इंडोनेशिया ने सोमवार को अपने पूर्व तानाशाह सुहार्तो को राष्ट्रीय नायक घोषित किया। इससे मानवाधिकार संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। संगठनों ने आरोप लगाया कि सरकार इस कदम से सुहार्तो के शासनकाल के दौरान हुए मानवाधिकार हनन और भ्रष्टाचार को सफेद करने की कोशिश कर रही है। सुहार्तो 32 वर्षों तक सत्ता में रहें। इस दौरान लाखों राजनीतिक विरोधियों की हत्या की गई थी। इसके बावजूद उन्हें राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय नायक दिवस पर सम्मानित किया।
संस्कृति मंत्री फदली जोन ने कहा कि सुहार्तो ने डच औपनिवेशिक शासन से स्वतंत्रता की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और गरीबी व मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में योगदान दिया था। उन्होंने भ्रष्टाचार और मानवाधिकार हनन के आरोपों को निराधार बताया। राष्ट्रपति प्रबोवो, जो कभी सुहार्तो के दामाद थे, समारोह के बाद चुप रहे। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि यह फैसला तानाशाही शासन को वैध ठहराने की कोशिश है।
थाईलैंड ने कंबोडिया के साथ युद्धविराम निलंबित किया समझौता
थाईलैंड ने सोमवार को घोषणा की कि वह कंबोडिया के साथ अमेरिकी मध्यस्थता में हुए युद्धविराम समझौते के तहत की जाने वाली सभी कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रोक रहा है। यह निर्णय उस घटना के कुछ घंटे बाद आया, जब सीमा क्षेत्र में एक बारूदी सुरंग विस्फोट में दो थाई सैनिक घायल हो गए। प्रधानमंत्री अनुतिन चारनवीराकुल ने कहा कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति शत्रुता कम नहीं हुई है। इसलिए सभी कार्रवाइयां तब तक रुकी रहेंगी जब तक थाईलैंड की मांगें पूरी नहीं की जातीं।
थाई सेना के अनुसार, एक सैनिक ने गश्त के दौरान विस्फोट में अपना पैर खो दिया जबकि दूसरा घायल हुआ। रक्षा मंत्री नत्ताफोन नार्कफनित ने कहा कि सेना जांच कर रही है कि यह बारूदी सुरंग पुरानी थी या नई बिछाई गई। थाईलैंड ने 18 कंबोडियाई सैनिकों की रिहाई को भी टाल दिया है, जो समझौते की शर्तों में शामिल था। वहीं, कंबोडिया ने सभी शर्तों को निभाने का दावा करते हुए थाईलैंड से अपने सैनिकों की रिहाई की अपील की है।
नेपाल के मनांग में तीन हफ्तों से लापता दो भारतीय पर्यटकों के शव मिले
एक सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 20 अक्तूबर से लापता दो भारतीय पर्यटकों के शव नेपाल के मनांग जिले से बरामद कर लिए गए हैं। हफ्तों की तलाश के बाद सुरक्षा बलों ने बर्फ में दबे भारतीय पर्यटकों के शव बरामद किए, जो लगभग तीन हफ्तों से लापता थे।
सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के अनुसार मृतकों की पहचान 52 वर्षीय जिग्नेश कुमार लल्लूभाई पटेल और 17 वर्षीय प्रियांशा कुमारी पटेल के रूप में हुई है। मृतकों के पिता-पुत्री होने की पुष्टि हुई है। एपीएफ डीएसपी शैलेंद्र थापा ने कहा, "बचाव दल हफ़्तों से लापता दोनों की तलाश कर रहा था। 9 नवंबर को एपीएफ उपाधीक्षक हीरा बहादुर जीसी के नेतृत्व में एक पर्वतीय बचाव दल ने मठ से लगभग 100 मीटर ऊपर बर्फ में दबे उनके शवों को बरामद किया।"
सुरक्षाकर्मियों के अनुसार दोनों 20 अक्तूबर को न्गिसयांग ग्रामीण नगर पालिका-4 स्थित ग्यालजेन होटल से यह कहकर निकले थे कि वे वार्ड संख्या 5 स्थित मालेरिपा मठ दर्शन के लिए जा रहे हैं। तब से उनका संपर्क नहीं हो पाया था। संपर्क टूटने के बाद, होटल ने मनांग स्थित एपीएफ के पर्वतीय बचाव प्रशिक्षण केंद्र को सूचित किया, जिसने तलाशी अभियान शुरू किया। बता दें कि अक्तूबर में नेपाल में भयंकर बर्फीला तूफान आया था। अकेले मनांग जिले से ही सुरक्षा बलों ने भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बाद फंसे हुए 1,500 से अधिक पर्यटकों को बचाया था।
अमेरिका के नए हमले में ड्रग तस्करी के आरोपी छह मारे गए
अमेरिका ने पूर्वी प्रशांत महासागर में कथित ड्रग तस्करी से जुड़ी दो नौकाओं पर हवाई हमले कर छह लोगों को मार गिराया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोमवार को बताया कि रविवार को किए गए ये हमले अमेरिकी खुफिया इनपुट पर आधारित थे। बताया गया कि नौकाएं नशीले पदार्थों से भरी थीं और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले समुद्री मार्ग पर चल रही थीं। ट्रंप प्रशासन के इस अभियान के तहत अब तक 19 हमले किए जा चुके हैं, जिनमें कम से कम 75 लोगों की मौत हो चुकी है।
इन हमलों को लेकर ट्रंप प्रशासन पर कई सवाल उठ रहे हैं। अब तक यह स्पष्ट सबूत नहीं दिया गया है कि निशाना बनाए गए जहाज वाकई ड्रग कार्टेल्स से जुड़े थे। कई सांसदों ने इस अभियान की कानूनी वैधता और टारगेट चयन की प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगा है। आलोचकों का कहना है कि यह कार्रवाई वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। ट्रंप ने इन हमलों को ड्रग कार्टेल्स और विदेशी आतंकी संगठनों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष करार दिया है, जबकि मादुरो ने इसे अमेरिका द्वारा गढ़ी गई जंग बताया है।
पाकिस्तान में 3.6 तीव्रता का भूकंप
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार सोमवार तड़के पाकिस्तान में 3.6 तीव्रता का भूकंप आया। एनसीएस के अनुसार भूकंप सुबह 2:42 बजे 90 किलोमीटर की गहराई पर आया। इससे पहले 1 नवंबर को पाकिस्तान में 3.6 तीव्रता का भूकंप आया था।