अटलांटिक महासागर में चल रहे क्रूज जहाज एमवी होंडियस पर फैले घातक हंटावायरस संक्रमण के बीच दो और यात्रियों में वायरस की पुष्टि हुई है। इनमें एक फ्रांसीसी महिला और एक अमेरिकी यात्री शामिल हैं। इस जहाज पर अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य यात्रियों को अलग-अलग देशों में क्वारंटीन में रखा गया है। रविवार से जहाज के यात्रियों को स्पेन के कैनरी द्वीप से सैन्य और सरकारी विमानों के जरिए उनके देशों में भेजा जा रहा है। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी पूरी सुरक्षा किट और मास्क पहनकर यात्रियों को जहाज से बाहर ले जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, जहाज पर हंटावायरस के छह संदिग्ध या पुष्ट मामले सामने आए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों के लिए खतरा फिलहाल कम है।
फ्रांस की स्वास्थ्य मंत्री स्टेफनी रिस्ट ने बताया कि फ्रांसीसी महिला की हालत अस्पताल में बिगड़ गई है। वह रविवार को पेरिस पहुंची थी और उड़ान के दौरान उसमें लक्षण दिखाई देने लगे थे। दूसरी ओर अमेरिका ले जाए गए यात्रियों में से एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, हालांकि उसमें अभी कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं। अमेरिका पहुंचे 16 यात्रियों को नेब्रास्का मेडिकल सेंटर के विशेष क्वारंटीन केंद्र में रखा गया है। यहां डॉक्टर यह जांच कर रहे हैं कि कौन-कौन संक्रमित लोगों के संपर्क में आया था। एक अन्य अमेरिकी दंपती को अटलांटा के एमोरी यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनमें से एक को हल्के लक्षण हैं।
नीदरलैंड में सत्ताधारी पार्टी के दफ्तर पर बम हमला, आतंकवादी मंशा का आरोप
नीदरलैंड की राजधानी हेग में सत्ताधारी पार्टी D66 के मुख्यालय पर हुए बम हमले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। अधिकारियों ने कहा है कि इस मामले में गिरफ्तार 37 वर्षीय आरोपी पर आतंकवादी मंशा से हमला करने का आरोप लगाया गया है। अदालत ने आरोपी को दो सप्ताह की अतिरिक्त हिरासत में भेज दिया है। यह धमाका 8 मई को उस समय हुआ जब एक व्यक्ति ने पार्टी कार्यालय के लेटर बॉक्स के जरिए बम अंदर फेंक दिया। उस समय इमारत में पार्टी की युवा शाखा के लगभग 30 सदस्य बैठक कर रहे थे। धमाके से वहां अफरा-तफरी मच गई, लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
डच प्रधानमंत्री रोब जेट्टेन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से नेताओं को डराने की कोशिश बेकार है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, किसी राजनीतिक दल के कार्यालय को निशाना बनाना लोगों में भय पैदा करता है, इसलिए इसे आतंकवादी गतिविधि माना गया है। गौरतलब है कि पिछले एक साल में यह दूसरी बार है जब इस कार्यालय को निशाना बनाया गया। इससे पहले सितंबर में भी चुनावों से पहले हिंसक प्रदर्शन के दौरान दफ्तर में तोड़फोड़ की गई थी।
अमेरिका में सामूहिक गोलीबारी का आरोपी किशोर गिरफ्तार
अमेरिका के आयोवा सिटी में पिछले महीने हुई सामूहिक गोलीबारी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अमेरिकी मार्शलों ने 17 वर्षीय आरोपी डामारियन एम. जोन्स को जॉर्जिया के अटलांटा के पास गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पांच लोगों की हत्या की कोशिश समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, 19 अप्रैल की रात यूनिवर्सिटी ऑफ आयोवा के पास स्थित एक व्यस्त इलाके में बड़ी लड़ाई हुई थी। वहां कई दुकानें, बार और रेस्टोरेंट मौजूद हैं। इसी दौरान आरोपी ने भीड़ की ओर छह गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गया।
इस गोलीबारी में पांच लोग घायल हुए थे। एक व्यक्ति के सिर में गोली लगी, जबकि अन्य लोगों के हाथ, पैर, छाती और पेट में गोलियां लगीं। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में से एक अब भी अस्पताल में भर्ती है। आरोपी को फिलहाल जॉर्जिया की जेल में रखा गया है और जल्द ही उसे आयोवा लाया जाएगा। पुलिस ने अभी यह नहीं बताया है कि आरोपी को कैसे पकड़ा गया। मामले की जांच जारी है और पुलिस इस हमले के पीछे की पूरी साजिश पता लगाने में जुटी है।
ट्रंप प्रशासन ने सार्वजनिक जमीन संरक्षण से जुड़ा बड़ा नियम खत्म किया
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए उस नियम को खत्म कर दिया है, जिसमें सार्वजनिक जमीनों के संरक्षण को विकास कार्यों के बराबर महत्व दिया गया था। यह नियम पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में 2024 में लागू किया गया था। इस नियम के तहत सरकारी जमीनों को पर्यावरण संरक्षण और बहाली के लिए भी लीज पर दिया जा सकता था, ठीक वैसे ही जैसे तेल कंपनियों को ड्रिलिंग के लिए जमीन दी जाती है। लेकिन ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इससे ऊर्जा उत्पादन, लकड़ी उद्योग और पशुपालन पर असर पड़ रहा था।
अमेरिकी गृह मंत्री डौग बर्गम ने कहा कि यह नियम लाखों एकड़ जमीन तक उद्योगों की पहुंच रोक सकता था। रिपब्लिकन नेताओं और उद्योग समूहों ने भी इसका विरोध किया था। अमेरिका की बड़ी सरकारी जमीनें अलास्का, कैलिफोर्निया, यूटा और वायोमिंग जैसे राज्यों में फैली हैं। ट्रंप प्रशासन अब इन इलाकों में तेल, गैस, खनन और लकड़ी उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कदम उठा रहा है।
नेपाल:भारत की सहायता से बनने वाले स्कूल की रखी नींव
नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत के कैलाली जिले में सोमवार को सिद्धनाथ माध्यमिक विद्यालय के निर्माण कार्य का शुभारंभ हुआ। काठमांडो स्थित भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव नारायण सिंह ने स्कूल की आधारशिला रखी। भारत सरकार इस सामुदायिक विकास परियोजना के लिए 3.6 करोड़ नेपाली रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। यह परियोजना नेपाल के विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पाकिस्तान: खाई में गिरी वैन शादी में जा रहे 11 की मौत
उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के स्वात जिले में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई। मलम जबा के पहाड़ी इलाके में शादी समारोह में जा रही एक वैन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। बचाव अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में दूल्हे की मां सहित कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बचाव अभियान शुरू किया, जिसके बाद घायलों को सैदू शरीफ अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने की जांच शुरू कर दी है।
समुद्री सहयोग बढ़ाने बांग्लादेश पहुंचा भारतीय जहाज सागर
समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए इंडियन ओशन शिप सागर शुक्रवार को बांग्लादेश के चटगांव बंदरगाह पहुंचा। भारतीय नौसेना के अनुसार, इस दो दिवसीय दौरे का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर संबंधों और परिचालन समन्वय को बढ़ावा देना है। चटगांव पहुंचने पर बांग्लादेशी युद्धपोत बीएनएस अली हैदर ने भारतीय जहाज का स्वागत किया। कमांडिंग ऑफिसर सिद्धार्थ चौधरी ने चटगांव बंदरगाह प्राधिकरण के अध्यक्ष से की आपसी हितों पर चर्चा की।
ऑस्ट्रेलिया ने बीएलए को घोषित किया आतंकवादी संगठन
बलोच वरिष्ठ नेता मीर यार बलोच ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) को आतंकी संगठन घोषित करने के ऑस्ट्रेलिया के फैसले का विरोध किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सरकार को चुनौती दी कि वह उनके हितों पर बलोच हमले का कोई भी सबूत पेश करें। मीर यार बलोच ने आरोप लगाया कि यह प्रतिबंध पाकिस्तान द्वारा की जारी घेराबंदी और गलत सूचनाओं का परिणाम है। उन्होंने भारत सहित वैश्विक समुदाय से बलोच राष्ट्र से राजनियक संबंध स्थापित करने की अपील की।
भगोड़े राणा के प्रत्यर्पण में सहयोग के लिए पुर्तगाल का जताया आभार
भारत ने भगोड़े अभय राणा के सफल प्रत्यर्पण में सहयोग के लिए पुर्तगाल का आभार जताया है। सरकार ने इसे विदेशों में रह रहे वांछित अपराधियों को वापस लाने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। रंगदारी, आपराधिक धमकी और हत्या के प्रयास सहित कई मामलों में हरियाणा पुलिस के लिए वांछित राणा को ‘इंटरपोल रेड नोटिस’ जारी होने के बाद भारत-पुर्तगाल में द्विपक्षीय प्रत्यर्पण समझौते के तहत शनिवार को पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था। पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी बयान में कहा गया कि भारत, राणा के सफल प्रत्यर्पण में सहयोग और समर्थन के लिए पुर्तगाल तथा वहां की कानून प्रवर्तन एजेंसियों का आभार व्यक्त करता है।
साइबर हमले की बड़ी साजिश नाकाम
गूगल ने सोमवार को बताया कि उसने आपराधिक गिरोह द्वारा एआई के जरिये किसी अन्य कंपनी की अज्ञात डिजिटल खामी का फायदा उठाने की कोशिश को नाकाम कर दिया है। तकनीकी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि एआई-संचालित साइबर हमलों का युग शुरू हो चुका है। हाल ही में एंथ्रोपिक के मायथोस मॉडल जैसे एआई टूल्स ने सुरक्षा खामियों को खोजने की क्षमता बढ़ा दी है।
भारत के साथ रेल संपर्क और सीमा प्रबंधन पर फोकस बढ़ाएगा नेपाल
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सोमवार को संघीय संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया और आगामी वित्त वर्ष के लिए सरकार की नीतियां और कार्यक्रम पेश किए। अपने संबोधन में उन्होंने भारत-नेपाल कनेक्टिविटी, सीमा प्रबंधन और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।
राष्ट्रपति ने किसी देश का नाम लिए बैगर कहा कि कूटनीतिक बातचीत के जरिये सीमा विवाद का हल निकाला जाएगा। उल्लेखनीय है कि नेपाल का भारत के साथ लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी क्षेत्र को लेकर विवाद है। वह उत्तराखंड के इन क्षेत्रों को अपना बताता है। राष्ट्रपति ने कहा कि पूर्व-पश्चिम विद्युत रेलमार्ग निर्माण परियोजना को निरंतरता दी जाएगी।
बिहार के रक्सौल से काठमांडो तक प्रस्तावित रेलमार्ग और चीन के केरुङ से काठमांडो रेल परियोजना के निवेश मॉडल सहित विभिन्न विषयों पर अध्ययन आगे बढ़ाया जाएगा। नेपाल सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय संपर्क और व्यापारिक संबंधों को मजबूती मिलेगी।
मालदीव ने पांच करोड़ डॉलर के टी-बिल का किया भुगतान
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने घोषणा की कि मालदीव ने भारत को 5 करोड़ डॉलर के ट्रेजरी बिल का भुगतान कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य देश के बाहरी ऋण बोझ को कम करना है। भारत ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) द्वारा सब्सक्राइब किए गए ट्रेजरी बिलों (टी-बिल) के जरिये मालदीव को वित्तीय मदद दी थी। मुइज्जू ने कहा, पिछली सरकार ने बजट घाटे को पाटने के लिए 2019 में एसबीआई को ट्रेजरी बिल जारी किए गए थे। मुइज्जू ने कहा, पिछली सरकार के अनुरोध पर परिपक्वता पर भुगतान करने के बजाय इन बिलों को वार्षिक रूप से रोलओवर किया जाता था। नई सरकार ने जनवरी 2024 में 5 करोड़ डॉलर के टी-बिल का भुगतान कर दिया और सोमवार को दूसरे का भुगतान कर दिया।
ट्रंप के 'ब्लू रिफ्लेक्टिंग पूल' प्रोजेक्ट पर विवाद
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक नई परियोजना विवादों में घिर गई है। वॉशिंगटन स्थित गैर-लाभकारी संस्था सांस्कृतिक लैंडस्केप फाउंडेशन ने अदालत में मुकदमा दायर कर ट्रंप प्रशासन से लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल के रंग बदलने का काम रोकने की मांग की है। संस्था का आरोप है कि ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण से जुड़े नियमों का पालन किए बिना पूल के तल को 'अमेरिकन फ्लैग ब्लू' रंग से रंगा जा रहा है। यह पूल वॉशिंगटन मॉन्यूमेंट और लिंकन मेमोरियल के बीच स्थित है और अमेरिका की पहचान माने जाने वाले स्थानों में शामिल है। संस्था के प्रमुख चार्ल्स बिरनबाम ने कहा कि नीले रंग का यह बदलाव किसी थीम पार्क जैसा लगता है और इससे स्मारक की गंभीरता प्रभावित होगी।
ट्रंप ने पहले इस इलाके को गंदा बताया था और खुद इस परियोजना में रुचि दिखाई थी। हाल ही में उनका काफिला खाली कराए गए और दोबारा रंगे गए पूल के ऊपर से भी गुजरा। ट्रंप ने कहा कि यह सिर्फ पेंट नहीं बल्कि आधुनिक तकनीक से किया गया काम है और इसका अंतिम परिणाम बेहद सुंदर होगा। हालांकि अब इस परियोजना को लेकर कानूनी लड़ाई तेज हो गई है।
चीनी सरकार के लिए काम करने के आरोप में अमेरिकी मेयर का इस्तीफा
दक्षिणी कैलिफोर्निया के शहर आर्केडिया की मेयर एलीन वांग ने चीनी सरकार के लिए अवैध एजेंट के रूप में काम करने के आरोपों के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार वांग ने चीन सरकार के हितों को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका में बिना अनुमति काम किया और अब उन्होंने दोष स्वीकार करने पर सहमति जताई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने चीन समर्थक लेख और प्रचार सामग्री साझा की। संघीय अधिकारियों के मुताबिक इस अपराध में अधिकतम 10 साल की जेल हो सकती है। वांग 2022 में नगर परिषद के लिए चुनी गई थीं और बाद में मेयर बनीं।
जांच में सामने आया कि उन्होंने अपने सहयोगी याओनिंग माइक सन के साथ मिलकर 'यूएस न्यूज सेंटर' नाम की वेबसाइट चलाई, जिसमें चीन समर्थक सामग्री प्रकाशित की जाती थी। माइक सन पहले ही इसी मामले में दोषी मानते हुए चार साल की सजा पा चुके हैं। वांग के वकीलों ने कहा कि उन्होंने अपनी 'व्यक्तिगत गलतियों' की जिम्मेदारी स्वीकार की है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और चीन के रिश्तों में पहले से तनाव बना हुआ है।
त्रिनिदाद में खुला जयपुर फुट केंद्र, जयशंकर बोले- सम्मान और उम्मीद का उपहार
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने त्रिनिदाद और टोबैगो में 'जयपुर फुट प्रोस्थेटिक सेंटर' का उद्घाटन किया। यह स्थायी केंद्र घुटने के नीचे पैर गंवा चुके लोगों को कृत्रिम पैर उपलब्ध कराएगा और पूरे कैरेबियाई क्षेत्र के दिव्यांग लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इस केंद्र की स्थापना गैर-लाभकारी संस्था जयपुर फुट यूएसए ने की है। उद्घाटन के दौरान त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला पर्सद-बिसेसर भी मौजूद रहीं। जयशंकर ने इसे 'गतिशीलता और सम्मान का उपहार' बताया।
संस्था की ओर से 600 कृत्रिम पैर उपलब्ध कराए जाएंगे और जयपुर से विशेषज्ञ भेजकर स्थानीय तकनीशियनों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। पिछले साल पोर्ट ऑफ स्पेन में आयोजित 50 दिन के जयपुर फुट शिविर में 800 से अधिक लोगों को लाभ मिला था।
ट्रंप का सालाना मेडिकल चेकअप 26 मई को, सैनिकों से भी करेंगे मुलाकात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 26 मई को वॉल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर जाएंगे। व्हाइट हाउस ने जानकारी दी है कि इस दौरे पर ट्रंप अपना सालाना मेडिकल और डेंटल चेकअप कराएंगे। यह उनकी नियमित स्वास्थ्य देखभाल का हिस्सा है। जांच के साथ-साथ ट्रंप वहां तैनात सैनिकों और कर्मचारियों से मिलकर देश के प्रति उनकी सेवा और समर्पण की सराहना करेंगे।
मैरीलैंड के बेथेस्डा में स्थित यह अस्पताल अमेरिकी सेना का प्रमुख केंद्र है, जहां राष्ट्रपतियों और बड़े अधिकारियों का इलाज होता है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि ट्रंप वहां कितनी देर रुकेंगे और क्या उनकी मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। अमेरिका में राष्ट्रपति की सेहत हमेशा चर्चा का विषय रहती है क्योंकि इससे उनकी फिटनेस का पता चलता है।
पिछले साल की रिपोर्ट में ट्रंप को पूरी तरह स्वस्थ बताया गया था। उनके हृदय और अन्य स्वास्थ्य मानक स्थिर थे। उस समय उन्हें फ्लू का टीका और कोविड बूस्टर डोज भी दी गई थी। ट्रंप खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट बताते रहे हैं। व्हाइट हाउस इन दिनों सेना और पूर्व सैनिकों के समर्थन पर विशेष जोर दे रहा है। ट्रंप भी लगातार सैन्य तैयारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा की वकालत करते रहे हैं।