नेपाल में प्राधिकारियों ने काठमांडू के पूर्वी हिस्से में सुरक्षाकर्मियों और राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद लगाया गया कर्फ्यू शनिवार को इस क्षेत्र में तनाव घटने के बाद हटा दिया। इस बीच 100 से ज्यादा राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह पर काठमांडू में राजशाही समर्थक प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए 7.93 लाख नेपाली रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विरोध प्रदर्शन ज्ञानेंद्र शाह के आह्वान पर ही आयोजित किया गया था। काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी (केएमसी) के मेयर बालेंद्र शाह ने ज्ञानेंद्र के आवास पर शनिवार को एक पत्र भेजा, जिसमें मुआवजे के रूप में 7,93,000 नेपाली रुपये का भुगतान करने को कहा गया है। यहां राजशाही समर्थकों ने पथराव कर एक राजनीतिक पार्टी के कार्यालय पर हमला कर दिया और कई वाहनों में आग लगाते हुए दुकानों में लूटपाट शुरू की।
सीमा प्रबंधन पर भारत और नेपाल सहमत
पोखरा में संयुक्त कार्य समूह की बैठक के दौरान नेपाल और भारत ने शुक्रवार को सीमा प्रबंधन और सुरक्षा में द्विपक्षीय सहयोग व समन्वय को मजबूत करने का फैसला किया। इस दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा, 27-28 मार्च को नेपाल के पोखरा में भारत के गृह मंत्रालय और नेपाल के गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर पर नेपाल-भारत संयुक्त कार्य समूह की 13वीं बैठक हुई। दोनों पक्षों ने नेपाल-भारत सीमा प्रबंधन से संबंधित मुद्दों की समीक्षा की और सीमा प्रबंधन एवं सुरक्षा में द्विपक्षीय सहयोग और समन्वय को और मजबूत करने पर सहमति जताई। यह बैठक दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर चल रही साझेदारी को रेखांकित करती है। दोनों पक्षों ने आपसी हित के इन मुद्दों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि सीमा क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनी रहे। इस सहयोग से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और सीमा प्रबंधन को प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नाइजीरिया: भीड़ ने 16 लोगों को मार डाला
दक्षिणी नाइजीरिया के एडो राज्य में एक भीड़ ने 16 लोगों को अपहरणकर्ता समझकर जिंदा जला दिया। कुछ पीड़ितों को पहले पीटा गया और फिर उनके सिर और कंधों पर टायर डालकर आग लगा दी गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
एडो पुलिस के प्रवक्ता मोसेस यामू के अनुसार, ये लोग देश के उत्तरी हिस्से से यात्रा कर रहे थे। स्थानीय सुरक्षा कर्मियों ने उनकी गाड़ी की तलाशी ली, तो उसमें हथियार मिले, जिससे लोगों को शक हुआ कि वे अपहरणकर्ता हैं। इसके बाद भीड़ ने हमला कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह भीड़ ने पहले पीड़ितों को बेरहमी से पीटा और फिर टायर डालकर आग लगा दी।
नाइजीरिया में पिछले एक दशक में भीड़ हिंसा के मामले बढ़े हैं। दक्षिणी हिस्से में ऐसे हमले आमतौर पर चोरी और जादू-टोने के आरोपों पर होते हैं, जबकि उत्तरी क्षेत्र में यह हिंसा धार्मिक आस्थाओं के मुद्दों पर होती है। 2024 में एमनेस्टी इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में भीड़ द्वारा हत्याओं की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। 2019 से अब तक 391 से अधिक लोगों को इसी तरह मौत के घाट उतारा जा चुका है।
उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में गोलीबारी में 7 सैनिक और 8 आतंकवादी मारे गए
वहीं, पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक अभियान के दौरान गोलीबारी में सात पाकिस्तानी सैनिक और आठ आतंकवादी मारे गए। खुफिया सूचना पर के आधार पर सुरक्षा बलों द्वारा लक्की मरवत जिले के सरकती माची खेल इलाके में सुबह-सुबह यह अभियान चलाया गया। सूत्रों ने बताया कि इसमें तीन हवलदार और चार सिपाहियों सहित सात सैनिक मारे गए, जबकि छह अन्य घायल हो गए। वहीं, मारे गए आठ आतंकवादी प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े थे।
कॉन्यैक आयात विवाद सुलझाने की ओर आगे बढ़े फ्रांस और चीन
फ्रांस के विदेश मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि फ्रांस और चीन कॉन्यैक (फ्रांसीसी शराब ब्रांड) आयात को लेकर चल रहे व्यापार विवाद को हल करने की दिशा में प्रगति कर रहे हैं। चीन ने यूरोपीय ब्रांड पर अस्थायी रूप से 30.6 फीसदी से 39 फीसदी तक के टैरिफ लगाए थे, जो अब तीन महीने के लिए टल गए हैं। फ्रांस के मंत्री जीन-नोएल बैरट ने बताया कि इस फैसले उद्योग को राहत मिली है और स्थायी टैरिफ लागू होने की आशंका फिलहाल टल गई है।
इटली ने पारित किया नया कानून, अल्बानिया में बने शरणार्थी केंद्र अब निर्वासन केंद्र के रूप में भी होंगे इस्तेमाल
इटली की सरकार ने अल्बानिया में बनाए गए प्रवासी केंद्रों को अब निर्वासन केंद्र के रूप में भी इस्तेमाल करने के लिए नया कानून पारित किया है। पहले इन केंद्रों का उपयोग केवल अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र से बचाए गए प्रवासियों के लिए किया जाना था, लेकिन अब यहां उन प्रवासियों को भी रखा जाएगा, जिनका शरण अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया है और जिन्हें देश छोड़ने का आदेश मिला है। यह योजना अभी तक कानूनी अड़चनों और मानवाधिकार संगठनों के विरोध के कारण विफल रही थी। अब नए कानून के तहत इन केंद्रों का उपयोग प्रवासियों की वापसी प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए किया जाएगा।
वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के वास्तुकार डेविड चाइल्ड्स का निधन
वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के प्रमुख वास्तुकार डेविड चाइल्ड्स का 83 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने न्यूयॉर्क में 9/11 हमले के बाद नए वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का डिजाइन तैयार किया था। चाइल्ड्स ने बुधवार को न्यूयॉर्क के पेल्हम में अंतिम सांस ली। वे ल्यूई बॉडी डिमेंशिया से पीड़ित थे। उनके बेटे निकोलस चाइल्ड्स ने यह जानकारी दी।
आत्मघाती हमले में बाल-बाल बचे शीर्ष बलूच नेता और कार्यकर्ता
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में शनिवार को एक शीर्ष बलूच राष्ट्रवादी नेता और उनकी पार्टी के अन्य कार्यकर्ता उस समय बाल-बाल बच गए, जब एक आत्मघाती हमलावर ने उनके धरना स्थल के पास खुद को उड़ा लिया। सरदार अख्तर मेंगल शुक्रवार से ही वाध से क्वेटा तक एक लंबे मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें बलूच यकजेहती समिति (बीवाईसी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का विरोध किया जा रहा है, जिसके प्रमुख डॉ. महरंग बलूच को आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत गिरफ्तार किया गया था।
आत्मघाती हमलावर ने बलूचिस्तान प्रांत में क्वेटा से लगभग 50 किलोमीटर दक्षिण में मस्तुंग में लकी दर्रे के निकट उनके धरना स्थल के निकट खुद को उड़ा लिया, लेकिन मेंगल और अन्य लोग बाल-बाल बच गए। मस्तंग के सहायक आयुक्त (एसी) अकरम हरिफाल ने मीडिया को बताया कि लेवी कर्मियों ने रैली के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा था और जब वे उससे पूछताछ करने गए, तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसने खुद को उड़ा लिया। 19वीं सदी के अंत में स्थापित, लेवी फोर्स एक स्थानीय सामुदायिक पुलिस बल है।
नेपाल में राजशाही समर्थक प्रदर्शनों में मारे गए फोटो पत्रकारों को दी गई श्रद्धांजलि
नेपाल में एक दिन पहले राजशाही समर्थकों की तरफ से किए गए हिंसक प्रदर्शनों में मारे गए एक मीडियाकर्मी को शनिवार को सैकड़ों पत्रकारों ने श्रद्धांजलि दी। बता दें कि, काठमांडू के कई हिस्सों में शुक्रवार को तनावपूर्ण स्थिति देखी गई, जब राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों ने राजधानी के तिनकुने इलाके में पथराव किया, एक राजनीतिक पार्टी के कार्यालय पर हमला किया, वाहनों में आग लगा दी और दुकानों को लूट लिया।
सुरक्षाकर्मियों और राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में टीवी कैमरामैन सुरेश रजक सहित दो लोगों की मौत हो गई और 110 अन्य घायल हो गए। एवेन्यूज़ टेलीविज़न से जुड़े फोटो पत्रकार रजक का पूरी तरह जला हुआ शव एक घर से बरामद किया गया, जिसे शुक्रवार शाम राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी थी। नेपाली पत्रकार महासंघ (एफएनजे) ने राजधानी के मैतीघर मंडला में अपने नेतृत्व में आयोजित एक रैली के दौरान रजक की दुर्भाग्यपूर्ण मौत की सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच की मांग की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कैद मेयर के समर्थन में इस्तांबुल में हजारों लोगों ने रैली निकाली
इस्तांबुल शहर के कैद मेयर के समर्थन में शनिवार को फिर से हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी इस्तांबुल में एकत्र हुए और उनकी रिहाई की मांग की। तुर्की की मुख्य विपक्षी पार्टी रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (सीएचपी) ने इस प्रदर्शन का आयोजन किया, यह प्रदर्शनों की एक श्रृंखला में नवीनतम है, जिसके परिणामस्वरूप सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया और देश के लंबे समय के नेता, राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन पर दबाव बढ़ा दिया।
इस्तांबुल के मेयर एक्रेम इमामोग्लू, जो एर्दोगन के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं, को 19 मार्च को भ्रष्टाचार और आतंकवाद के आरोपों में हिरासत में लिया गया था, जिसे कई लोगों ने राजनीति से प्रेरित माना। सरकार इस बात पर जोर देती है कि न्यायपालिका स्वतंत्र है और इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है। उनकी हिरासत और बाद में 23 मार्च को भ्रष्टाचार के आरोपों में औपचारिक गिरफ्तारी ने विधानसभा प्रतिबंधों, पुलिस कार्रवाई और अधिकारियों द्वारा कानूनी अभियोजन के बावजूद देशव्यापी विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया।