यूरोपीय संघ भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राह पर चल पड़ा है। 27 देशों के इस समूह में ट्रंप की आव्रजन नीतियों की सार्वजनिक रूप से आलोचना हुई थी और अब यह समूह प्रवासियों का पता लगाने, उनके खिलाफ छापेमारी व उन्हें निर्वासित करने की अपनी शक्तियों का विस्तार कर रहा है। यह समूह प्रवासियों को अफ्रीका और अन्य जगहों के तीसरे देशों में स्थित वापसी केंद्रों में भेजेगा। 2024 में कुछ देशों में दक्षिणपंथी दलों के सत्ता में आने के बाद से यूरोपीय संघ प्रवासन नीतियों को और सख्त कर रहा है। यूरोपीय आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा है कि नए उपायों से सीरिया में गृहयुद्ध के कारण 2015 में उत्पन्न संकट की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा।
नाइजीरिया में रात के हमले में 20 की मौत
नाइजीरिया के उत्तर-मध्य क्षेत्र में एक समुदाय पर रात में हुए हमले में 20 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय निवासियों और अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
राज्य सूचना आयुक्त जॉयस लोह्या रामनाप ने कहा, यह हमला रविवार की रात प्लेटौ राज्य के जोस उत्तर क्षेत्र के गारी समुदाय पर हुआ। उन्होंने हताहतों की संख्या नहीं बताई। लेकिन कहा कि लोग हताहत और घायल हुए हैं। राज्य सरकार ने आगे हमलों को रोकने के लिए 48 घंटे की कर्फ्यू लगा दी।
किसी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन निवासियों ने बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार कई हथियारबंद लोग समुदाय में बेतरतीब गोलियां चला रहे थे। स्थानीय निवासी इबुकुन फालोडुन ने कहा कि 20 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। प्लेटौ राज्य में हमले लंबे समय से चल रही हिंसा का हिस्सा हैं, जहां ज्यादातर मुस्लिम फुलानी चरवाहों और अधिकतर ईसाई खेती करने वाले समुदायों के बीच जमीन विवाद अक्सर जानलेवा झड़पों में बदल जाते हैं। अपराधी गिरोह भी सक्रिय हैं।
भारत ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हमलों की निंदा की
भारत ने सोमवार को लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हाल के हमलों की निंदा की और सभी पक्षों से ब्लू हेल्मेट्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। 29 मार्च को आदचिट अल कुसायर के पास यूएनआईएफआईएल (संयुक्त राष्ट्र का लेबनान में अस्थायी बल) की स्थिति में एक संदिग्ध चीज फटने से एक इंडोनेशियाई शांति सैनिक की मौत हो गई और एक अन्य शांति सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया।
इस्राइल सेना ने अपनी एक बटालियन को किया निलंबित
इस्राइली सेना ने एक बटालियन को निलंबित कर दिया है। इस बटालियन के सैनिकों ने कथित तौर पर इस्राइल नियंत्रित वेस्ट बैंक में सीएनएनकी टीम पर हमला किया था। इस्राइल की ओर से सैनिकों को दंड देने का यह दुर्लभ मामला है।
सेना ने सोमवार को घोषणा की कि नेत्जाह येहुदा बटालियन को निलंबित किया गया है, क्योंकि पिछले हफ्ते सैनिकों को सीएनएन टीम पर हमला करते हुए फिल्माया गया था।
नेत्जाह येहुदा एक अति परंपरावादी सैनिकों की इकाई है, जिसे पहले भी फलस्तीनी नागरिकों के प्रति दुर्व्यवहार से जोड़कर देखा जाता रहा है। 2022 में बटालियन की हिरासत के दौरान एक 78 वर्षीय फलस्तीनी अमेरिकी की मौत हो गई थी। उस मामले में अमेरिकी सरकार की तीखी प्रतिक्रिया के बाद इस्राइली सेना ने घटना को 'गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और एक अधिकारी को फटकार लगाई और दो अन्य को फिर से नियुक्त किया। उसी साल इस इकाई को वेस्ट बैंक से हटा दिया गया।
ट्रंप की नीतयों की जमकर सराहना
2015 में लगभग 10 लाख लोग शरण लेने के लिए यूरोपीय देशों में पहुंचे थे। वॉन डेर लेयेन ने कहा, हमने अतीत से सबक सीखा है। आज हम बेहतर ढंग से तैयार हैं। प्रवासन और शरण समझौते के रूप में जानी जाने वाली ये नई नीतियां 12 जून से प्रभावी होंगी। यूरोप में धुर दक्षिणपंथी दलों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की निर्वासन नीतियों की प्रशंसा की है।