नेपाल में एक और आपदा की आहट, भीषण बाढ़ की चेतावनी
जलप्रलय की मार से उबरने की जद्दोजहद में लगे पड़ोसी देश नेपाल में एक और आपदी की आशंका है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक बूढ़ी गंडकी नदी के चुमानुमी ग्रामीण नगरपालिका-6 की तरफ से भीषण बाढ़ आ रही है। बाढ़ के गुजरने तक त्रिशुली दोभान तक नदी के पास नहीं जाने की अपील की गई है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से ऊंचे स्थानों और सुरक्षित ठिकानों पर रहने की अपील की गई है।
मक्का-मदीना छोड़ सभी एयरपोर्ट निशाने पर
हूती विद्रोहियों ने यात्रियों और एयरलाइंस से सऊदी एयरस्पेस का इस्तेमाल न करने को कहा है। यह चेतावनी राजधानी रियाद के हवाई अड्डे पर हुए हमले के बाद दी गई है। उन्होंने ये भी कहा कि मक्का और मदीना को छोड़कर सऊदी के सभी एयरपोर्ट उनके ऑपरेशन के दायरे में हैं। शनिवार को हुए उस हमले में 12 लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हो गए थे।
हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट के जरिए ये धमकी दी है। उन्होंने कहा, "यमन की सेना सभी एविएशन और नेविगेशन कंपनियों, विशेषज्ञों, कर्मचारियों, वर्करों और यात्रियों को सऊदी अरब के हवाई अड्डों और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल न करने की चेतावनी दोहराती है।" इसके साथ ही मुसलमानों के दो पवित्र स्थलों मक्का-मदीना को इस दायरे में न लाने की भी बात कही। उन्होंने आगे कहा, " मक्का अल-मुकर्रमा और मदीना अल-मुनव्वरा के हवाई अड्डों को छोड़कर, बाकी सभी हवाई अड्डे और हवाई क्षेत्र हमारे हमलों के निशाने पर हैं और हमारी सेना के लिए ऑपरेशन का इलाका हैं।"
सरी ने अपनी चेतावनियों को गंभीरता से लेने का आग्रह करते हुए कहा कि किसी भी हमले को रोकने में विफलता के लिए सऊदी अरब जिम्मेदार होगा।
अंत में अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा, "सशस्त्र बल अपने मकसद हासिल करने तक तय नियमों पर कायम रहेगा। हम हवाई अड्डे के बदले हवाई अड्डा, घेराबंदी के बदले घेराबंदी और तनाव बढ़ाने के बदले तनाव बढ़ाने की नीति पर अड़े रहेंगे।"
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगातार हमले हो रहे हैं। शनिवार (10 अक्टूबर) को हुए धमाके में 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए। कुछ घायलों की हालत गंभीर है। धमाके के बाद एयरपोर्ट खाली कराया गया और उड़ानें रोक दी गईं। बीते 24 घंटे में एयरपोर्ट की करीब 225 उड़ानें रद्द कर दी गईं।
रूस की लैब में कर्मचारी की मौत का कारण अब तक स्पष्ट नहीं, WHO ने जांच जारी रखने को कहा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शनिवार को कहा कि रूस की एक प्रयोगशाला में काम करने वाले युवक की मौत का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। यह लैब प्लेग और दूसरी बीमारियों पर काम करती है।WHO के मुताबिक, शुरुआती रिपोर्टों में मौत की वजह न्यूमोनिक प्लेग होने की आशंका जताई गई थी, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। यह बीमारी फेफड़ों को गंभीर रूप से प्रभावित करती है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है। समय पर बीमारी का पता चलने और इलाज मिलने पर ठीक होने की संभावना अधिक रहती है। WHO ने मामले की जांच जारी रखने की जरूरत बताई है। संगठन के अनुसार, रूस के स्वास्थ्य अधिकारियों ने 5,500 से अधिक जांच की हैं, लेकिन किसी खतरनाक रोगाणु के सबूत नहीं मिले। WHO ने कहा कि मौत के कारण का भरोसेमंद आकलन करने के लिए और चिकित्सकीय, महामारी संबंधी और प्रयोगशाला जानकारी जरूरी है। रूस ने दूसरे मामले की खबरों को भी खारिज किया है।
अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में गोलीबारी, संदिग्ध समेत नौ लोगों की मौत
अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य के एरी शहर में हुई गोलीबारी में संदिग्ध हमलावर समेत नौ लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। हालांकि, अधिकारियों ने घटना से जुड़ी अन्य जानकारियां साझा नहीं की हैं। एरी के पुलिस प्रमुख रिक लोराह ने एक स्थानीय न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि अपने 28 साल से अधिक के करियर में उन्होंने ऐसी घटना नहीं देखी। उन्होंने कहा कि शहर में इतने लोगों की मौत और इतनी बड़ी तबाही का सामना शायद पहले कभी नहीं करना पड़ा। इस घटना के बाद पेंसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो ने शनिवार को एरी की मेयर डारिया डेविलिन को हर संभव मदद देने की पेशकश की। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन इस मुश्किल समय में शहर को पूरा सहयोग देगा। एरी शहर पिट्सबर्ग से करीब 188 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। फिलहाल, घटना को लेकर अधिकारियों ने इससे अधिक जानकारी नहीं दी है।