फिलीपींस में फेरी हादसे में मृतकों का आकड़ा पहुंचा 35
फिलीपींस में बुधवार रात एक यात्री फेरी में लगी भीषण आग से मरने वालों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है। हादसा दक्षिण-पश्चिमी पलावन प्रांत में कोरोन के पास हुआ। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। एक जीवित बचे यात्री अर्नुल्फो नोक्की विलानुएवा ने बताया कि लोग घबराकर एक-दूसरे पर चढ़ रहे थे। वह लाइफ जैकेट लेने की कोशिश में गिर गए और उनकी पीठ झुलस गई। बाद में उन्होंने खिड़की से छलांग लगाकर जान बचाई। रेस्क्यू टीमों ने शुक्रवार को फेरी के जले हुए हिस्सों से कई और शव बरामद किए। तेज गर्मी और धुएं के कारण जहाज के अंदर तलाशी अभियान में मुश्किलें आईं। हादसे के बाद 54 लोग अब भी लापता हैं, जबकि 43 यात्रियों को बचा लिया गया है। फेरी में कुल 134 लोग सवार थे, जिनमें 117 यात्री और 17 चालक दल के सदस्य थे। जहाज मनीला से रवाना हुआ था और कोरोन पहुंचने से करीब 7.4 किलोमीटर पहले आग की चपेट में आया। आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। फिलीपींस में समुद्री हादसे पहले भी खराब रखरखाव और सुरक्षा नियमों के कमजोर पालन के कारण होते रहे हैं।
पाकिस्तान ने वीजा के बावजूद 92 सिखों को भारत जाने से रोका
उत्तराखंड स्थित श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए भारत आ रहे 92 पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को शुक्रवार को फैसलाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारत जाने वाली अप्रत्यक्ष उड़ान में सवार होने से रोक दिया गया। पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के अनुसार श्रद्धालु भारत जाने के लिए फैसलाबाद एयरपोर्ट पहुंचे थे लेकिन उन्हें गल्फ जाने वाली एयरलाइन की उड़ान में सवार होने से रोक दिया गया। अधिकारियों ने उनसे पाकिस्तान सरकार की एनओसी और वापसी का टिकट मांगा। दोनों दस्तावेज देने के बाद ही आगे जाने की अनुमति देने की बात कही गई। श्रद्धालुओं ने दिल्ली की एक गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के माध्यम से खुद भारतीय वीजा हासिल किए थे।
रूस के हमलों में यूक्रेन में तीन की मौत
रूस के ताजा हवाई हमलों में यूक्रेन में कम से कम तीन नागरिकों की मौत और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, 'रूस ने शनिवार को ड्रोन और मिसाइलों से कई शहरों को निशाना बनाया। जपोरिज्जिया में रूसी ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत और एक व्यक्ति घायल हुआ, जबकि क्रिवी रीह में एक व्यक्ति की मौत और तीन लोग घायल हुए। काला सागर के बंदरगाह शहर ओडेसा और आसपास के इलाकों में हुए बड़े हमले में 28 लोग घायल हुए। हमले में एक रिहायशी ऊंची इमारत भी क्षतिग्रस्त हुई, जिसकी ऊपरी मंजिलें पूरी तरह नष्ट हो गईं। इस बीच, भारत में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी कि यदि यूरोपीय देश यूक्रेन में सैनिक भेजते हैं, तो इसे रूस के साथ युद्ध माना जाएगा। हालांकि, उन्होंने यूरोप के लिए रूस की ओर से किसी खतरे से इनकार किया। वहीं, पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने यूक्रेन की यूरोपीय सीमा चौकियों पर हालिया घटनाओं को रूस की संभावित बढ़ती उकसावे वाली कार्रवाई का संकेत बताया।'
पुतिन की यूरोप को चेतावनी, यूक्रेन में सैनिक भेजे तो रूस से होगा युद्ध
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों को यूक्रेन में सैनिक भेजने को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। भारत में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर यूरोपीय सरकारें यूक्रेन में सैनिक भेजने पर आगे बढ़ती हैं तो इसका मतलब रूस के साथ युद्ध होगा। कुछ यूरोपीय नेताओं ने संभावित शांति सेना भेजने के लिए समर्थन जताया है, लेकिन रूस लगातार इसका विरोध करता रहा है। पुतिन ने यह भी कहा कि रूस से यूरोप को कोई खतरा नहीं है और रूस यूरोपीय देशों को धमकी नहीं देता तथा न ही ऐसा करने का इरादा रखता है। वहीं पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने यूक्रेन की यूरोपीय सीमा पर रूस की संभावित गतिविधियों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की सीमा से जुड़े हालिया घटनाक्रम आगे बढ़ने वाले रूसी उकसावे का संकेत हो सकते हैं।
ब्रिटेन में भारतीय कामगार संघ ने मनाई 70वीं वर्षगांठ, अधिकारों की लड़ाई को किया याद
ब्रिटेन के साउथहॉल में इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन ने अपनी स्थापना के 70 साल पूरे होने पर वर्षगांठ मनाई। संगठन की स्थापना 1956 में हुई थी और उसने मजदूरों के अधिकार, सामाजिक न्याय, समानता और स्थानीय समुदायों के कल्याण के लिए लंबे समय तक काम किया है। वर्षगांठ कार्यक्रम में हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्यों, सांसदों, पार्षदों, अलग-अलग राजनीतिक दलों के मेयर, सामुदायिक प्रतिनिधियों और संगठन के समर्थकों ने हिस्सा लिया। संगठन ने भारतीय और प्रवासी समुदायों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाई और कार्यस्थल पर शोषण, नस्लवाद तथा भेदभाव के खिलाफ अभियान चलाए। अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि 70वीं वर्षगांठ संगठन के उस योगदान की पहचान है, जिसमें अधिकार और न्याय हासिल करने के साथ ब्रिटेन और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करने का काम किया गया। महासचिव कृष्ण सरदा ने कहा कि संगठन का इतिहास अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और उसे स्वीकार न करने की प्रतिबद्धता दिखाता है। साउथहॉल में पिछले सात दशकों में बड़ा बदलाव आया है और संगठन इस बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।