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Board of Peace: दावोस से वॉशिंगटन लौटे राष्ट्रपति ट्रंप, बोले- शांति बोर्ड के साथ काम करे संयुक्त राष्ट्र

Fri, 23 Jan 2026 07:49 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन डीसी।

सार

Board of Peace: दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक से लौटते ही ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि शांति बोर्ड के साथ काम करना संयुक्त राष्ट्र के लिए अच्छी बात होगी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट-
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) में हिस्सा लेने के बाद शुक्रवार (स्थानीय समय) को वॉशिंगटन डीसी लौटे। इस दौरान उन्होंने कहा कि शांति बोर्ड ऐसी पहल है, जैसी दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी- बेहद खास। ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र (यूएन) को गाजा और अन्य संघर्षों पर बने नए शांति बोर्ड के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने तर्क दिया कि यह वैश्विक संस्था अपनी क्षमता के अनुरूप काम नहीं कर पाई है और यह नई पहल संयुक्त राष्ट्र के लिए अच्छी चीज हो सकती है।
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शांति बोर्ड और शांति बोर्ड पर ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने कहा, मुझे नहीं पता कि मैं यह चाहता हूं या नहीं, लेकिन यह पहल गाजा में बहुत अच्छी काम करेगी और शायद दूसरी चीजों पर भी। आप जानते हैं..यह गाजा से आगे भी हो सकता है। हम संयुक्त राष्ट्र के साथ काम करेंगे। मैंने हमेशा कहा है कि संयुक्त राष्ट्र में बहुत क्षमता है। लेकिन वह उस पर खरा नहीं उतरा। मैं आठ युद्धों (को रोकने) की बात करता हूं और मैंने कभी उससे (यूएन) बात नहीं की। आप सोचते होंगे कि मैंने उससे (यूएन) बहुत बात की होगी। लेकिन संयुक्त राष्ट्र में बहुत क्षमता है। मुझे लगता है कि शांति बोर्ड के साथ काम करना संयुक्त राष्ट्र के लिए अच्छी बात होगी। 

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ट्रंप ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) में औपचारिक रूप से शांति बोर्ड की शुरुआत की। उन्होंने इसके चार्टर पर हस्ताक्षर किए और इसे वैश्विक संघर्षों के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। 

पहले यूएन पर निशाना साधते हुए क्या कहा था?
इससे पहले ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र पर निशाना साधा था और कहा था कि उसकी अक्षमता के कारण ही उन्हें गाजा के लिए शांति बोर्ड बनाने का फैसला करना पड़ा, ताकि पश्चिम एशिया में संघर्ष खत्म करने के लिए 20-सूत्रीय शांति योजना को लागू किया जा सके। मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, हमने अभी शांति बोर्ड बनाया है, जो मुझे लगता है कि बहुत शानदार होने वाला है। काश संयुक्त राष्ट्र और ज्यादा कर पाता। काश हमें शांति बोर्ड की जरूरत ही न पड़ती। मैंने जितने भी युद्ध सुलझाए, संयुक्त राष्ट्र ने एक भी युद्ध में मेरी मदद नहीं की।  

संयुक्त राष्ट्र की क्षमता पर ट्रंप ने क्या कहा?
  • राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र बहुत मददगार नहीं रहा है।
  • उन्होंने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र की क्षमता के बड़े समर्थक हैं, लेकिन यह संस्था कभी अपनी पूरी क्षमता के अनुसार काम नहीं कर पाई।
  • ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को उन सभी मुद्दों को सुलझाना चाहिए था, जिन्हें उन्होंने खुद सुलझाया।
  • उन्होंने कहा कि वह कभी संयुक्त राष्ट्र के पास नहीं गए और न ही कभी वहां जाने के बारे में सोचा।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र को चलते रहना चाहिए, क्योंकि उसकी क्षमता बहुत बड़ी है।
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शांति बोर्ड बनाने का विचार कहां से आया?
यह पहल अमेरिकी राष्ट्रपति की 20-सूत्रीय गाजा युद्धविराम योजना से निकली थी। इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का समर्थन मिला था। बाद में इसका दायरा बढ़ा दिया गया। ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, करीब 35 देशों ने इसमें शामिल होने पर सहमति दी है। जबकि साठ देशों को निमंत्रण भेजा गया है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि नया संगठन भविष्य में संयुक्त राष्ट्री की कुछ भूमिकाएं संभाल सकता है। 


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