माउंट एवरेस्ट के चीनी हिस्से में बीते दिनों आए एक बर्फीले तूफान में फंसे लगभग 900 पर्वतारोहियों, गाइड और अन्य कर्मचारियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। चीन के सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। शनिवार रात इस क्षेत्र में एक भयंकर तूफान आया, जिससे माउंट एवरेस्ट पर करीब 4,900 मीटर की ऊंचाई पर तंबुओं में ठहरे पर्वतारोही फंस गए। तूफान के चलते कुल मिलाकर, 580 पैदल यात्री और 300 से ज्यादा गाइड, याक चरवाहे और अन्य कर्मचारी फंसे हुए थे। स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया गया कि लगभग 350 पर्वतारोहियों को सोमवार दोपहर और बाकी को मंगलवार तक सुरक्षित बचा लिया गया।
कुछ लोग को कथित तौर पर हाइपोथर्मिया की परेशानी हुई है। हालात को देखते हुए माउंट एवरेस्ट पर फिलहाल पर्यटन को बंद कर दिया गया है। नेपाल में भी बीते सप्ताह आए एक तूफान में माउंट एवरेस्ट के दक्षिण में 6,476 मीटर ऊंचाई पर एक दक्षिण कोरियाई पर्वतारोही की मौत हो गई थी।
भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में सर्जियो गोर के नाम पर सीनेट की मुहर
अमेरिका की सीनेट ने भारत में अगले अमेरिकी राजदूत के तौर पर सर्जियो गोर (38) के नाम की पुष्टि कर दी है। सीनेट में उनके नाम पर हुए मतदान में 51 सीनेटरों ने गोर के पक्ष में और 47 ने उनके विरुद्ध मतदान किया। यह पुष्टि वर्तमान अमेरिकी सरकारी शटडाउन के बावजूद हुई। गोर के अलावा सीनेट ने पॉल कपूर को दक्षिण एशियाई मामलों के लिए सहायक विदेश मंत्री और फ्लोरिडा की अंजनी सिन्हा को सिंगापुर गणराज्य में राजदूत नियुक्त करने पर भी मुहर लगा दी। गोर के अलावा सीनेट ने 107 अन्य नामित व्यक्तियों के नामों की पुष्टि की।
भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाएं ट्रंप : अमेरिकी कांग्रेस सदस्य
अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों के एक समूह ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखकर भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है। इसमें मौजूदा टैरिफ नीति की समीक्षा करने और भारतीय नेतृत्व के साथ बातचीत जारी रखने को भी कहा गया है। यह पत्र भारत पर ट्रंप के भारी-भरकम टैरिफ लगाए जाने के मद्देनजर आया है। भारी टैरिफ के चलते भारत और अमेरिका के रिश्ते तनावपूर्ण चल रहे हैं।
पत्र पर प्रतिनिधि डेबोरा के. रॉस, रो खन्ना, ब्रैड शेरमन, राजा कृष्णमूर्ति, प्रमिला जयपाल, फ्रैंक पैलोन जूनियर तथा बड़ी भारतीय-अमेरिकी आबादी वाले जिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले कई अन्य लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। पत्र में सांसदों ने कहा कि आपके प्रशासन की हालिया कार्रवाइयों ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ संबंधों को तनावपूर्ण बना दिया है। इससे दोनों देशों के लिए नकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पत्र में द्विपक्षीय संबंधों में संतुलन बहाल करने के लिए त्वरित कार्रवाई का आह्वान किया गया। सांसदों ने कहा कि दंडात्मक उपायों ने भारतीय निर्माताओं को नुकसान पहुंचाया है। साथ ही अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए कीमतें बढ़ गई हैं और उन जटिल आपूर्ति शृंखलाओं को भी नुकसान पहुंचा है जिन पर अमेरिकी कंपनियां निर्भर हैं। कांग्रेस के सदस्यों ने लिखा कि व्यापारिक साझेदारी दोनों देशों में लाखों नौकरियों का सृजन करती है। अमेरिकी निर्माता सेमीकंडक्टर से लेकर स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा तक, विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख इनपुट के लिए भारत पर निर्भर हैं, जबकि अमेरिका में भारतीय निवेश ने अमेरिकी समुदायों में रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं।
पत्र में चेतावनी दी गई है कि टैरिफ में वृद्धि भारत को चीन और रूस सहित संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रति शत्रुतापूर्ण देशों के करीब ला सकती है। इससे वाशिंगटन के रणनीतिक हितों को नुकसान पहुंच सकता है। इसमें भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक स्थिर शक्ति और रक्षा सहयोग में एक महत्वपूर्ण भागीदार बताया गया है। पत्र में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ क्वाड गठबंधन में भारत की भूमिका का भी जिक्र किया गया है।
नेपाल: पोखरा भूमि घोटाले में दो पूर्व मंत्रियों समेत सात पर मामला दर्ज
नेपाल के भ्रष्टाचार निरोधक निकाय ने बुधवार को पोखरा स्थित लीची बागान भूमि घोटाले में दो पूर्व मंत्रियों समेत सात लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया। सत्ता के दुरुपयोग की जांच आयोग (सीआईएए) ने सीपीएन-यूएमएल के पूर्व संघीय मामलों और सामान्य प्रशासन मंत्री राजकुमार गुप्ता और नागरिक उन्मुक्ति पार्टी की पूर्व भूमि प्रबंधन, सहकारिता एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री रंजीता श्रेष्ठ के खिलाफ रिश्वतखोरी के मामलों में कथित संलिप्तता के लिए आरोप पत्र दाखिल किया है। जुलाई में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग लीक होने के बाद यह मामला उजागर हुआ था। रिकॉर्डिंग में पूर्व मंत्रियों और बिचौलियों के बीच बातचीत दर्ज थी, जिसमें पोखरा के बटुलेचौर में 134 रोपनी भूमि के स्वामित्व रिकॉर्ड में हेरफेर करने के लिए रिश्वत का सौदा किया गया था, जिसे लीची बागान भूखंड के रूप में जाना जाता है।
बांग्लादेश ने भारतीय विदेश सचिव की चुनावों पर टिप्पणी को बताया 'अनावश्यक'
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने बुधवार को भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री की आम चुनावों को लेकर की गई टिप्पणी को 'पूरी तरह से अनावश्यक' करार दिया। अंतरिम सरकार का कहना है कि यह पूरी तरह बांग्लादेश का आंतरिक मामला है। बांग्लादेश के विदेश सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, मैं इस बयान को उनकी चिंता का विषय नहीं मानता। यह पूरी तरह बांग्लादेश का आंतरिक मामला है और ऐसी टिप्पणियां पूरी तरह से अनावश्यक हैं। मिस्री ने कहा था कि भारत चाहता है कि बांग्लादेश में जल्द से जल्द स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराए जाएं और भारत ऐसी किसी भी सरकार के साथ काम करने को तैयार है जिसे बांग्लादेश की जनता लोकतांत्रिक तरीके से चुनेगी।