नाटो प्रमुख मार्क रूट ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने रिश्ते सुधारने का आह्वान किया है। एक कार्यक्रम में रूट ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को जेलेंस्की से बात की और कहा कि उन्हें व्हाइट हाउस की बैठक के दौरान हुई तीखी बहस के बाद ट्रंप के साथ अपने संबंधों को बहाल करने का रास्ता खोजना होगा। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि राष्ट्रपति जेलेंस्की अमेरिकी राष्ट्रपति और वरिष्ठ अमेरिकी नेतृत्व टीम के साथ अपने संबंधों को बहाल करने का कोई रास्ता खोजें।
पाकिस्तान के मदरसा में विस्फोट, आठ लोगों की मौत
उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत स्थित एक मदरसे में जुमे की नमाज अदा करने के दौरान शक्तिशाली विस्फोट होने की घटना में मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर आठ हो गई है। पुलिस ने यह जानकारी दी। मुख्य सचिव शाहब अली शाह ने पुष्टि कर बताया कि ‘दारुल उलूम हक्कानिया’ नामक मदरसे में यह विस्फोट हुआ है, जिसमें जमीयत उलेमा इस्लाम (सामी समूह) के प्रमुख एवं नौशेरा जिले के अकोरा खट्टक स्थित मदरसा-ए-हक्कानिया की देखरेख करने वाले हमीदुल हक हक्कानी की मौत हो गई जबकि 17 अन्य व्यक्ति घायल हो गए। खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जुल्फिकार हमीद ने बताया कि पुलिस को संदेह है कि इस हमले को आत्मघाती बम हमलावर के जरिए अंजाम दिया गया और हमीदुल हक ही निशाने पर थे।
बच्चों में गणित कौशल सुधारने की पहल, नयी परोपकार संस्था की योजना बना रहे ऋषि सुनक-अक्षता मूर्ति
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति ने शनिवार को ऐलान किया कि वे इंग्लैंड में बच्चों और युवाओं में गणित कौशल को निखारने पर केंद्रित एक नयी परोपकारी संस्था शुरू करने की योजना बना रहे हैं। 'रिचमंड प्रोजेक्ट' की शुरुआती इस साल के अंत में की जाएगी। पिछले साल सुनक के '10 डाउनिंग स्ट्रीट' छोड़ने के बाद से 44 वर्षीय दंपती की यह पहली बड़ी संयुक्त परियोजना है और इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों को गणित विषय में आत्मविश्वासी बनाने में मदद करना है। सुनक ने सोशल मीडिया पर घोषणा की, इस साल के अंत में अक्षता और मैं 'रिचमंड प्रोजेक्ट' की शुरुआत करेंगे - एक नयी परोपकारी संस्था जो गणित विषय में सुधार पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, गणित को लेकर आत्मविश्वास जीवन को बदल देता है। यह संभावनाओं के अवसर खोल देता है, सामाजिक गतिशीलता को बढ़ावा देता है और लोगों को आगे बढ़ने में मदद करता है। लेकिन अभी, बहुत से लोग संघर्ष कर रहे हैं। जल्द ही और भी बहुत कुछ आने वाला है। अक्षता मूर्ति ने सोशल मीडिया मंच 'इंस्टाग्राम' पर पोस्ट कर कहा कि यह परोपकारी संस्था शिक्षा की ताकत के प्रति उनकी साझा अभिलाषा को दर्शाता है।
पक्षी टकराने और इंजन में आग लगने के बाद अमेरिका में आपातकालीन लैंडिंग
पक्षी टकराने और इंजन में आग लगने के बाद फेडएक्स कार्गो विमान की शनिवार को न्यूजर्सी हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी के बंदरगाह प्राधिकरण के प्रवक्ता लेनिस वैलेंस ने कहा कि विमान आपातकालीन स्थिति के दौरान नेवार्क लिबर्टी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। वैलेंस ने कहा कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और कार्गो विमान में लगी आग को इंजन तक ही सीमित रहा। वैलेंस ने कहा कि आपातकालीन लैंडिंग के कारण एहतियात के तौर पर हवाई यातायात को कुछ समय के लिए रोक दिया गया और कुछ ही देर बाद परिचालन फिर से शुरू हो गया। आपातकालीन लैंडिंग सुबह 8 बजे के बाद हुई। फेडएक्स के प्रवक्ता ने कहा कि विमान इंडियानापोलिस जा रहा था।
रूस और अमेरिका का सामान्य दूतावास संचालन पर जोर
रूस और अमेरिकी राजनयिकों ने तुर्किये के इस्तांबुल में अपने-अपने देशों में स्थित एक-दूसरे के दूतावासों के संचालन को सामान्य बनाने और दोनों देशों में सीधे हवाई लिंक पर चर्चा की। दोनों देशों ने पिछले कुछ वर्षों में एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेमलिन’ के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर और दोनों देशों के अफसरों में सऊदी अरब वार्ता के बाद इस्तांबुल में ये वार्ताएं हुई हैं।
संघीय सुरक्षा सेवा की इस बैठक में पुतिन ने ट्रंप प्रशासन की व्यावहारिकता और उनके यथार्थवादी दृष्टिकोण की सराहना की। पुतिन ने कहा, नए अमेरिकी प्रशासन के साथ हुए पहले संपर्क से कुछ आशाएं बढ़ी हैं। संबंधों को बहाल करने और वैश्विक व्यवस्था में मौजूद रणनीतिक समस्याओं को धीरे-धीरे हल करने के उद्देश्य से काम करने के लिए पारस्परिक तत्परता है। अंकारा में स्थित अमेरिकी दूतावास के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि इस्तांबुल वार्ता में संबंधित राजनयिक मिशनों के संचालन को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, वार्ता अच्छी रही।
चीन : 17 बच्चों की तस्करी की दोषी महिला को फांसी
चीन में एक दशक से अधिक समय तक 17 बच्चों के अपहरण व तस्करी करने की दोषी एक महिला को शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिमी चीन के गुइझोउ प्रांत के गुइयांग में फांसी दे दी गई। 62 वर्षीय यू हुआयिंग पर 1993 से 2003 के बीच गुइझोउ, चोंगकिंग व युन्नान सहित कई क्षेत्रों में बाल तस्करी के लिए दूसरों के साथ साजिश रचने की आरोपी रही है। सुप्रीम पीपुल्स कोर्ट द्वारा मृत्युदंड की मंजूरी के बाद उसकी फांसी की सजा को अमल में लाया गया। कोर्ट ने उसकी निजी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया है।
पाक सुरक्षा बलों ने अशांत उत्तरपश्चिम में 6 आतंकवादियों को मार गिराया
पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षाकर्मियों ने एक खुफिया आधारित अभियान में छह आतंकवादियों को मार गिराया। सेना की मीडिया शाखा ने इसकी जानकारी दी है। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के मुताबिक, आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने उत्तरी वजीरिस्तान जिले के गुलाम खान कलाय इलाके में ऑपरेशन चलाया।
बयान में कहा गया है कि मारे गए आतंकवादियों के पास से हथियार और गोला-बारूद जब्त किया गया।
भारतीय तटरक्षक जहाज, सचेत, कैंसर रोधी दवाओं सहित 2 टन से अधिक जीवन रक्षक दवाओं की खेप लेकर आज सूडान के लिए रवाना हुआ। भारतीय तटरक्षक जहाज सचेत 20 हेमोडायलिसिस मशीनों और 1 आरओ प्लांट सहित चिकित्सा सहायता लेकर आज जिबूती के लिए रवाना हो गया है।
इंग्लिश को आधिकारिक भाषा बनाने वाले आदेश पर हस्ताक्षर कर सकते हैं ट्रंप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इंग्लिश को अमेरिका की आधिकारिक भाषा का दर्जा देने वाले कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। आदेश के बाद सरकारी एजेंसियां और अन्य संगठन, जो संघीय फंडिंग पर संचालित होते हैं, वे इंग्लिश भाषा में अपना कामकाज करेंगे। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने एक कार्यकारी आदेश जारी किया था, जिसमें गैर इंग्लिश भाषी लोगों को भाषायी मदद दी जाती थी, लेकिन अब यह आदेश निरस्त हो जाएगा। अमेरिका के 30 राज्य पहले से ही इंग्लिश को अपनी आधिकारिक भाषा का दर्जा दे चुके हैं। हालांकि केंद्र के स्तर पर यह अभी तक नहीं हुआ था। अब ट्रंप के आदेश के बाद इंग्लिश आधिकारिक तौर पर अमेरिका की आधिकारिक भाषा बन जाएगी।
संघीय कर्मचारियों से उनकी उपलब्धियों की मांगी जा रही जानकारी
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के सत्ता में आने के बाद से संघीय कर्मचारियों पर आफत टूट पड़ी है। बड़ी संख्या में संघीय कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है और अब जो बचे हैं, उनसे उनकी उपलब्धियों के बारे में पूछा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार से संघीय कर्मचारियों को ईमेल मिल रहा है, जिसमें उनसे ये पूछा जा रहा है कि बीते हफ्ते उन्होंने क्या काम किया? और उन पांच कामों की लिस्ट मांगी जा रही है, जो उन्होंने हाल के समय में पूरे किए। ट्रंप प्रशासन द्वारा बड़ी संख्या में संघीय कर्मचारियों को रिटायर किया जा रहा है। अब ताजा ईमेल ने कर्मचारियों की मुश्किल और बढ़ा दी है।
ब्रिटेन में इस्लामोफोबिया की परिभाषा होगी तय
ब्रिटेन की लेबर पार्टी की सरकार ने इस्लामोफोबिया की परिभाषा तय करने के लिए पूर्व अटॉर्नी जनरल के नेतृत्व एक समिति बनाई है। यह समिति इस्लामोफोबिया की परिभाषा की समीक्षा करेगी। उप-प्रधानमंत्री एंजेला रेनर ने बताया कि पूर्व अटॉर्नी जनरल डोमिनिक ग्रिव अपनी कानूनी और सरकारी विशेषज्ञता से मुस्लिम विरोधी घृणा अपराधों से निपटने के लिए नियम बनाएंगे। यह समिति छह माह में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। उप-प्रधानमंत्री ने कहा कि मुस्लिम विरोधी घृणा अपराधा अस्वीकार्य है और हमारे समाज में इसकी कोई जगह नहीं हैं। हालांकि ब्रिटेन के अन्य समुदायों ने इस्लामोफोबिया पर इस तरह से फोकस योजना पर चिंता जताई है और इसे समावेशी नीति के खिलाफ बताया। गौरतलब है कि ब्रिटेन के सामुदायिक संगठन इनसाइट यूके ने सराकर से हिंदू विरोधी नफरत सहित सभी धार्मिक नफरत का मुकाबल करने के लिए एक बेहतर और समावेशी योजना बनाने की अपील की थी। हालांकि ब्रिटेन सरकार ने फिलहाल इस्लामोफोबिया पर ही फोकस किया है।
अमेरिका की आधिकारिक भाषा बनेगी इंग्लिश
भारतीय व्यवसायी संजय भंडारी को प्रत्यर्पण मामले में ब्रिटेन की अदालत ने फिलहाल राहत दे दी है। लंदन के हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा, यदि उसे भारत भेजा जाता है, तो उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन हो सकता है क्योंकि वहां उसे प्रताड़ना या गलत व्यवहार का खतरा है। ब्रिटिश मंत्रियों ने जनवरी 2023 में भंडारी के भारत प्रत्यर्पण का आदेश दिया था। संजय भंडारी पर भारत में कर चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। भंडारी ने बीते साल इस फैसले को वहां के हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। भारतीय उच्चायोग ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।