श्रीलंका के राज्य खुफिया सेवा के पूर्व पुलिस प्रमुख पर 2019 में हुए ईस्टर संडे आतंकवादी हमलों के पीड़ितों को मुआवजा देने में विफल रहने पर अवमानना का केस चलाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने शुक्रवार को बताया कि, पूर्व पुलिस प्रमुख को आतंकवादी हमलों के पीड़ितों को 75 मिलियन सऊदी रियाल का मुआवजा देने में विफल रहने पर अवमानना के आरोपों का सामना करना होगा।
पूर्व वरिष्ठ डीआईजी और राज्य खुफिया सेवा (एसआईएस) के प्रमुख नीलांथा जयवर्धने को 7 अक्टूबर को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है। जनवरी 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना और नीलांथा जयवर्धने समेत कई पूर्व सरकारी अधिकारियों को पहले पता खुफिया चेतावनियों के बावजूद हमलों को रोकने में विफल रहने के लिए पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने श्रीलंका बार एसोसिएशन और पीड़ितों के परिवारों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद पूर्व सरकारी अधिकारियों को अलग-अलग राशि का मुआवजा देने का आदेश दिया था। जिसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जयंत जयसूर्या की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय पीठ ने की।
श्रीलंका ने प्रियंता वीरसूर्या को नियुक्त किया कार्यवाहक पुलिस प्रमुख
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने शुक्रवार को वरिष्ठ उप महानिरीक्षक प्रियंता वीरसूर्या को कार्यवाहक पुलिस प्रमुख नियुक्त किया है। वे देशबंधु तेन्नाकून की जगह लेंगे। जिन्हें जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित कर दिया था।
तेन्नाकून को 2011 की एक घटना के लिए निलंबित किया गया था। उन्हें हिरासत में एक शख्स को यातना देना का दोषी पाया गया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भी तेन्नाकून को फरवरी में पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने पुलिस प्रमुख नियुक्त कर दिया था। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 24 जुलाई को तेन्नाकून को उनके पद से निलंबित कर दिया था और एक कार्यवाहक नियुक्ति का सुझाव दिया था। हालांकि, विक्रमसिंघे की सरकार ने संसदीय शक्तियों में बाधा बताते हुए अदालत के आदेश पर कार्रवाई करने से इनकार कर दिया था।
कार्यवाहक पुलिस प्रमुख नियुक्ति किए जाने से पहले वीरसूर्या ने उत्तर मध्य प्रांत के प्रभारी वरिष्ठ डीआईजी के तौर पर काम कर रहे थे। उन्होंने 36 वर्षों तक पुलिस में सेवा की है और पुलिस के 158 साल के इतिहास में पुलिस कांस्टेबल के पद से आईजीपी तक पहुँचने वाले पहले अधिकारी हैं। वे कोलंबो विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक हैं और मानव संसाधन प्रबंधन में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक हैं।
अबू धाबी में तीसरा आईफा
अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी (आईफा) पुरस्कार समारोह तीसरी बार अबू धाबी में हो रहा है। आयोजन 27 से 29 सितंबर तक होगा। आज से शुरू होने वाला समारोह यस द्वीप पर आयोजित किया जा रहा है। आईफा में पहली बार हिंदी के साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ के सितारे भी भाग लेंगे। समारोह की मेजबानी अभिनेता शाहरुख खान करेंगे। तेलुगु स्टार राणा दग्गुबाती भी शुक्रवार को उत्सव की मेजबानी करेंगे। आईफा अवार्ड्स के संस्थापक-निदेशक आंद्रे टिमिन्स ने कहा, आईफा समारोह के 25वें संस्करण के लिए खान तिकड़ी (सलमान, शाहरुख और आमिर) को एक साथ एक मंच पर लाने की योजना है।
म्यांमार की सेना ने विरोधी सशस्त्र समूहों को दिया बातचीत का न्योता
म्यांमार की सेना ने गुरुवार को अपने विरोधी सशस्त्र समूहों से लड़ाई रोककर शांति वार्ता शुरू करने का न्योता दिया। यह कदम सेना के सत्ता पर कब्जा करने के तीन साल बाद आया है। हाल के समय में सेना को जातीय अल्पसंख्य सशस्त्र समूहों और लोकतंत्र समर्थक पीपुल्सस डिफेंस फोर्स के हाथों बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। समाचार एजेंसी एएफपी ने यह जानकारी दी।
ट्रंप की हत्या के प्रयास के पीछे स्थानीय पुलिस नहीं
रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की बटलर में हत्या के प्रयास के पीछे सीक्रेट सर्विस की नाकामियां थीं, न कि स्थानीय पुलिस की। यह खुलासा मामले की जांच कर रहे द्विदलीय सदन पैनल के सदस्यों ने की। बृहस्पतिवार को पहली सुनवाई के दौरान समिति के रिपब्लिकन सह-अध्यक्ष पेंसिल्वेनिया के प्रतिनिधि माइक केली ने कहा कि सीक्रेट सर्विस की विफलता के चलते ही बंदूकधारी थॉमस माइकल क्रुक्स रैली के पास वाली इमारत की छत तक पहुंच गया और उसे ट्रंप पर गोली चलाने का मौका मिला। बता दें कि जुलाई 2024 में बटलर (पेंसिल्वेनिया) में चुनावी रैली के दौरान हुई गोलीबारी में ट्रंप घायल हो गए थे।
गाजा में शांति के लिए फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास की अपील
फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पश्चिमी तट और गाजा में रक्तपात रोकने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि शांति बहाल करने के लिए इस्राइल को हथियार भेजना तत्काल बंद करना जरूरी है। अब्बास ने अमेरिका का भी जिक्र किया है।
अमेरिका हिजबुल्ला के साथ युद्ध रोकने के लिए राजी नहीं
शीर्ष इस्राइली अधिकारियों ने हिजबुल्ला के साथ युद्ध विराम से जुड़ा अमेरिका समर्थित प्रस्ताव खारिज कर दिया है। हालांकि, अमेरिका ने इस बात पर जोर दिया है कि 21 दिनों के युद्ध विराम की योजना इस्राइल के साथ "समन्वय" में तैयार की गई थी।
डॉ जयशंकर ब्रिक्स देशों की बैठक में क्या बोले?
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक से इतर ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक भी संपन्न हुई। विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने इस संबंध में बताया कि बैठक के दौरान बहुध्रुवीयता और वैश्विक विविधता के बेहद महत्वपूर्ण पहलुओं पर बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स में शामिल देशों ने बहुपक्षवाद में सुधार और विकास को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। सतत विकास लक्ष्य हासिल करने, कर्ज का समाधान करने, निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देने और गरीबी पर काबू पाने पर भी चर्चा हुई। डॉ जयशंकर ने बैठक बुलाने और अध्यक्षता करने के लिए ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा का आभार भी प्रकट किया।