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अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां: रियाद के लिए इंडिगो की उड़ानें 31 अक्तूबर तक रद्द; अलास्का सीनेट चुनाव से पहले मुकदमा

Sat, 24 Oct 2026 01:10 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
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विदेश की खास समाचार सुर्खियां - फोटो : अमर उजाला
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सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को बताया कि भारतीय एयरलाइन इंडिगो ने क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं के चलते सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानों का रद्दीकरण आगे बढ़ा दिया है। दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि रियाद आने-जाने वाली इंडिगो की उड़ानें 31 अक्तूबर तक रद्द रहेंगी, जबकि जेद्दा, दम्माम और मदीना आने-जाने वाली उड़ानें 27 अक्तूबर तक रद्द रहेंगी। अन्य भारतीय एयरलाइनों ने भी पहले सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानों का निलंबन आगे बढ़ाया था। एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने सभी रूटों पर 24 अक्तूबर तक उड़ानें निलंबित कर दी हैं। अकासा एयर ने जेद्दा आने-जाने वाली उड़ानों का निलंबन 10 नवंबर तक और रियाद आने-जाने वाली उड़ानों का निलंबन 30 नवंबर तक बढ़ा दिया है। दूतावास ने पहले कहा था कि जिन भारतीय नागरिकों को तुरंत वापस जाना है, वे बहरीन, कुवैत या कतर के रास्ते जाने पर विचार कर सकते हैं, बशर्ते उनके पास जरूरी वीजा हों। सऊदी अरब में करीब 27.4 लाख भारतीय रहते हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हैं।

डेमोक्रेटिक उम्मीदवार की जीत को रोकने के लिए मुकदमा

अमेरिका के न्याय विभाग ने अलास्का सीनेट चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार की संभावित जीत को रोकने के लिए संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया है।ट्रंप प्रशासन ने इस बात पर आपत्ति जताई है कि मतपत्र पर एक जैसे नाम वाले दो उम्मीदवार होने के कारण मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। रिपब्लिकन पार्टी के मौजूदा सांसद डैन एस. सुलिवन इस कड़े मुकाबले में डेमोक्रेटिक पार्टी की मेरी पेल्टोला के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। न्याय विभाग का यह मुकदमा एंकोरेज की संघीय अदालत में दायर किया गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि चुनाव में तीसरे उम्मीदवार के रूप में खड़े डैन जे. सुलिवन जूनियर का उद्देश्य मतदाताओं को भ्रमित करना है। मुकदमे में अदालत से अनुरोध किया गया है कि यदि इस भ्रम के कारण चुनाव परिणाम प्रभावित होते हैं, तो परिणामों के प्रमाणन को रोका जाए और यह जांच की जाए कि डैन जे. सुलिवन को मिले वोट वास्तव में किसके लिए थे। दूसरी ओर, चुनाव कानून के जानकारों ने न्याय विभाग के इस मुकदमे की आलोचना करते हुए इसे केवल एक पब्लिसिटी स्टंट करार दिया है। वहीं, डैन जे. सुलिवन ने मीडिया साक्षात्कारों में इस बात से इनकार किया है कि उनका मकसद मतदाताओं को भ्रमित करना या वोट काटना है। अलास्का के सर्वोच्च न्यायालय ने जून में ही उन्हें चुनाव मैदान में उतरने की अनुमति दे दी थी।

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