श्रीलंका की नौसेना ने गुरुवार को 47 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया और उनकी पांच ट्रॉलर बोट जब्त कर ली हैं। यह कार्रवाई उत्तरी श्रीलंका के तलाईमन्नार क्षेत्र में की गई, जहां मछुआरों पर श्रीलंका की समुद्री सीमा में ग़ैरक़ानूनी तरीके से मछली पकड़ने का आरोप है। नौसेना ने बताया कि यह गिरफ्तारियां मन्नार और डेल्फ्ट समुद्री क्षेत्रों में चलाए गए समन्वित गश्ती अभियान के दौरान की गईं। यह ऑपरेशन बुधवार रात से शुरू होकर गुरुवार सुबह तक चला।
श्रीलंका नौसेना के प्रवक्ता कमांडर बुद्धिका संपथ ने बताया कि पकड़े गए मछुआरों और जब्त बोट्स को उत्तर श्रीलंका के मत्स्य विभाग के अधिकारियों को सौंपा जाएगा। गौरतलब है कि भारत और श्रीलंका के बीच मछुआरों का मुद्दा लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है। कई बार श्रीलंकाई नौसेना पर भारतीय मछुआरों पर गोली चलाने और उनकी नाव जब्त करने के आरोप लगे हैं।
पिछले महीने भी 12 भारतीय मछुआरों को जाफना के पास गिरफ्तार किया गया था। भारतीय अधिकारियों की ओर से अब तक इस गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ऐसी घटनाएं दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर तनाव का कारण बनती रही हैं।
हम गाजा में 170000 मीट्रिक टन सहायता भेजने को तैयार: टॉम फ्लेचर
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के अवर महासचिव टॉम फ्लेचर ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि अधिकारियों के पास दवाओं, सहायता और अन्य आवश्यक सामान के 1,70,000 मीट्रिक टन तैयार हैं, जिन्हें हरी झंडी मिलने पर गाजा भेजा जाएगा। फ्लेचर ने कहा, हम पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि समझौते से दोनों पक्षों से कोई भी पीछे नहीं हटना चाहिए।
उन्होंने 60 दिनों के लिए प्रस्तावित संघर्षविराम की योजना का भी जिक्र किया, जिसमें रोजाना सैकड़ों ट्रकों के माध्यम से सहायता सामग्री की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा, हम गाजा में खाद्य आपूर्ति बढ़ाएंगे ताकि 21 लाख लोगों तक भोजन सहायता पहुंचाई जा सके और लगभग पांच लाख लोगों को पोषण सहायता मिल सके।
पौलेंड: रूस के लिए जासूसी के आरोप में पूर्व कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज
वारसॉ नगर परिषद के जन्म, विवाह और मृत्यु पंजीकरण कार्यालय के एक पूर्व कर्मचारी पर रूस को जासूसी में मदद करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पोलैंड की अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
पोलैंड की घरेलू सुरक्षा एजेंसी ने गुरुवार को एक बयान में बताया कि इस व्यक्ति की पहचान पोलैंड के गोपनीयता कानूनों के तहत तोमाश एल. के रूप में की गई है। उस पर जासूसी और अपने पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह व्यक्ति 2017 से 2022 के बीच रूस को खुफिया जानकारी देता रहा, जब वह वारसॉ नगर पालिका के नागरिक पंजीकरण कार्यालय के अभिलेखागार में काम कर रहा था।
अभियोजकों के मुताबिक, तोमाश एल. ने पोलिश और विदेशी नागरिकों के दस्तावेज की प्रतिलिपि रूस को दी, जिससे रूसी खुफिया एजेंसियां विदेश में अपने एजेंटों के लिए फर्जी पहचान पत्र बना सकीं। पोलैंड की सुरक्षा एजेंसियों ने तोमाश एल. को मार्च 2022 में गिरफ्तार किया था। पोलैंड के एक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी गिरफ्तारी से अधिकारियों को ऐसे सबूत मिले, जिनके आधार पर उसी महीने रूसी राजनयिकों को देश से निकाल दिया गया था।
खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों ने पांच आतंकियों को किया ढेर
पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा बलों ने एक बड़े ऑपरेशन में कुख्यात आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के 5 आतंकियों को मार गिराया। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि यह संयुक्त ऑपरेशन बुधवार को सेना और पुलिस द्वारा चलाया गया था, जिसमें एक आर्मी मेजर की भी मौत हो गई। ऑपरेशन डेरा इस्माइल खान जिले के मूसा ज़ई इलाके में चलाया गया, जो दक्षिण वज़ीरिस्तान की सीमा से लगा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों को पहले से जानकारी थी कि यहां टीटीपी के आतंकी छिपे हुए हैं। मारे गए आतंकी टीटीपी के गंडापुर ग्रुप से जुड़े थे।
यह कार्रवाई उस दिन के ठीक बाद हुई जब मंगलवार को एक अन्य ऑपरेशन में 11 पाकिस्तानी सैनिक, जिनमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर भी शामिल थे, तालिबान आतंकियों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। गौरतलब है कि नवंबर 2022 में टीटीपी द्वारा सरकार के साथ संघर्षविराम तोड़ने के बाद से पाकिस्तान खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकी हमलों में तेजी से बढ़ोतरी देख रहा है। आतंकी सुरक्षा बलों और कानून व्यवस्था से जुड़े लोगों को निशाना बना रहे हैं।