सिंगापुर की एक अदालत ने भारतीय मूल के एक सीईओ को अपनी पूर्व प्रेमिका पर खर्च किए गए करीब 3.5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूलने की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा, अधिकांश राशि उसने अपनी पूर्व प्रेमिका को उपहार के तौर पर दी थी। मुंबई में सूचीबद्ध एक कंपनी के सीईओ चंदर अग्रवाल ने अपनी पूर्व प्रेमिका पर मुकदमा दायर कर उसके ऊपर खर्च की गई विभिन्न रकम वापस मांगी थी। अग्रवाल का दावा था कि यह राशि ऋण के तौर पर दी गई थी और उसे वापस किया जाना था। इन खर्चों में विदेश यात्राओं, उसके फ्लैट के लिए फेंगशुई विशेषज्ञ की सेवाएं और स्टैनफोर्ड-एनयूएस के कार्यकारी कार्यक्रम की फीस शामिल थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दोनों की मुलाकात 2019 में एक उड़ान के दौरान हुई थी। इसके बाद अग्रवाल ने सोशल मीडिया के जरिए उससे संपर्क किया और दोनों की मुलाकातों का सिलसिला शुरू हो गया। इसके बाद सितंबर 2022 में अग्रवाल ने उसे कई महंगे उपहार दिए थे। उन्होंने एक बार डिनर के बाद उसे घर छोड़ने के लिए लिमोजिन बुक की, उसके लिए महंगी वस्तुएं खरीदीं और साथ में यूरोप यात्रा के दौरान उसके लगभग सभी खर्च उठाए। हालांकि, दोनों का रिश्ता दिसंबर 2023 में खत्म हो गया था। अग्रवाल को संदेह था कि वो उसे धोखा दे रही है।
वानुआतु में बड़ा फेरी हादसा: 47 लोगों को ले जा रही नाव समुद्र में डूबी
प्रशांत महासागर के द्वीपीय देश वानुआतु में बड़ा फेरी हादसा सामने आया है। यात्रियों से भरी एमवी माटुई फेरी शुक्रवार को समुद्र में डूब गई। हादसे के बाद सोमवार को भी 30 से ज्यादा लापता लोगों की तलाश जारी रही। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, फेरी अम्बाए और सैंटो द्वीपों के बीच यात्रा कर रही थी। उस समय इसमें कुल 47 लोग सवार थे। वानुआतु प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से रविवार को जारी बयान के अनुसार, बचाव दल ने समुद्र से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अब राहत और बचाव अभियान का फोकस खुले समुद्र से हटाकर तटीय इलाकों पर किया जा रहा है। आशंका है कि समुद्री धाराएं कुछ बचे लोगों को बहाकर तट की ओर ले गई होंगी। बचाव दल नावों की मदद से आसपास के समुद्री क्षेत्र और संभावित तटीय स्थानों पर लापता लोगों की तलाश कर रहा है।
वानुआतु प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान में हादसे के संभावित कारणों को लेकर भी चिंता जताई गई है। बयान के मुताबिक, दुर्घटना के पीछे तेज हवाएं और समुद्री चेतावनियों की अनदेखी वजह हो सकती है। इसके अलावा नाव में जरूरत से ज्यादा लोगों को बैठाने यानी ओवरलोडिंग और संभावित लापरवाही की आशंका भी जताई गई है। देश की मौसम विज्ञान सेवा ने फेरी के रवाना होने वाले दिन तेज हवाओं और ऊंची समुद्री लहरों को लेकर चेतावनी जारी की थी। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और अधिकारी लापता लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत को तोड़ने वाला ब्रिटेन खुद टूट के कगार पर
1947 में भारत के दो टुकड़े करने वाले ब्रिटेन अब खुद टूट के कगार पर खड़ा है। स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड ने ब्रिटेन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और उससे अलग होने का फैसला किया है। स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के आजादी पसंद नेताओं की सोमवार को कार्डिफ में बैठक होने वाली है। बैठक में तीनों पक्षों के एक संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है, जिसमें वे अपने-अपने देशों के लिए आत्मनिर्णय और स्वतंत्रता पर जनमत संग्रह कराने के अधिकार की मांग कर सकते हैं। तीनों जगह आजादी समर्थक नेता सत्ता के केंद्र में हैं। स्कॉटलैंड में स्कॉटिश नेशनल पार्टी के जॉन स्विनी फर्स्ट मिनिस्टर हैं। वेल्स में प्लैड सिमरू के रून एपी इओर्थ मई के चुनाव के बाद फर्स्ट मिनिस्टर बने हैं, वहीं उत्तरी आयरलैंड में सिन फेन की मिशेल ओ’नील फर्स्ट मिनिस्टर हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तरी आयरलैंड के ब्रिटेन से अलग होकर आयरलैंड गणराज्य में विलय का दोबारा समर्थन किया है।
स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के नेताओं की आज होगी महत्वपूर्ण बैठक, कैसे बदलता गया नक्शा?
- 1536 में वेल्स को इंग्लैंड में शामिल किया गया।
- 1707 में स्कॉटलैंड को मिलाकर ग्रेट ब्रिटेन ने आकार लिया।
- 1922 में आयरलैंड अलग देश बन गया, जबकि उत्तरी आयरलैंड ब्रिटेन का हिस्सा बना रहा।