्ट्र सेवा की भावना के साथ काम करेंगे। मैग्यार ने भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, सार्वजनिक धन की वसूली, लोकतांत्रिक संस्थाओं को बहाल करने जैसे लुभावने वादे भी किए। नई सरकार में 16 मंत्रालय हैं, जिनमें स्वास्थ्य, पर्यावरण और शिक्षा के लिए अलग विभाग हैं। इसका लक्ष्य यूरोपीय संघ के जमे हुए करीब 17 अरब यूरो के फंड को वापस लाना है, जिस पर विदेश मंत्री अनीता ओर्बन ने भी जोर दिया।

भारत की सहायता: नेपाल में रखी गई स्कूल भवन की आधारशिला

नेपाल के अछाम जिले में मंगलवार को भारत की सहायता से एक स्कूल भवन की आधारशिला रखी गई। यह बसुकी माध्यमिक विद्यालय सुदूरपश्चिम प्रांत में बन रहा है। भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव नारायण सिंह और मेलेख ग्रामीण नगर पालिका के अध्यक्ष ज्वाला सिंह सऊद ने आधारशिला रखी। भारत सरकार 38 दस लाख नेपाली रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। यह उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक विकास परियोजना का हिस्सा है। अध्यक्ष सऊद ने भारत के विकास समर्थन की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि यह छात्रों के सीखने के माहौल को बेहतर बनाएगा।

मशहूर अमेरिकी अभिनेत्री जेनिफर हार्मोन का निधन

वन लाइफ टु लिव और हाउ टु सरवाइव ए मैरिज जैसे लोकप्रिय सोप ओपेरा के लिए मशहूर अमेरिकी अभिनेत्री जेनिफर हार्मोन का निधन हो गया है। वह 82 साल की थीं। परिजनों ने बताया कि जेनिफर ने शनिवार को न्यूयॉर्क में आखिरी सांस ली। हार्मोन ने अपने लगभग पांच दशकों के करिअर में ब्रॉडवे मंच (थिएटर) पर 21 बार अपनी कला का प्रदर्शन कर विशिष्ट पहचान बनाई थी। वे रंगमंच की दुनिया का एक प्रतिष्ठित चेहरा थीं।

सॉफ्टवेयर में आई खराबी, वेमोने वापस बुलाईं 3,791 रोबोटैक्सियां

ऑटोनॉमस ड्राइविंग कंपनी वेमो ने अमेरिका में चल रही अपनी 3,791 रोबोटैक्सियों को वापस बुलाने का फैसला किया है। नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, यह कदम सॉफ्टवेयर में आई खराबी के कारण लिया है, जिसकी वजह से ये गाड़ियां जलभराव वाली सड़कों पर अनियंत्रित हो रही हैं। फिलहाल कंपनी ने अंतरिम उपाय के तौर पर मौसम संबंधी पाबंदियां बढ़ा दी हैंै, जबकि सॉफ्टवेयर ठीक करने के लिए काम चल रहा है।
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एक और पर्वतारोही की माउंट एवरेस्ट पर मौत, अब तक 3 मरे

माउंट एवरेस्ट पर एक और नेपाली पर्वतारोही की दरार में गिरने से मौत हो गई। पिछले दो हफ्तों के भीतर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर होने वाली यह तीसरी मौत है। अधिकारियों ने बताया कि 21 वर्षीय फुरा ग्यालजेन शेरपा कैंप-3 के पास बर्फ पर फिसलकर लगभग 7,200 मीटर की ऊंचाई पर हादसे का शिकार हुए। इससे पहले खूंबू आइसफॉल और बेस कैंप के रास्ते में दो अन्य नेपाली पर्वतारोहियों बिजय घिमिरे बिश्वकर्मा (35) और लक्पा देंडी शेरपा (51) की जान गई थी। 
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