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World: अमेरिका में हैदराबाद के युवक की हत्या; बांग्लादेश में बच्ची से दुष्कर्म-हत्या में दंपती को मौत की सजा

Mon, 08 Jun 2026 06:03 AM IST
नितिन गौतम वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics
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अमेरिका के फिलाडेल्फिया शहर में पिज्जा डिलीवरी करने गए 28 वर्षीय भारतीय युवक अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने पर 20 हजार अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की है। हैदराबाद निवासी अंशुल कुंचा शुक्रवार तड़के करीब 12:30 बजे उत्तरी फिलाडेल्फिया के एक खाली मकान में पिज्जा की डिलीवरी करने पहुंचे थे। इसी दौरान उनके सिर के पीछे गोली मार दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई।
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न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह मृतक के परिवार के संपर्क में है और हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है। एनबीसी फिलाडेल्फिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मामले में गिरफ्तारी और दोषसिद्धि तक पहुंचाने वाली सूचना के लिए 20 हजार डॉलर के इनाम की घोषणा की है। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना एडगली स्ट्रीट स्थित रेमंड रोसेन होम्स परिसर में हुई। अंशुल को खाली आवासीय इकाई में पिज्जा पहुंचाने के तुरंत बाद गोली लगी हुई अवस्था में पाया गया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, निगरानी कैमरों की फुटेज में अंशुल पिज्जा के डिब्बों के साथ जाते दिखाई दे रहे हैं। उनके पीछे गहरे रंग के कपड़े पहने दो संदिग्ध व्यक्ति भी नजर आए हैं। इनमें से एक के पास बैग भी था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अंशुल को तीन पिज्जा की डिलीवरी के बहाने खाली अपार्टमेंट में बुलाया गया था। पुलिस को शक है कि यह एक सुनियोजित साजिश थी। हैदराबाद में अंशुल के परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए विदेश मंत्रालय से उनके पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की अपील की है।
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बांग्लादेश में आठ  साल की बच्ची से दुष्कर्म-हत्या में दंपती को मृत्युदंड

बांग्लादेश की एक अदालत ने आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में एक दंपती को मौत की सजा सुनाई। अदालत ने सिर्फ पांच दिन की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया। अभियोजकों ने इसे देश में हत्या के किसी मुकदमे का सबसे तेजी से निपटारा बताया है।

ढाका मेट्रोपॉलिटन बाल उत्पीड़न रोकथाम न्यायाधिकरण ने घटना के 19 दिन बाद दोषियों की सजा का एलान किया। जस्टिस मसरूर सालेकिन ने रविवार को सोहेल राणा और उसकी पत्नी स्वप्ना खातून को मौत की सजा सुनाई और क्रमशः पांच लाख टका और दो लाख टका का जुर्माना भी लगाया। उन्होंने जुर्माने की राशि पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी निजी वकील दंपती की पैरवी करने को तैयार नहीं हुआ, जिसके कारण अदालत ने उनके प्रतिनिधित्व के लिए एक सरकारी वकील नियुक्त किया। बांग्लादेशी कानून के तहत, निचली अदालतों की ओर से दी गई मौत की सजा को अमल में लाने से पहले उच्च न्यायालय की ओर से फैसले की समीक्षा और पुष्टि किया जाना जरूरी है। 

ब्रिटेन में यूरोपीय नेताओं के साथ जेलेंस्की
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज लंदन में अपनी बैठक के बाद 10 डाउनिंग स्ट्रीट के दरवाजे पर खड़े होकर तस्वीर खिंचवाई।

पीओके के रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी 
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के रावलकोट क्षेत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा की गई कथित गोलीबारी को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। यूनाइटेड कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी ने सोमवार को इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे "नरसंहार" करार दिया।यूकेपीएनपी के अनुसार, रविवार रात हुई इस घटना में कई प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। संगठन ने कहा कि शांतिपूर्ण और निहत्थे लोगों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

पार्टी ने बयान में कहा, "शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है। पाकिस्तान को निहत्थे कश्मीरियों के खिलाफ अत्याचार और दमन का यह सिलसिला तुरंत बंद करना चाहिए।संगठन ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप कर कश्मीरी लोगों के जीवन और उनके मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों से पीओके की जमीनी स्थिति को दुनिया के सामने लाने की अपील की है। रिपोर्टों के अनुसार, रावलकोट इस समय पीओके में फैल रहे विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बन गया है। यह विरोध तब तेज हुआ जब प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी से जुड़े कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।














 

पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री निकोल को आर्मेनिया के संसदीय चुनाव में जीत की दी बधाई, सिविक कॉन्ट्रैक्ट पार्टी को मिले ज्यादा वोट
आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान की पार्टी सिविक कॉन्ट्रैक्ट ने संसदीय चुनाव में शानदार जीत हासिल की है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम निकोल को चुनाव में जीत की बधाई दी। आर्मेनिया में संसदीय चुनाव 7 जून को हुए थे। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जीत की बधाई देते हुए लिखा, "संसदीय चुनाव में सिविल कॉन्ट्रैक्ट पार्टी की शानदार जीत पर निकोल पाशिन्यान को बधाई। नया जनादेश आर्मेनिया के लोगों के आपके नेतृत्व और विजन पर पक्के भरोसे और विश्वास को दिखाता है। मैं भारत और आर्मेनिया के बीच दोस्ती और सहयोग के गहरे और ऐतिहासिक संबंधों को और गहरा करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने का इंतजार कर रहा हूं।"

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अर्मेनिया में सिविक कॉन्ट्रैक्ट पार्टी की जीत ने सबका ध्यान खींचा है। यूरोपीय संघ और पश्चिमी देशों ने पीएम निकोल को इस जीत की बधाई दी। पिछले महीने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन आर्थिक फायदों के बारे में बताया, जो आर्मेनिया को पश्चिमी देशों के साथ करीबी संबंध बनाने पर खोने पड़ सकते थे। रूसी राष्ट्रपति ने साफ तौर पर कहा कि यूक्रेन में संकट ईयू में शामिल होने की कोशिशों से शुरू हुआ था। रूस आर्मेनिया को 177.50 डॉलर प्रति 1,000 क्यूबिक मीटर पर गैस सप्लाई करता है, जबकि यूरोपियन मार्केट की कीमतें, जैसा कि पुतिन ने अप्रैल में पाशिन्यान को बताया था, 600 डॉलर से ज्यादा हैं।
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क्रीमिया में ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत, ट्रेन को कराया गया खाली
रूसी समाचार एजेंसी टीएएसएस ने ग्रैंड सर्विस एक्सप्रेस रेल ऑपरेटर के हवाले से बताया कि मॉस्को-सिम्फेरोपोल ट्रेन पर ड्रोन हमले के बाद क्रीमिया प्रायद्वीप पर चल रही सभी ट्रेनों में सवार यात्रियों को निकाल लिया गया है। टीएएसएस के अनुसार, ग्रैंड सर्विस एक्सप्रेस रेल ऑपरेटर ने अपने टेलीग्राम चैनल पर यह जानकारी दी और बताया कि तीन विशेष ट्रेनों के यात्रियों को बसों द्वारा सिम्फेरोपोल ले जाया जा रहा है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि, 'क्रीमिया प्रायद्वीप पर चल रही सभी ट्रेनों के यात्रियों को निकाल लिया गया है। फिलहाल, 6 जून को चलने वाली ट्रेन संख्या 68 (मॉस्को-सिम्फेरोपोल), 6 जून को चलने वाली ट्रेन संख्या 77 (सेंट पीटर्सबर्ग-सिम्फेरोपोल) और 6 जून को चलने वाली ट्रेन संख्या 7 (सेंट पीटर्सबर्ग-सेवस्तोपोल) के यात्रियों को बसों द्वारा सिम्फेरोपोल ले जाया जा रहा है'। 

यह घटना क्रीमिया के गवर्नर सर्गेई अक्स्योनोव की उस रिपोर्ट के बाद सामने आई है जिसमें उन्होंने बताया था कि मॉस्को-सिम्फेरोपोल यात्री ट्रेन के इंजन पर यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया। यात्री सुरक्षित थे और स्थानीय अधिकारियों ने वैकल्पिक बस परिवहन की व्यवस्था शुरू कर दी है।
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