इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री जियॉर्जिया मेलोनी के साथी एंड्रिया गिआम्ब्रुनो ने अपने एक बयान से विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर महिलाएं अधिक शराब न पिए और नशे में न हों तो वे दुष्कर्म से बच सकती हैं। उनका ये बयान नेपल्स और पलेर्मो के पास हाल ही में हाई-प्रोफाइल सामूहिक दुष्कर्म के मामलों के बाद आया है।
एंड्रिया गिआम्ब्रुनो अपने चैनल रेटे 4 में अपने शो में बोल रहे थे। इस दौरान सुझाव देते हुए उन्होंने कहा, 'यदि आप नाचने जाते हैं तो आपको नशे में होने का पूरा अधिकार है,लेकिन अगर आप नशे में नहीं होते हैं और होश नहीं खोते हैं तो शायद आप मुसीबत में पड़ने से भी बच जाएंगे।
शो के दौरान गिआम्ब्रुनो ने एक दक्षिणपंथी अखबार के संपादक पिएत्रो सेनाल्डी से भी सहमति जताई। पिएत्रो सेनाल्डी ने कहा था कि अगर महिलाएं दुष्कर्म से बचना चाहती हैं, तो सबसे पहले होश न खोएं। इस दौरान, गिआम्ब्रुनो और सेनाल्डी दोनों ने दुष्कर्म के आरोपियों की निंदा की और उन्हें भेडिया बताया।
गिआम्ब्रुनो के बयान से शुरू हुआ विवाद
वहीं, गिआम्ब्रुनो के इस बयान से सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरू हो गई है। गिआम्ब्रुनो द्वारा अपने बयान से पीड़िता को दोषी ठहराने का आरोप लगाते हुए उन्हें ट्रोल भी किया जा रहा है। इस दौरान, विपक्षी दलों ने पीएम जियोर्जिया मेलोनी से अपने साथी द्वारा की गई टिप्पणियों से दूरी बनाने के लिए कहा है।
इटली की विपक्षी फाइव स्टार मूवमेंट पार्टी (एम5एस) ने गिआम्ब्रुनो के इस बयान की आलोचना करते हुए कहा कि उनके शब्द अस्वीकार्य और शर्मनाक हैं। वे पुरुष-प्रधान संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं।
अपने बयान का किया बचाव
विपक्षी दलों की आलोचनाओं के बीच, एंड्रिया गिआम्ब्रुनो ने अपना बचाव भी किया है। उन्होंने कहा कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। अगर मैंने कुछ गलत कहा होता तो मैं माफी मांग लेता, लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने कहा कि बलात्कार एक घृणित कृत्य है। मैंने यह कहा कि महिलाएं नशे के लिए बाहर न जाएं और नशीली दवाएं न लें। मैंने उन्हें सावधान रहने की सलाह दी। क्योंकि, दुर्भाग्य से, बुरे लोग हमेशा बाहर रहते हैं। मैंने कभी नहीं उन्होंने कहा कि पुरुषों को नशे में धुत महिलाओं से दुष्कर्म करने का अधिकार है।