उत्तर-पश्चिमी कांगो में नाव डूबने से 30 की मौत
कांगो के उत्तर-पश्चिमी प्रांत में खराब मौसम के कारण एक नाव डूबने से 30 यात्रियों की मौत हो गई। कई लोगों की तलाश जारी है, जो अभी भी लापता हैं। क्षेत्रीय प्रशासक जस्टिन मपुटु ने मीडिया को बताया कि नाव बुधवार देर रात बिकोरो क्षेत्र में टुम्बा झील के किनारे ग्रामीणों को ले जाते वक्ट डूब गई। उन्होंने बताया कि 30 शव बरामद किए गए हैं, और कई लोग लापता हैं।
पाकिस्तानी सेना प्रमुख मुनीर को अमेरिका ने 250वें सेना दिवस पर किया आमंत्रित
भारत और हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलने वाले पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को अमेरिका ने सेना की 250वीं वर्षगांठ पर आमंत्रित किया है। जनरल मुनीर अमेरिका में सेना दिवस पर होने वाली परेड में शामिल होंगे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुनीर वाशिंगटन में अपने दौरे के दौरान अमेरिकी विदेश विभाग और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सकते हैं। मुनीर का अमेरिका दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत-पाकिस्तान में पहलगाम आतंकी घटना के बाद से तनाव बना हुआ है। मुनीर ने अमेरिका से मिले निमंत्रण के बाद सेना दिवस की परेड में अपनी मौजूदगी की पुष्टि की। वह इस हफ्ते अमेरिकी यात्रा पर रवाना होकर 14 जून को वर्षगांठ कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसी दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जन्मदिन भी है। वह 80 वर्ष के हो जाएंगे। इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमान के कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला ने पाकिस्तान को लेकर कहा था आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में पाकिस्तान हमारा साझेदार है।
भारत का डिजिटल बुनियादी ढांचा गेम-चेंजर : डाटाब्रिक्स
डाटाब्रिक्स के सीईओ और सह-संस्थापक अली घोड़सी ने कहा है कि भारत का डिजिटल ढांचा विकास एक गेम-चेंजर रहा है, जिसने देश को अन्य अधिकांश देशों से आगे रखा है। डाटाब्रिक्स डाटा व एआई समिट 2025 में घोड़सी ने कहा कि भारत ऐसे समय में उन्नति की ओर है जब कई अन्य क्षेत्रों और देशों में मंदी एक चिंता का विषय है। पिछले दशक में जो हुआ है, जहां भारत में बहुत सारे डिजिटल ढांचे का निर्माण किया गया है, वह एक गेम-चेंजर है। घोड़सी ने कहा, अमेरिका या अन्य देशों में भी ऐसा नहीं है। भारत अब दुनिया के अधिकांश अन्य देशों की तुलना में डिजिटल ढांचा क्षेत्र में काफी आगे है। इससे डाटा-एआई में नवाचार आसान हो जाता है।
बांग्लादेश: टैगोर के पैतृक घर में तोड़फोड़ के सिलसिले में पांच गिरफ्तार
बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर में तोड़फोड़ के सिलसिले में कम से कम पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि कवि से जुड़ी किसी भी निशानी को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। रवींद्र कछारीबाड़ी या रवींद्र स्मारक संग्रहालय, जिसे रविवार को तोड़फोड़ के बाद बंद कर दिया गया था, शुक्रवार को आगंतुकों के लिए फिर से खोल दिया गया।
कछारीबाड़ी सिराजगंज जिले में स्थित टैगोर परिवार का पैतृक घर और राजस्व कार्यालय है। रवींद्रनाथ के दादा द्वारकानाथ टैगोर की तरफ से 1840 में खरीदा गया यह परिसर नोबेल पुरस्कार विजेता के लिए एकांतवास का पसंदीदा स्थान था, जिन्होंने इस स्थान पर अपनी कई उल्लेखनीय साहित्यिक कृतियां लिखी थीं। एक स्थानीय अखबार ने कहा कि सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ड्यूटी पर मौजूद एक कर्मचारी और एक आगंतुक के बीच पार्किंग टिकट को लेकर हुई कहासुनी के दौरान रवींद्रनाथ टैगोर की यादों से जुड़ी कोई भी निशानी या कलाकृति क्षतिग्रस्त नहीं हुई। घटना के बाद, भीड़ ने कचहरीबाड़ी के सभागार पर हमला किया और तोड़फोड़ की तथा संस्थान के निदेशक की पिटाई की। बयान में कहा गया कि जिला प्रशासन और पुरातत्व विभाग ने अलग-अलग जांच समितियां बनाई हैं और कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने घटना के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें कहा गया कि अधिकारी इसमें शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए हैं।