भारत में जन्मे अमेरिकी अरबपति विनोद खोसला के नेतृत्व वाले समूह ने 80,740 करोड़ रुपये में फुटबाल टीम खरीदी है। सैन फ्रांसिस्को 49ईआरएस समूह अमेरिका की नेशनल फुटबाल लीग (एनएफएल) की मौजूदा सुपर बाउल चैंपियन सिएटल सीहॉक्स टीम खरीद रहा है।
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इसके लिए समूह ने माइक्रोसॉप्ट के सह-संस्थापक पॉल जी. एलन के परिवार के साथ औपचारिक बिक्री समझौते पर शनिवार को हस्ताक्षर किए हैं। इस सौदे की शर्तों का खुलासा नहीं किया गया, लेकिन ईएसपीएन ने अज्ञात सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि बिक्री मूल्य 9.612 अरब डॉलर (80,740 करोड़ रुपये) था, जो किसी एनएफएल क्लब के लिए अब तक की सबसे बड़ी खरीद राशि है।
आईआईटी दिल्ली के एल्युमिनी हैं विनोद खोसला: विनोद खोसला का जन्म भारत के पुणे में 1955 में हुआ था। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी से बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री ली। साल 1982 में उन्होंने अपने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के दोस्तों के साथ मिलकर सन माइक्रोसिस्टम्स की शुरुआत की थी।
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ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर फ्रांस सख्त
फ्रांस ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह छोड़ने की घोषणा नहीं करता, तब तक उस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में कोई राहत नहीं दी जाएगी। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने सोमवार को कहा कि परमाणु कार्यक्रम जारी रहने की स्थिति में प्रतिबंध हटाने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने दोहराया कि फ्रांस, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच किसी भी संभावित समझौते से संतुष्ट हुए बिना संयुक्त राष्ट्र में प्रतिबंध हटाने का समर्थन नहीं करेगा। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि तेहरान ने हर वार्ता में जिम्मेदारी और सद्भावना के साथ भाग लिया है तथा हमेशा अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका अपने वादों का पालन नहीं करता, तो ईरान भी समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए बाध्य नहीं होगा। बाघेई ने यह भी कहा कि सरकार न्याय से जुड़े अपने मूलभूत सिद्धांतों पर कायम है।
नाइजीरिया में शख्स ने की अंधाधुंध फायरिंग, आठ की मौत
नाइजीरिया के उत्तरी मध्य इलाके में रविवार को एक अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शख्स ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई। घटना रविवार तड़के की है, जब नाइजीरिया के बेन्यू राज्य में ओतुकपो-नोबी समुदाय को निशाना बनाया गया। इस घटना में पांच अन्य लोग घायल हुए हैं। अभी तक हमले की वजह पता नहीं चली है। बेन्यू में अक्सर चरवाहों और किसानों के बीच हिंसक झड़प होती रहती हैं। बीते साल भी अलग-अलग घटनाओं में 150 लोगों की मौत हो गई थी। फिलहाल इलाके में तनाव है और भारी पुलिस बल तैनात है।
पाकिस्तान से 26 लाख अफगान नागरिक निकाले गए, सीमा पर दोनों देशों के बीच बढ़ा तनाव
पाकिस्तान ने पिछले तीन वर्षों में 26 लाख से ज्यादा अवैध अफगान नागरिकों को देश से बाहर निकाल दिया है। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। यह बड़ी कार्रवाई बिना वैध वीजा और बिना दस्तावेजों के रह रहे प्रवासियों के खिलाफ की गई है। अकेले पंजाब प्रांत की सरकार ने 1 लाख 38 हजार से ज्यादा अफगान नागरिकों को हिरासत केंद्रों में लिया। फिर उनके कागजात पूरे कराकर उन्हें वापस भेजा गया। इन प्रवासियों को खैबर पख्तूनख्वा की तोरखम चेकपोस्ट के रास्ते वापस भेजा जा रहा है। इस सख्त कार्रवाई से पाकिस्तान में रह रहे अफगान समुदाय के लोग बेहद डरे हुए हैं। कई लोगों का कहना है कि वे यहां पीढ़ियों से रह रहे हैं। पुलिस की छापेमारी और जांच से स्थानीय पश्तून भी परेशान हैं। इस मामले पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने भी अपनी चिंता जताई है।
दोनों देशों के बीच इस साल अप्रैल में हुए सैन्य संघर्ष के बाद यह कार्रवाई और तेज हो गई है। दरअसल, पाकिस्तान ने अफगान सीमा के भीतर कथित आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में अफगानिस्तान की तरफ से भी जवाबी फायरिंग की गई थी। इस सीमाई विवाद और हिंसक झड़पों के बाद से पाकिस्तानी प्रशासन ने प्रवासियों की धरपकड़ का अभियान काफी कड़ा कर दिया है। सरकार का कहना है कि यह देश की सुरक्षा के लिए जरूरी है। फिलहाल सीमा पर दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
ब्रिटेन की पूर्व महिला मंत्री की हत्या की जांच अब एंटी-टेरर कोर्ट के पास, आतंकी एंगल से पूछताछ शुरू
ब्रिटेन से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पूर्व दक्षिणपंथी महिला मंत्री एन विडेकॉम्बे की हत्या की जांच देश की एंटी-टेररिज्म (आतंकवाद विरोधी) पुलिस ने अपने हाथों में ले ली है। एन विडेकॉम्बे पिछले हफ्ते दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड में स्थित अपने घर में मृत पाई गई थीं। ब्रिटिश गृह मंत्री शबाना महमूद ने बताया कि इस मामले में कुछ नए सबूत और जानकारियां मिली हैं, जिसके बाद जांच का जिम्मा काउंटर टेररिज्म पुलिस को सौंपा गया है।
पुलिस ने इस मामले में रदरहैम के रहने वाले एक 28 साल के ब्रिटिश युवक को गिरफ्तार किया था। अब उसे आतंकवाद से जुड़े आरोपों के तहत दोबारा गिरफ्तार किया गया है। एन विडेकॉम्बे ब्रिटेन की एक मशहूर और मुखर नेता थीं, जो पहले कंजर्वेटिव पार्टी में थीं और बाद में 'रिफॉर्म यूके' पार्टी में शामिल हो गई थीं। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर समेत देश के तमाम बड़े नेताओं ने इस घटना पर गहरा दुख और हैरानी जताई है।
ग्राहम के निधन पर ईरान बोला-ट्रंप का भी यही हाल होगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम की अचानक मौत पर ईरान जश्न मना रहा है। ईरान ने अपने समाचार पत्रों से कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ट्रंप समेत अन्य अमेरिकी नेताओं की भी अचानक मौत हो सकती है। अमेरिकी सीनेटर ग्राहम की मौत के बाद ईरानी अखबार हमशहरी ने अपने पहले पन्ने पर ट्रंप की एक तस्वीर छापी जिसमें वे लिंडसे ग्राहम की तस्वीर के बगल में घुटने पर बैठे हुए दिखाए गए। इस तस्वीर में अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू व अन्य वरिष्ठ अमेरिकी-इस्राइली अधिकारी भी थे। तस्वीक के नीचे लिखा था, अचानक मौत के लिए तैयार हो जाओ। ईरानी अखबार वतन-ए-एमरोज ने सोमवार को अपने पहले पन्ने पर ग्राहम की मौत की खबर को मौत के सौदागर की मौत शीर्षक के साथ छापा। तेहरान की बयानबाजी को और बढ़ाते हुए ईरान के सरकारी मीडिया के एक न्यूज रीडर ने ग्राहम की मौत में ईरान की भूमिका की ओर इशारा करते हुए कहा, मैं ईरानी राष्ट्र को बधाई देता हूं कि ईरानविरोधी और युद्ध भड़काने वाले अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम को नरक भेज दिया गया है।