इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर माउंट सिनाबुंग ज्वालामुखी सोमवार को फट गया। इससे काले राख और धुएं का गुबार करीब 3,500 मीटर तक ऊपर उठा। फिलहाल किसी की मौत, निकासी या उड़ानों में बाधा की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने ज्वालामुखी के छह किलोमीटर के दायरे में लोगों को जाने से बचने की सलाह दी है। कई गांवों में सड़क, वाहन और इमारतें राख से ढक गईं।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को जी20 देशों के वित्त मंत्रियों के साथ ऐशविले बैठक की शुरुआत की। उनका एजेंडा वैश्विक आर्थिक विकास और बढ़ते कर्ज पर काबू पाना रहा, लेकिन अमेरिका के कनाडा जैसे प्रमुख सहयोगियों पर कड़े टैरिफ लगाने और ईरान के साथ छह महीने से जारी युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में तनाव ने बेसेंट के लिए हालात पेचीद बना दिये हैं।
हालांकि, इस दौरान बेसेंट ने कहा कि वह वैश्विक अर्थव्यवस्था को बढ़ाने और बढ़ते कर्ज पर लगाम लगाने के तरीकों पर ध्यान देना चाहते हैं। इससे पहले रविवार को बेसेंट ने आर्थिक बहिष्कृत अभियान के तहत एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाकर ईरान पर दबाव बढ़ाने की बात कही थी। इसे लेकर उन्होंने सोमवार को दावा किया कि ईरानी अर्थव्यवस्था कुछ हफ्तों या महीनों में दबाव में आ सकती है। इस बीच यूरोपीय संघ ने ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का समर्थन किया है, लेकिन फ्रांस के वित्त मंत्री रोलैंड लेस्क्योर ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के हालात अभी अनिश्चित और धुंधले हैं।
पूर्व अमेरिकी राजनयिक डैनियल फ्राइड ने अमेरिका को सहयोगियों से ईरान मुद्दे पर समर्थन पाने लिए अधिक सावधानी बरतने को कहा है। अमेरिका के लिए सबसे बड़ी चुनौती ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार चीन है। हालांकि,दोनों देश होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने पर राजी हैं, लेकिन बेसेंट ने साफ किया कि बीजिंग पर प्रतिबंध लगाने के सभी विकल्प खुले हैं। फिलहाल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर इकोनॉमिक डी-डे (बड़ी आर्थिक कार्रवाई) की चेतावनी पर अमल करने के बजाय उसके व्यापारिक साझेदारों पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है। बता दें कि जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की यह बैठक अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना प्रांत के ऐशविले शहर में 31 अगस्त से एक सितंबर तक चलेंगी।