लंदन: ब्रिटिश हिंदुओं ने ऑक्सफोर्ड यूनियन के बाहर किया विरोध-प्रदर्शन
ब्रिटेन में ब्रिटिश हिंदुओं और भारतीयों की सामाजिक संस्था, ‘इनसाइट यूके’ ने शुक्रवार को ऑक्सफोर्ड विवि की बहस करने वाली संस्था ऑक्सफोर्ड यूनियन के सामने विरोध-प्रदर्शन कर नारेबाजी की। यूनियन ने कश्मीर पर ‘यह सदन स्वतंत्र राज्य में विश्वास करता है’ शीर्षक से एक बहस आजोजित की, जिसमें भारत विरोधी वक्ता बुलाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा, आयोजन बताता है कि यूनियन आतंकियों के पक्ष में खड़ी है।
प्रदर्शनकारियों ने आतंकवाद से कथित संबंधों वाले वक्ताओं (मुजम्मिल अय्यूब ठाकुर और जफर खान) की मेजबानी की निंदा की। प्रदर्शन में ऑक्सफोर्ड यूनियन के बाहर बैनर लिए छात्रों ने ‘भारत माता की जय, वंदे मातरम’ जैसे नारे लगाए। ‘इनसाइट यूके’ ने कहा, जम्मू कश्मीर भारत का था, है और रहेगा। उसने कहा, मुजम्मिल और खान भारत विरोधी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
यूके के वेल्स से भारतीय मूल के पहले सांसद कनिष्क नारायण इस सप्ताह के अंत में भारत के दौरे पर आएंगे। यूके के हाउस ऑफ कॉमन्स में अपनी सीट जीतने के बाद कनिष्क नारायण अपनी पहली दिल्ली यात्रा पर आ रहे हैं। वह यूके के संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, जो पर्यावरण नीति पर चर्चा के लिए भारत आ रहा है। बिहार में जन्मे कनिष्क नारायण ने वेल्स का सांसद बनकर इतिहास रचा है क्योंकि वे भारतीय मूल के पहले वेल्स सांसद हैं।
भारत दौरे को लेकर कनिष्क नारायण ने कहा कि व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों ही तरह से भारत के साथ मेरा रिश्ता गहरा है। यह दौरा पर्यावरण नीति पर द्विपक्षीय आदान-प्रदान, सम्मेलनों में भाग लेने और पर्यावरण नीति के मामलों पर व्यापक समुदाय के लोगों से बात करने पर केंद्रित है।' बिहार के मुजफ्फरपुर से ताल्लुक रखने वाले कनिष्क नारायण जब बहुत छोटे थे, तभी वे अपने परिवार के साथ वेल्स की राजधानी कार्डिफ चले गए थे। निजी क्षेत्र में काम करने और सिविल सेवक के रूप में काम करने से पहले उन्होंने ऑक्सफ़ोर्ड और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालयों में पढ़ाई की। किशोरावस्था में ही वे लेबर पार्टी से जुड़कर राजनीति में आ गए थे।उनका कहना है कि 'यह दिलचस्प है कि जब मैं निर्वाचित हुआ तो कई लोगों ने मुझसे कहा कि बिहार में मेरी जड़ें होने के कारण, राजनीति भी मेरे डीएनए में है। मेरे माता-पिता, निश्चित रूप से मेरे पिताजी, हमेशा राजनीति में बहुत रुचि रखते थे।
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा दिसानायके सोमवार को देश के नए प्रधानमंत्री और कैबिनेट की नियुक्ति करेंगे। दिसानायके के नेतृत्व वाले गठबंधन एनपीपी ने श्रीलंका के आम चुनाव में जोरदार जीत हासिल की है। एनपीपी ने संसदीय चुनाव में दो तिहाई बहुमत से जीत हासिल की, साथ ही तमिल बहुल इलाके जाफना में भी प्रभावी जीत दर्ज की।
सोमवार को नियुक्त होने वाली कैबिनेट में 25 सदस्य हो सकते हैं। श्रीलंका के संविधान के अनुच्छेद 46 के मुताबिक सरकार में कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 30 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और उप-मंत्री मिलाकर भी संख्या 40 के पार नहीं जानी चाहिए। एनपीपी छोटी सरकार की समर्थक है ताकि सरकार की लागत को कम रखा जा सके। सितंबर में राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद से भी एनपीपी की सरकार सिर्फ तीन मंत्रियों के साथ काम कर रही है, जिनमें से भी एक राष्ट्रपति खुद हैं।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भारी धुंध के कारण सभी स्कूल 24 नवंबर तक बंद रहेंगे। वहीं कॉलेज और विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं लगेंगी। पंजाब सरकार ने लाहौर, मुल्तान और कुछ अन्य शहरों के सबसे प्रदूषित रहने के बाद प्रांत में प्रतिबंधों को 24 नवंबर तक बढ़ा दिया। प्रदूषण से लाहौर और मुल्तान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। मुल्तान में वायु गुणवत्ता सूचकांक दो बार 2000 को पार कर चुका है। पंजाब सरकार ने लाहौर और मुल्तान में आपातकाल की घोषणा की है। यहां शुक्रवार से रविवार तक लॉकडाउन लगाया गया है। इसके अलावा लाहौर और मुल्तान में निर्माण गतिविधियों को 10 दिनों के लिए बंद किया गया है।