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World Update: ब्रिटेन में भारतीय मूल के व्यक्ति को 18 महीने की जेल; गाजा में इस्राइली हमले में 12 लोगों की मौत

Sat, 31 Jan 2026 11:22 PM IST
नितिन गौतम वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics
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लंदन की एक भारतीय मूल के व्यक्ति को धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 18 महीने जेल की सजा सुनाई गई है। आरोप है कि भारतीय मूल के व्यक्ति ने अपनी प्रिंटिंग फर्म के लिए गैर-कानूनी तरीके से दूसरा लोन लिया, जबकि  ब्रिटेन की सरकार की कोरोना बाउंस बैक लोन योजना के तहत व्यवसायों को केवल एक ही लोन लेने की अनुमति थी।
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ब्रिटेन की इनसॉल्वेंसी सर्विस ने एक बयान में कहा कि 41 वर्षीय प्रशांत जोबनपुत्रा को मंगलवार को लंदन की ओल्ड बेली कोर्ट में 18 महीने जेल की सजा सुनाई गई। उन्हें तीन साल के लिए कंपनी के डायरेक्टर के पद से भी अयोग्य घोषित कर दिया गया और 5,000 पाउंड का जुर्माना भी लगाया गया।

इनसॉल्वेंसी सर्विस के मुख्य जांचकर्ता डेविड स्नैसडेल ने कहा, 'प्रशांत जोबनपुत्रा ने धोखाधड़ी से दो बाउंस बैक लोन के लिए आवेदन किया, जबकि नियम साफ थे - व्यवसायों को केवल एक ही लोन लेने की अनुमति थी।' उन्होंने नवंबर 2025 में दूसरे लोन के 15,371 पाउंड चुका दिए हैं, जबकि बाकी 35,000 पाउंड को यूके के प्रोसीड्स ऑफ क्राइम एक्ट 2002 के तहत इनसॉल्वेंसी सर्विस द्वारा वसूला जा रहा है। जेनेसिस वेब लिमिटेड नवंबर 2004 में UK के कंपनीज हाउस में रजिस्टर्ड हुई थी, जिसमें जोबनपुत्रा डायरेक्टर के तौर पर दर्ज थे।
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इंडोनेशियाई दंपती को शादी से पहले संबंध पर मारे 140 कोड़े

इंडोनेशिया के आचे प्रांत में शरिया कानून के तहत शादी से पहले यौन संबंध बनाने और शराब पीने के आरोप में पुरुष व महिला को 140–140 कोड़े लगाए गए। यह सजा शरिया लागू होने के बाद अब तक की सबसे कठोर सजाओं में से एक मानी जा रही है। दोनों को एक सार्वजनिक पार्क में बेंत से पीठ पर मारा गया, जहां दर्जनों लोग मौजूद थे। सजा के दौरान महिला बेहोश हो गई और उसेअस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार, 100 कोड़े अवैध यौन संबंध और 40 शराब पीने के आरोप में मारे गए। बता दें कि आचे इंडोनेशिया का एकमात्र प्रांत है, जहां शरिया कानून लागू है। 

भारत को तीन कांस्य मूर्तियां लौटाएगा अमेरिका

अमेरिका चोल व विजयनगर काल की तीन कांस्य मूर्तियां भारत को लौटाएगा। दक्षिण भारतीय कांस्य ढलाई की समृद्ध कलात्मकता का उदाहरण ये मूर्तियां मंदिरों से चुराई गई थीं। वाशिंगटन डीसी स्थित स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट ने कहा कि गहन जांच के बाद इन मूर्तियों के स्त्रोत का पता लगाया गया। रिपोर्ट में यह कहा गया कि इन मूर्तियों को तमिलनाडु के मंदिरों से चुराया गया था।

संग्रहालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि भारत सरकार ने मूर्तियों में से एक को दीर्घकालिक ऋण पर देने पर सहमति जताई है। इसके तहत संग्रहालय को वस्तु की उत्पत्ति, उन्हें हटाए जाने और वापसी की पूरी कहानी को सार्वजनिक रूप से साझा करने की अनुमति मिल जाएगी। यह वापसी राष्ट्रीय एशियाई कला संग्रहालय और दक्षिण एवं दक्षिणपूर्व एशियाई कला के प्रयासों से संभव हो पाई।

अमेरिका की तरफ से लौटाई जाने वाली मूर्तियां चोल काल (लगभग 990 ईस्वी) की शिव नटराज व (12वीं शताब्दी की) सोमस्कंद तथा विजयनगर काल (16वीं शताब्दी) की संत सुंदरार विद परवई हैं। शिव नटराज प्रतिमा को दीर्घकालिक ऋण पर रखा जाना है।

गाजा में इस्राइली हमले में 12 लोगों की मौत
गाजा के अस्पतालों ने बताया कि शनिवार तड़के इस्राइली हमलों में कम से कम 12 फलस्तीनी मारे गए, जो अक्तूबर में हुए उस समझौते के बाद से सबसे अधिक मौतों में से एक है, जिसका उद्देश्य लड़ाई को रोकना था। नासिर और शिफा अस्पतालों के अधिकारियों ने बताया कि ये हमले उत्तरी और दक्षिणी गाजा में हुए, जिनमें गाजा शहर का एक अपार्टमेंट और खान यूनिस का एक तंबू शामिल है। मृतकों में दो अलग-अलग परिवारों की दो महिलाएं और छह बच्चे शामिल हैं। इस्राइली सेना ने हमलों के बारे में पूछे गए सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया।

पूर्वी कांगो में कोल्टन खदान ढहने से कम से कम 200 लोगों की मौत
कांगो में विद्रोही अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि इस हफ्ते की शुरुआत में पूर्वी कांगो में एक बड़ी कोल्टन खनन साइट पर भूस्खलन से कई खदानें ढह गईं, जिसमें कम से कम 200 लोग मारे गए।नॉर्थ-कीवू प्रांत के विद्रोही-नियुक्त गवर्नर के प्रवक्ता लुमुम्बा कंबरे मुइसा ने बताया कि यह हादसा बुधवार को रुबाया खदानों में हुआ, जो एम23 विद्रोहियों के नियंत्रण में हैं। उन्होंने बताया कि भूस्खलन भारी बारिश के कारण हुआ।

मुइसा ने कहा, 'अभी तक 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जिनमें से कुछ अभी भी कीचड़ में दबे हैं और उन्हें अभी तक निकाला नहीं जा सका है। उन्होंने बताया कि कई अन्य लोग घायल हुए हैं और उन्हें रुबाया शहर में तीन स्वास्थ्य केंद्रों में ले जाया गया है, जबकि शनिवार को एम्बुलेंस से घायलों को पास के शहर गोमा ले जाने की उम्मीद है, जो लगभग 50 किलोमीटर (30 मील) दूर है। मुइसा ने बताया कि नॉर्थ कीवू के विद्रोही-नियुक्त गवर्नर ने साइट पर छोटे पैमाने पर खनन को अस्थायी रूप से रोक दिया है और खदान के पास शेल्टर बनाने वाले निवासियों को दूसरी जगह जाने का आदेश दिया है।
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पीओजेके  के राष्ट्रपति सुल्तान महमूद चौधरी का निधन, लंबे समय से थे बीमार
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओजेके) के राष्ट्रपति रहे सुल्तान महमूद चौधरी का शनिवार को निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे और पिछले कई महीनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक हलकों में शोक की लहर फैल गई। परिजनों और अधिकारियों के मुताबिक, चौधरी लीवर कैंसर से पीड़ित थे और इस्लामाबाद के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया। पेशे से बैरिस्टर चौधरी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता माने जाते थे। उन्हें अगस्त 2021 में पीओके का ‘राष्ट्रपति’ चुना गया था। अपने राजनीतिक करियर में उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने उनके निधन पर दुख जताया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। कई नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। चौधरी को पीओके की राजनीति में अनुभवी नेता माना जाता था। उनके निधन के बाद वहां के राजनीतिक परिदृश्य में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।

नाइजीरिया में आतंक का कहर, हमलों में दर्जनों की मौत; सेना का ठिकाना भी निशाने पर
पूर्वोत्तर नाइजीरिया में सशस्त्र चरमपंथियों ने अलग-अलग हमलों में दर्जनों लोगों की हत्या कर दी। हमलावरों ने एक निर्माण स्थल और सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और सुरक्षा हालात पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, बोर्नो राज्य के साबोन गरी कस्बे में गुरुवार को घात लगाकर किए गए हमले में कम से कम 25 निर्माण मजदूर मारे गए। अधिकारियों का कहना है कि हमले के पीछे बोको हराम का हाथ होने की आशंका है, जो लंबे समय से विकास कार्यों का विरोध करता रहा है। एक अन्य हमले में हथियारबंद लड़ाकों ने ड्रोन की मदद से सेना के एक अड्डे पर धावा बोला। इस हमले में नौ सैनिक और एक नागरिक टास्क फोर्स के दो सदस्य मारे गए, जबकि करीब 16 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए तुरंत निकाला गया।

अधिकारियों ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि सैन्य अड्डे पर हमला बोको हराम ने किया या उसके प्रतिद्वंद्वी संगठन इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रांत ने, क्योंकि दोनों ही समूह इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। नाइजीरिया फिलहाल गंभीर सुरक्षा संकट से गुजर रहा है। उत्तर-पूर्व में इस्लामी आतंकियों का विद्रोह जारी है, जबकि अन्य क्षेत्रों में फिरौती के लिए अपहरण की घटनाएं बढ़ी हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस हिंसा में अब तक हजारों लोग मारे गए और लाखों विस्थापित हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र की स्थिरता पर खतरा बना हुआ है।

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