अफ्रीकी देश मोजांबिक के उत्तरी निआसा प्रांत में पिछले सप्ताह एक शिकार शिविर पर हुए विद्रोही हमले में दक्षिण अफ्रीका के 30 वर्षीय नागरिक समेत करीब 15-20 मोजांबिकन श्रमिकों के अपहरण की खबर है। दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इसकी पुष्टि की। मंत्रालय के अनुसार, हमले के दौरान वन्यजीव रिजर्व में काम कर रहे पांच दक्षिण अफ्रीकी नागरिकों में से एक को अगवा किया गया। अन्य चार की स्थिति स्पष्ट नहीं है। माना जा रहा है कि हमला इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकवादियों ने किया। मोजांबिक पुलिस के मुताबिक, हमले में कम से कम 11 लोगों, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, को अगवा किया गया, जबकि एक व्यक्ति की मौत हुई और दूसरा घायल हुआ। हमलावरों ने शिकार शिविर में लूटपाट कर आग लगा दी और स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस चौकी व दूरसंचार टावर को भी नुकसान पहुंचाया। हमले के बाद हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए।
इस्राइल ने यरुशलम में ब्रिटिश दूतावास बंद किया
इस्राइल ने मंगलवार को यरुशलम में ब्रिटेन के वाणिज्य दूतावास को बंद करने का एलान किया। यह फैसला वेस्ट बैंक में इस्राइली बस्तियों को लेकर ब्रिटेन की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में लिया गया है। ब्रिटेन ने वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों के खिलाफ इस्राइली बस्तियों के निवासियों की हिंसा को लेकर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों में अहम भूमिका निभाई थी।
इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने ब्रिटेन के विदेश मंत्री के बयान पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोपों को ‘बेतुका झूठ’ बताते हुए ब्रिटेन के कदम को इस्राइल के आंतरिक मामलों में दखल करार दिया। सार ने बताया कि पूर्वी यरुशलम स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास अब बंद किया जाएगा। यह दूतावास वेस्ट बैंक में फलस्तीनी प्राधिकरण से जुड़ा हुआ है।
इसके अलावा इस्राइल ने ब्रिटेन को गाजा के लिए अमेरिका की अगुवाई वाले समन्वय मिशन में हिस्सा लेने से भी रोक दिया है। इस्राइल ने 12 ब्रिटिश अधिकारियों के देश में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। यह घटनाक्रम इस्राइल में 27 अक्तूबर को होने वाले चुनाव से कुछ समय पहले सामने आया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू चुनाव प्रचार में वेस्ट बैंक की बस्तियों के समर्थन को प्रमुख मुद्दा बना रहे हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे श्रीलंका, द्विपक्षीय और रक्षा संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंच गए हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों पड़ोसी देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा साझेदारी और आपसी रणनीतिक सहयोग को और अधिक मजबूत करना है। अपने दौरे के दौरान वे श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही, वे दोनों देशों के बीच सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और साझा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे।
अपनी इस यात्रा को लेकर रक्षा मंत्री ने कहा कि श्रीलंका भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी प्रथम) नीति और 'महासागर' विजन में एक बेहद महत्वपूर्ण भागीदार है। वहीं, श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने बताया कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में काफी मजबूती आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरे को केवल रक्षा या सुरक्षा तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास, व्यापार, ऊर्जा और डिजिटल क्षेत्र में बढ़ रहे गहरे राजनीतिक और रणनीतिक संबंधों का हिस्सा है।
दो दिन से बंद इंडोनेशियाई एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाएं फिर शुरू
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में ज्वालामुखी की राख के कारण दो दिन से बंद हवाईअड्डों पर मंगलवार तड़के उड़ान सेवाएं फिर शुरू हो गईं। अनक क्राकाटोआ में विस्फोट के बाद जकार्ता के सोएकार्नो-हट्टा और हलीम परदानाकुसुमा समेत कई एयरपोर्ट बंद किए गए थे। इससे करीब 2,961 उड़ानें प्रभावित हुईं, जिनमें 622 अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शामिल थीं और लगभग 3.41 लाख यात्री प्रभावित हुए। परिवहन मंत्री डुडी पुरवागंधी ने कहा कि हवा की दिशा लगातार बदल रही है, इसलिए एहतियात बरती जा रही है। कुछ अन्य हवाईअड्डे सुबह 10 बजे तक बंद रखे गए। अधिकारियों ने रनवे, टैक्सीवे और विमानों की सफाई व जांच के बाद संचालन बहाल किया। ज्वालामुखी अब भी सक्रिय है।