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दुनिया की खबरें: हैती में लापता सैनिकों की तलाश के लिए अल सल्वाडोर ने भेजी सेना, गैंग ने किया था हमला

Fri, 23 Oct 2026 09:44 AM IST
नितिन गौतम पीटीआई, सैन जुआन
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics
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कैरेबियाई देश हैती में आपराधिक गिरोहों के हमले के बाद लापता हुए अपने चार सैनिकों की तलाश के लिए अल सल्वाडोर ने गुरुवार को स्पेशल फोर्स के 100 जवानों को भेजा है। लापता सैनिक अल सल्वाडोर के रहने वाले हैं और हाल ही में हैती में गैंग के हमले का शिकार हुए थे। स्पेशल फोर्स के जवानों की तैनाती अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले की ओर से सैन्य अभियान की घोषणा किए जाने के एक दिन बाद हुई है। बुकेले ने चारों लापता विमानन तकनीशियनों को बचाने के लिए सैन्य अभियान शुरू करने का एलान किया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर चारों सैनिकों को जिंदा और सुरक्षित नहीं छोड़ा गया तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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हैती में 100 और सैनिक भेजने की तैयारी
अल सल्वाडोर सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार रात को 100 अतिरिक्त सैनिकों को भी हैती भेजा जाना है। उन्होंने बताया कि अल सल्वाडोर के अधिकारी फिलहाल यह मानकर चल रहे हैं कि चारों लापता सैनिक अभी जिंदा हैं। गुरुवार देर रात अंतरराष्ट्रीय गैंग विरोधी बल ने एक संक्षिप्त बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि अल सल्वाडोर से सैनिकों का एक दल हैती पहुंच गया है। यह दल उस इलाके में जारी तलाशी और सुरक्षा अभियान में मदद करेगा, जहां हमला हुआ था।

बख्तरबंद वाहन पर गैंग ने की थी गोलीबारी
हैती सरकार ने बुधवार शाम पुष्टि की कि चारों लापता सैनिकों का अपहरण किया गया है। रविवार को क्रोइक्स-डेस-बुकेट्स इलाके में हुए हमले के बाद सरकार की ओर से यह पहला आधिकारिक बयान था। अधिकारियों के मुताबिक, चारों सैनिक एक बख्तरबंद वाहन में यात्रा कर रहे थे, तभी आपराधिक गिरोहों ने उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने वाहन पर गोलीबारी की और विस्फोटकों का भी इस्तेमाल किया।
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अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल के अभियान के बाद पहला बड़ा हमला
हैती में अंतरराष्ट्रीय गैंग विरोधी बल के अभियान शुरू करने के बाद यह पहला बड़ा हमला है। इस नए सुरक्षा बल ने केन्या के नेतृत्व वाले पिछले अंतरराष्ट्रीय बल की जगह ली है। केन्या के नेतृत्व वाला बल संसाधनों और पैसों की कमी से जूझ रहा था। इसी वजह से वह हैती की पुलिस को आपराधिक गिरोहों की हिंसा पर काबू पाने में प्रभावी मदद नहीं कर सका था।
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