नेपाल: 12 महिलाओं समेत 75 भारतीयों को माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की मिली मंजूरी
भारत के 75 पर्वतारोहियों को इस साल दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने की मंजूरी मिली है, इसमें 12 महिलाएं हैं। नेपाल के पर्यटन विभाग ने बताया, इस सीजन माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए 55 देशों के कुल 441 पर्वतारोहियों को मंजूरी दी गई है।
हम भारत के साथ रक्षा समझौतों में संशोधन चाहते हैं : मालदीव
भारत के साथ मालदीव मौजूदा रक्षा समझौतों में संशोधन चाह रहा है, ताकि मालदीव की संप्रभुता और स्वतंत्रता से समझौता न हो सके। सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए रक्षा मंत्री मो. घासन मौमून ने मंगलवार को संसद में कहा, दोनों देशों में लंबे समय से घनिष्ठ संबंध हैं। भारत से हुए कुछ समझौतों में संशोधन किया जा रहा है, ताकि हमारी संप्रभुता सुरक्षित रहे।
पहलगाम: आयरलैंड में भारतीय राजदूत ने वहां के अखबार के संपादकीय पर जताई आपत्ति
पहलगाम आतंकी हमले के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने वाले आयरलैंड के प्रमुख अखबार द आयरिश टाइम्स की भारतीय राजदूत अखिलेश मिश्रा ने जमकर खबर ली है। संपादक के नाम लिखे पत्र में मिश्रा ने अखबार के संपादकीय को दुर्भावना से लिखा गया लेख करार दिया है। आयरलैंड में भारत के राजदूत मिश्रा ने कहा कि संपादकीय में पेशेवर निष्पक्षता का पूरी तरह अभाव है। आतंकवाद की निंदा करने और मासूम पीड़ितों के प्रति सहानुभूति जताने के बजाय यह भारत की तुलना पाकिस्तान से करके आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों को कवर फायर प्रदान करता है।
मिश्रा ने संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर युद्ध भड़काने के लगाए गए आरोप पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। भारत के रुख को साफ करते हुए मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह हैरानी की बात है कि एक प्रतिष्ठित अखबार आतंकी हमदर्दी को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने अपने पोस्ट के साथ दो पेज का एक पत्र भी साझा किया है, जिसमें उन्होंने अखबार के लेख के हर पहलु पर विस्तान से जवाब दिया है।
ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर पहुंचे अमेरिका और ब्रिटेन: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, आज सुबह मुझे यह घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हम ब्रिटेन के साथ व्यापार समझौते पर पहुंच गए हैं। आज द्वितीय विश्व युद्ध का विजय दिवस है। हमने ठीक 80 साल पहले एक साथ मिलकर विजय प्राप्त की थी। इसलिए इस ऐतिहासिक समझौते पर पहुंचने के लिए इससे बेहतर सुबह कोई और नहीं हो सकती थी।