नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया और उनके पुत्र राजा हाकॉन अष्टम बने। एपी ने यह जानकारी दी है।
कांगो में इबोला संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण शुरू
कांगो में इबोला के अब तक के सबसे घातक प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए गुरुवार से टीकाकरण अभियान शुरू किया गया। पूर्वी कांगो के त्शोपो प्रांत की राजधानी किसांगानी में स्वास्थ्य मंत्री रोजर काम्बा ने अभियान की शुरुआत की। सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों और इबोला मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों को Ervebo वैक्सीन दी जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार तक देश में इबोला के 5,713 पुष्ट मामले सामने आए हैं, जिनमें 2,744 लोगों की मौत हुई है। यह प्रकोप इटुरी, नॉर्थ किवु, साउथ किवु, त्शोपो, हॉट-उएले और बास-उएले समेत छह प्रांतों तक फैल चुका है। असुरक्षा, विस्थापन, स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल और लगातार आबादी के आवागमन से स्थिति और गंभीर बनी हुई है। इस प्रकोप का कारण बुंडिबुग्यो प्रकार का इबोला वायरस है, जबकि Ervebo दूसरे प्रकार के वायरस से बचाव के लिए स्वीकृत है। इसलिए इसका इस्तेमाल विशेष अनुमति के तहत किया जा रहा है। अभियान में वैक्सीन की प्रभावशीलता का भी अध्ययन किया जाएगा।
कैरिबियन देश हैती में गैंगवार, 47 लोगों की मौत
हैती में गैंग हिंसा के बीच सरकार और पुलिस पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पोर्ट-ओ-प्रिंस के पास केन्सकॉफ में हालिया गैंग हमले में 47 लोगों की मौत और 50 से अधिक लोगों के अपहरण के बाद नाराजगी बढ़ गई है। पुलिस ने बंधकों को छुड़ाने की रणनीति सार्वजनिक करने से इनकार किया है। हमले के कारण 2,600 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। इस बीच अमेरिका ने 50 से अधिक हैती नागरिकों को निर्वासित किया। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, गैंग हिंसा के कारण हैती में करीब 15 लाख लोग विस्थापित हैं और जनवरी-जून में 3,050 से अधिक लोगों की हत्या हुई।
नरसंहार के आरोपी पूर्व बोस्नियाई सर्ब सिपहसालार रात्को म्लादिच की जेल में मौत
यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे भीषण नरसंहार और युद्ध अपराधों का मुख्य आरोपी रहे पूर्व बोस्नियाई सर्ब सैन्य कमांडर रात्को म्लादिच (84 वर्ष) की गुरुवार को नीदरलैंड के द हेग स्थित एक अस्पताल में मौत हो गई। म्लादिच वर्ष 2017 में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के विशेष न्यायाधिकरण द्वारा युद्ध अपराधों व नरसंहार के लिए सुनाई गई उम्रकैद की सजा काट रहा था और वर्ष 2011 में अपनी गिरफ्तारी से पहले वह कई वर्षों तक फरार रहा था। उसने 1990 के दशक के बोस्नियाई गृहयुद्ध के दौरान राजधानी सारायेवो की क्रूर घेराबंदी करने और वर्ष 1995 में स्रेब्रेनिका में 8,000 से अधिक बेकसूर मुस्लिम पुरुषों व लड़कों के जनसंहार (यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहला घोषित नरसंहार) का नेतृत्व किया था। संयुक्त राष्ट्र की हिरासत में हुई म्लादिच की इस मौत पर पीड़ितों के परिजनों ने जहां गहरा दर्द और असंतोष व्यक्त किया है, वहीं बोस्नियाई सर्बों के बीच उसके प्रति अब भी संवेदना देखी जा रही है।