हिंद महासागर के द्वीपीय देश मॉरीशस में पुलिस की गोली से एक महिला के घायल होने के बाद विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए। इसके मद्देनजर सरकार ने हालात संभालने के लिए रात में कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। मॉरीशस अपने खूबसूरत पर्यटन स्थलों और अफ्रीका के सबसे स्थिर लोकतंत्रों में से एक के रूप में जाना जाता है।
शुक्रवार को एक पुलिस अधिकारी ने एक महिला को गोली मारकर घायल कर दिया था, जिसके बाद कई दिनों से जारी विरोध-प्रदर्शन और तेज हो गए। स्थिति से निपटने के लिए पुलिस की अर्धसैनिक इकाई स्पेशल मोबाइल फोर्स को तैनात किया गया। कर्फ्यू के तहत राजधानी पोर्ट लुइस और कई अन्य कस्बों में लोगों को मंगलवार रात साढ़े आठ बजे से बुधवार सुबह छह बजे तक घरों के अंदर रहने का निर्देश दिया गया था।
प्रदर्शन पिछले सप्ताह पानी की किल्लत और महंगाई के विरोध में शुरू हुए थे। हालांकि, पोर्ट लुइस के दक्षिण-पश्चिम में स्थित ब्यू बासिन-रोज हिल में गोलीबारी की घटना के बाद हिंसा बढ़ गई। मॉरीशस की अर्थव्यवस्था में वित्तीय सेवाओं और पर्यटन की अहम भूमिका है। अपने आलीशान समुद्र तटीय रिसॉर्ट के लिए मशहूर इस द्वीपीय देश में इससे पहले 1999 में इसी तरह की अशांति देखने को मिली थी। उस समय पुलिस हिरासत में एक लोकप्रिय संगीतकार की मौत के बाद कई दिनों तक दंगे हुए थे।
गोली लगने से घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य को निलंबित कर दिया गया है। गोलीबारी की जांच जारी है।