जापान के ओकिनावा में अमेरिकी सेना ने दो दिनों के लिए सभी गतिविधियां रोकने, सैनिकों के सैन्य अड्डे से बाहर निकलने की क्षमता सीमित करने और प्रशिक्षण आयोजित करने का फैसला किया है। यह कदम एक स्थानीय महिला की हत्या के संदेह में एक अमेरिकी मरीन सैनिक की गिरफ्तारी के बाद उठाया गया है। मरीन एक्सपेडिशनरी फोर्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बेंजामिन वॉटसन ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर जारी एक पत्र में कहा कि इस तरह की घटनाएं हमें रुककर आत्ममंथन करने के लिए मजबूर करती हैं।
मरीन की गिरफ्तारी पर विवाद
मरीन की गिरफ्तारी के बाद दक्षिणी जापानी द्वीप पर भारी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी और सेना से जुड़े अपराधों में बढ़ोतरी को लेकर विरोध फिर तेज हो गया है। इस हत्या से प्रधानमंत्री साने ताकाइची की ओकिनावा में जापानी सैन्य क्षमता मजबूत करने और क्षेत्र में चीन को रोकने के लिए अमेरिकी सेना के साथ सहयोग बढ़ाने की कोशिशों पर भी असर पड़ सकता है।
वॉटसन ने लिखा, 'हम ओकिनावा के लोगों के साथ रहते, काम करते और सामाजिक जीवन साझा करते हैं; उनका घर हमारा घर है। हमारे पड़ोसियों के साथ हर बातचीत उस विश्वास को मजबूत या कमजोर करती है, जो हमारी टीम के लिए बेहद जरूरी है। जब यह विश्वास टूटता है, तो इसका असर हमारे गठबंधन की ताकत और इस क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ता है। इसलिए हम अनुशासन, मानकों और गठबंधन के प्रति अपनी जिम्मेदारियों पर गंभीरता से विचार करने के लिए समय देंगे।'
48 घंटे रहेगा युद्धविराम
48 घंटे का यह विराम बुधवार से शुक्रवार तक रहेगा। इस दौरान सैनिकों को मानकों, अनुशासन और ओकिनावा समुदाय के सदस्यों के रूप में हमारी जिम्मेदारियों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। बड़े अपराधों के बाद सैन्य अधिकारियों द्वारा सैनिकों को सैन्य ठिकानों से बाहर निकलने और स्थानीय समुदाय के साथ संपर्क सीमित करना एक सामान्य कदम माना जाता है।
ओकिनावा प्रीफेक्चरल पुलिस ने बताया कि फुतेंमा एयर स्टेशन पर तैनात 20 वर्षीय लांस कॉर्पोरल डेविन जैकब बैलार्ड को गिरफ्तार किया गया है। उस पर शनिवार तड़के द्वीप की राजधानी नाहा के एक होटल में 39 वर्षीय अन्ना यागी का गला घोंटकर हत्या करने और उनका बटुआ तथा बैकपैक चोरी करने का संदेह है। जापानी मीडिया के अनुसार, बैलार्ड ने आरोपों से इनकार किया है।
सुरक्षा कैमरे की फुटेज में एक व्यक्ति महिला के साथ होटल में प्रवेश करता और बाद में अकेले बाहर निकलता दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार, शनिवार को बाद में एक गश्ती अधिकारी ने बैलार्ड को नाहा से करीब 15 मील (25 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व में ओकिनावा सिटी के एक मनोरंजन क्षेत्र में पैदल जाते देखा। क्योदो न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उसके मुंडे हुए सिर और हाथों पर बने टैटू सुरक्षा कैमरे की फुटेज में दिख रहे व्यक्ति से मेल खाते थे।
ओकिनावा सिटी में रहने वाले केंजी हिगा ने ओकिनावा टाइम्स से कहा, 'मुझे कहना होगा कि अनुशासन और सैनिकों की शिक्षा बिल्कुल भी काम नहीं कर रही है।' वह अमेरिकी सेना द्वारा पिछले आपराधिक मामलों के बाद उठाए गए
ट्रंप के करीबी डेविड की स्काईडांस संभालेगी सीएनएन का स्वामित्व
अमेरिका के प्रमुख समाचार नेटवर्क सीएनएन के स्वामित्व में बड़ा बदलाव हो गया है। पैरामाउंट स्काइडांस ने मंगलवार को करीब 110 अरब डॉलर के सौदे में वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी (डब्ल्यूबीडी) का अधिग्रहण पूरा कर लिया। इसके साथ ही सीएनएन अब नई ज्वाइंट मीडिया कंपनी स्काईडांस का हिस्सा बन गया। स्काईडांस के सीईओ डेविड एलिसन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी हैं।
थॉम्पसन ने सीएनएन के कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा है कि वह नेटवर्क को पहले की तरह स्वतंत्र संपादकीय जिम्मेदारियों और अधिकारों के साथ चलाएंगे। नए स्वामित्व के बाद भी मार्क थॉम्पसन फिल्हाल न्यूज नेटवर्क की कमान संभालते रहेंगे। नई कंपनी में पैरामाउंट प्लस और वॉर्नर ब्रदर्स के फिल्म स्टूडियो, पैरामाउंट प्लस और एचबीओ मैक्स जैसे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म व सीबीएस न्यूज और सीएनएन जैसे बड़े समाचार नेटवर्क एक ही कॉरपोरेट समूह के नीचे आ गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप का सीएनएन के साथ वर्षों से बेहद खराब संबंध रहा है। वह नेटवर्क पर उनके खिलाफ पक्षपातपूर्ण कवरेज का आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे में सीएनएन के ट्रंप के करीबी कारोबारी के नियंत्रण में आने से यह एक अहम घटनाक्रम बन जाता है।
म्यांमार के जुंटा प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग मलयेशिया पहुंचे, हजारों नागरिकों की वापसी पर उठे सवाल
म्यांमार की सैन्य समर्थित सरकार के प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग बुधवार को दो दिन के दौरे पर मलयेशिया पहुंचे। वह मलयेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम समेत कई नेताओं से मुलाकात करेंगे और कैबिनेट के सदस्यों के साथ कारोबारी बैठक में भी शामिल होंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब मलयेशिया से करीब 1,500 म्यांमार नागरिक हाल ही में वापस लौटे हैं।
मलयेशिया के मुताबिक, करीब 5,000 म्यांमार नागरिक चरणबद्ध तरीके से स्वदेश लौटने पर सहमत हुए हैं। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने इस वापसी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि म्यांमार के कई हिस्सों में सुरक्षा हालात अब भी खराब हैं और लौटने वालों को उत्पीड़न या जबरन सैन्य भर्ती का खतरा हो सकता है। मलयेशिया में अगस्त के अंत तक 11,804 म्यांमार नागरिक आव्रजन हिरासत केंद्रों में थे। यह भी साफ नहीं है कि हाल में लौटाए गए लोगों में रोहिंग्या समुदाय के लोग शामिल थे या नहीं। म्यांमार में रोहिंग्या लंबे समय से भेदभाव और उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं और उन्हें नागरिकता भी नहीं दी गई है।
मलयेशिया में संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी एजेंसी के साथ पंजीकृत करीब 2.15 लाख शरणार्थी और शरण मांगने वाले लोग हैं, जिनमें लगभग 1.26 लाख रोहिंग्या हैं। मलयेशिया शरणार्थी संधि का पक्षकार नहीं है और शरणार्थियों को बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों के रूप में देखता है। म्यांमार में 2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद से वहां गृहयुद्ध जैसे हालात हैं। मिन आंग ह्लाइंग अप्रैल में राष्ट्रपति बने थे और इसके बाद वह क्षेत्रीय देशों के साथ संबंध सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। मलयेशिया की यात्रा किसी आसियान सदस्य देश की उनकी पांचवीं यात्रा है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि मलयेशिया के साथ सहयोग से म्यांमार की सैन्य सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैधता हासिल करने में मदद मिल सकती है।
माली में सेना का बड़ा दावा, रूस की मदद से अलगाववादियों के कब्जे वाला किदाल फिर छीना
माली की सेना ने देश के उत्तरी हिस्से में स्थित किदाल शहर पर दोबारा कब्जा करने का दावा किया है। सरकार के मुताबिक सेना ने हवाई और जमीनी कार्रवाई के जरिए शहर को अलगाववादी विद्रोहियों और अलकायदा से जुड़े एक सशस्त्र समूह से वापस लिया। इस अभियान में रूस के अफ्रीका कॉर्प्स के लड़ाकों ने भी मदद की। हालांकि, शहर पर नियंत्रण रखने वाले समूहों का कहना है कि माली की सेना मंगलवार को बिना किसी बड़ी लड़ाई के किदाल में दाखिल हुई। अज़ावाद लिबरेशन फ्रंट के प्रवक्ता ने कहा कि उनके लड़ाकों ने रूसी अफ्रीका कॉर्प्स की ओर से हवाई ताकत के कथित बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के कारण पीछे हटने का फैसला किया।
माली पिछले एक दशक से अलकायदा और इस्लामिक स्टेट से जुड़े चरमपंथियों के साथ-साथ उत्तरी इलाके में तुआरेग अलगाववादियों की चुनौती से जूझ रहा है। पश्चिम अफ्रीका का साहेल क्षेत्र दुनिया में चरमपंथी हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है। माली, बुर्किना फासो और नाइजर की सैन्य सरकारों ने हाल के वर्षों में पश्चिमी देशों से दूरी बनाकर रूस से सैन्य मदद ली है। रूस का अफ्रीका कॉर्प्स अब उस वैगनर समूह की जगह काम कर रहा है, जो पहले माली की सेना के साथ मिलकर अभियान चलाता था। किदाल पर दोबारा कब्जे को माली सरकार के लिए बड़ी प्रतीकात्मक जीत माना जा रहा है।
यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस का मिसाइल हमला, दो लोगों की मौत; कई जगह आग लगी
रूस ने बुधवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक रात करीब तीन बजे कीव के कई हिस्सों में धमाकों की आवाज सुनी गई। पोडिल्स्की जिले में एक मिसाइल गैर-आवासीय इमारत पर गिरी, जिसके बाद वहां आग लग गई। डार्नित्स्की जिले में एक गैरेज परिसर भी मिसाइल हमले की चपेट में आया और वहां आग लग गई।
अधिकारियों ने बताया कि हमले के मलबे के कुछ हिस्से खुले इलाके में भी मिले। कीव के क्षेत्रीय प्रशासन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको के मुताबिक पूरे कीव क्षेत्र में ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से संयुक्त हमला किया गया। ओबुखिव जिले में तीन उत्पादन और भंडारण केंद्रों को नुकसान पहुंचा। वहां लगी आग पर काबू पा लिया गया। हमले में एक ट्रक और उसका ट्रेलर भी क्षतिग्रस्त हुआ है। अधिकारियों ने मरने वालों की पहचान और अन्य जानकारी तत्काल साझा नहीं की।
आईएमएफ प्रमुख की चेतावनी- कर्ज और एआई का बढ़ता दबाव दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने देशों से बढ़ते कर्ज, आर्थिक असमानता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई से पैदा हो रहे जोखिमों पर तेजी से कदम उठाने की अपील की है। सिंगापुर में एक भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था इस समय युद्धों, भारी कर्ज और एआई के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल जैसे कई दबावों से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारों के सामने कुछ बेहद कठिन राजनीतिक फैसले हैं और जरूरी नीतिगत कदमों को लगातार टालना अब सही नहीं होगा।
अगले सप्ताह बैंकॉक में होने वाली आईएमएफ और विश्व बैंक की बैठक में 191 सदस्य देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय स्थिरता पर चर्चा करेंगे। जॉर्जीवा ने कहा कि अमेरिका, जापान और जर्मनी जैसे अमीर देशों पर भी कर्ज का बोझ बढ़ रहा है, जबकि गरीब देशों के सामने सामाजिक कल्याण पर खर्च करने और कर्ज चुकाने के बीच चुनाव की स्थिति है।
उन्होंने एआई के लिए डाटा सेंटर बनाने में हो रहे भारी निवेश को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि एआई में निवेश का पैमाना रेलवे, बिजली नेटवर्क और दूरसंचार के निर्माण पर हुए ऐतिहासिक खर्च जितना बड़ा हो सकता है। एआई से तकनीकी रूप से मजबूत देशों को फायदा हो रहा है, लेकिन कई दूसरे देश इस दौड़ में पीछे छूट रहे हैं, जिससे आर्थिक असमानता बढ़ सकती है। उन्होंने देशों से सरकारी खर्च पर नियंत्रण, जरूरत के मुताबिक ब्याज दरों का इस्तेमाल, महंगाई पर काबू और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही एआई के बेहतर नियमन, कर्मचारियों को नए कौशल देने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दिया।
ऑस्ट्रेलिया में पूर्व कैथोलिक बिशप को दो युवाओं के यौन शोषण में साढ़े छह साल की सजा
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कैथोलिक बिशप क्रिस्टोफर सॉन्डर्स को दो युवा आदिवासी पुरुषों के यौन शोषण के मामले में छह साल छह महीने जेल की सजा सुनाई गई है। 76 वर्षीय सॉन्डर्स को अगस्त में 19 में से 13 आरोपों में दोषी ठहराया गया था। ये मामले 2008 से 2019 के बीच पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के ब्रूम डायोसीज में हुए थे। उन्हें फरवरी 2031 में पैरोल मिलने की पात्रता होगी। अदालत ने तीसरे शिकायतकर्ता से जुड़े छह आरोपों में उन्हें बरी कर दिया। मुकदमे के दौरान चार ऐसे आरोप भी हटा दिए गए थे, जिनमें 13 साल से कम उम्र के बच्चे से संबंधित अपराध शामिल थे। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि सॉन्डर्स चर्च की संपत्ति वाले घर में युवा आदिवासी पुरुषों को शराब और सिगरेट देकर बुलाते थे, जिसका खर्च चर्च के पैसे से किया जाता था। सॉन्डर्स ने 1996 से 2021 तक ब्रूम डायोसीज का नेतृत्व किया था। यह इलाका फ्रांस से भी बड़ा है, लेकिन वहां आबादी करीब 50 हजार है और ज्यादातर कैथोलिक आबादी आदिवासी समुदाय से आती है।
ऑस्ट्रेलियाई कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष आर्कबिशप टिमोथी कोस्टेलो ने कहा कि सजा से अपराधों की गंभीरता और पीड़ितों पर पड़े गहरे असर को स्वीकार किया गया है। वेटिकन ने 2022 में सॉन्डर्स के खिलाफ जांच शुरू की थी और अगले साल इसकी रिपोर्ट पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया पुलिस को सौंपी थी। पुलिस ने 2024 में उन्हें गिरफ्तार किया था। बाद में ऑस्ट्रेलिया के एक टीवी नेटवर्क ने लीक हुई रिपोर्ट के आधार पर दावा किया था कि सॉन्डर्स ने चार आदिवासी युवाओं का यौन शोषण किया और 67 अन्य युवाओं और पुरुषों को कथित तौर पर अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की।
अमेरिका में भारतीय मूल के फिल्मकार आराफात शेख हिरासत में, आव्रजन दस्तावेज दिखाने के बावजूद आईसीई ने पकड़ा
वॉशिंगटन में भारतीय मूल के फिल्मकार आराफात शेख को अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) ने डलेस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने के बाद हिरासत में ले लिया। ‘फ्री आराफात शेख’ अभियान के मुताबिक, शेख को 24 सितंबर को हिरासत में लिया गया था। वह वर्जीनिया के अलेक्जेंड्रिया में रहते हैं और जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी में फिल्म की पढ़ाई के लिए छात्र वीजा पर अमेरिका में हैं। अभियान का दावा है कि उनका एक आव्रजन आवेदन भी लंबित है। शेख के विमान से उतरने के कुछ देर बाद आईसीई अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लिया, जबकि उन्होंने अपने आव्रजन दस्तावेज दिखाए थे। आईसीई संघीय आव्रजन कानून लागू करने वाली अमेरिकी एजेंसी है और संदिग्ध आव्रजन उल्लंघन या आव्रजन स्थिति की जांच के दौरान गैर-अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में ले सकती है।
अवैध खनन-जंगल कटाई और वन्यजीव तस्करी पर इंटरपोल का शिकंजा, नौ देशों में 233 गिरफ्तार
लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों में पर्यावरण अपराध के खिलाफ इंटरपोल की दो महीने की कार्रवाई में 233 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नौ देशों में चले इस अभियान के दौरान करीब 60 हजार हेक्टेयर जंगल की अवैध कटाई का पता चला, जो मैनहट्टन द्वीप के क्षेत्रफल से करीब 10 गुना है। जांच में सिर्फ पेड़ काटने, सोने के अवैध खनन और वन्यजीव तस्करी करने वालों पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि उनसे जुड़े कंपनियों, वित्तीय नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भी पड़ताल की गई।
कोलंबिया की एक जांच में 11 विदेशी कंपनियों पर 52 हजार हेक्टेयर से ज्यादा संरक्षित अमेजन जंगल साफ करने में शामिल होने का संदेह था। इंटरपोल को जांच के दौरान 161 अन्य कंपनियों और 65 लोगों से भी इनकी कड़ियां मिलीं। अधिकारियों को फर्जी परमिट, मुखौटा कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए नेटवर्क चलाने के संकेत मिले हैं। कोलंबिया में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया और डिजिटल सबूत जब्त किए गए। इंटरपोल के मुताबिक, अवैध सोने के खनन से जंगलों की कटाई और नदियों में पारा जैसे जहरीले पदार्थों का प्रदूषण बढ़ रहा है। कोस्टा रिका में कार्रवाई के दौरान करीब 4.6 मीट्रिक टन सायनाइड और पारे के 11 कंटेनर जब्त किए गए।
उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में पुलिस चौकी पर आतंकियों का हमला, सात पुलिसकर्मी घायल
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में बुधवार को आतंकियों ने एक पुलिस चौकी पर हमला कर दिया, जिसमें सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। जिला पुलिस अधिकारी मजहर इकबाल के मुताबिक, हमला शादिपुर इलाके में हुआ। पुलिसकर्मियों ने जवाबी गोलीबारी की, जिसके बाद हमलावर मौके से भाग गए। घायलों को जिला मुख्यालय अस्पताल पहुंचाया गया है। घटना के बाद इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया और जांच जारी है। अभी किसी संगठन या व्यक्ति ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और प्रांतीय सूचना मंत्री शफी जान ने हमले की निंदा की है। अफगानिस्तान की सीमा से लगे इस प्रांत में लंबे समय से आतंकी हिंसा की घटनाएं होती रही हैं। पाकिस्तान की संघीय सरकार सीमा से लगे इलाकों में होने वाले कई हमलों के लिए प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराती है।