ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो पर तख्तापलट की साजिश का आरोप
ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो पर 2022 के चुनाव हारने के बाद तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप लगा है। ब्राजील के मुख्य अभियोजनक-जनरल पाउलो गोनेट ने इस मामले में कोर्ट से बोल्सोनारो को दोषी करार दिए जाने की मांग की है। उन्होंने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) देर रात जारी 517 पन्नों की रिपोर्ट में कहा, 'सबूत स्पष्ट हैं, अभियुक्त ने अपने कार्यकाल के दौरान और चुनावों में हार के बाद भी, विद्रोह भड़काने और लोकतांत्रिक कानून व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए व्यवस्थित रूप से काम किया।' वहीं, बोल्सोनारो ने सभी आरोपों को झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि मैंने कभी लोकतंत्र या संविधान का उल्लंघन नहीं किया। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि यह मुकदमा एक 'चुड़ैल का शिकार' था, जो पिछले हफ्ते अपने दक्षिण अमेरिकी सहयोगी के बचाव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द की याद दिलाता है।
सीनेट के रिपब्लिकन सदस्यों ने मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व में स्वीकृत लगभग 9 अरब डॉलर के खर्च को कम करने के अनुरोध को आगे बढ़ाया। सीनेट में मतदान 50-50 के अंतर से हुआ, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वोट देकर बराबरी का अंतर तोड़ा। सीनेट में अंतिम मतदान बुधवार को हो सकता है। इसके बाद विधेयक पर सदन में एक और मतदान होगा, जिसके बाद शुक्रवार की समय सीमा से पहले इसे ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए उनके पास भेजा जाएगा। रिपब्लकिन सदस्य प्रस्तावित 40 करोड़ डॉलर की कटौती के लिए PEPFER नामक कार्यक्रम को बंद करने पर विचार कर सकते हैं। एचआईवी/एड्स जैसी बीमारी से निपटने के लिए पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी।
दो यूरोपीय राजनयिकों ने मंगलवार को बताया कि अगर परमाणु समझौते पर कोई ठोस प्रगति नहीं होती है तो ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे देश अगस्त में ईरान पर संयुक्त राष्ट्र के कड़े प्रतिबंध बहाल करने पर सहमत हैं। इस मुद्दे पर तीनों देशों के राजदूतों की जर्मनी में संयुक्त राष्ट्र मिशन में चर्चा हुई। तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ फोन पर बातचीत में भी इस विषय पर चर्चा की। इन देशों की कोशिश है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके।