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Israel Hamas: हमास-इस्राइल में जारी युद्धविराम का क्या होगा, इसे बढ़ाने के पक्ष में कौन और विपक्ष में कौन?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Mon, 27 Nov 2023 07:45 PM IST

सार

Hamas-Israel Truce: इस्राइल और हमास के बीच चार दिवसीय युद्धविराम शुक्रवार (24 नवंबर) से लागू हुआ था। समझौते के तहत अब तक हमास द्वारा 50 से ज्यादा इस्राइली और विदेशी बंधकों को रिहा किया जा चुका है। वहीं दूसरी ओर इस्राइल ने 117 फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया है। 
 
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हमास-इस्राइल के बीच युद्धविराम - फोटो : AMAR UJALA
हमास और इस्राइल के बीच जारी युद्ध में डेढ़ महीने का वक्त गुजरने के बाद आखिरकार दोनों पक्ष युद्धविराम के लिए राजी हुए। महीनों की बमबारी के बाद पहली बार लोगों के चेहरों में संतोष दिखा जब उनके अपने बाहर निकलकर आए। दरअसल, 24 नवंबर से लागू संघर्ष विराम समझौते के तहत हमास 50 से ज्यादा इस्राइली और विदेशी नागरिकों को रिहा कर चुका है। इसके बदले में इस्राइल को उसकी जेलों में बंद 100 से ज्यादा फलस्तीनी कैदियों को रिहा करना पड़ा है। 

अब जब आधिकारिक रूप से युद्ध विराम का अंतिम दिन गया है तो, लोगों के मन में कई सवाल भी उठ रहे हैं। क्या युद्धविराम आगे बढ़ेगा? इस्राइल इसके बारे में क्या कहता है? हमास का क्या रुख है? हमास-इस्राइल युद्ध में अब तक क्या हुआ?
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हमास-इस्राइल के बीच युद्धविराम - फोटो : AMAR UJALA
हमास और इस्राइल के बीच जारी युद्ध में डेढ़ महीने का वक्त गुजरने के बाद आखिरकार दोनों पक्ष युद्धविराम के लिए राजी हुए। महीनों की बमबारी के बाद पहली बार लोगों के चेहरों में संतोष दिखा जब उनके अपने बाहर निकलकर आए। दरअसल, 24 नवंबर से लागू संघर्ष विराम समझौते के तहत हमास 50 से ज्यादा इस्राइली और विदेशी नागरिकों को रिहा कर चुका है। इसके बदले में इस्राइल को उसकी जेलों में बंद 100 से ज्यादा फलस्तीनी कैदियों को रिहा करना पड़ा है। 

अब जब आधिकारिक रूप से युद्ध विराम का अंतिम दिन गया है तो, लोगों के मन में कई सवाल भी उठ रहे हैं। क्या युद्धविराम आगे बढ़ेगा? इस्राइल इसके बारे में क्या कहता है? हमास का क्या रुख है? हमास-इस्राइल युद्ध में अब तक क्या हुआ?

रिहा हुए इस्राइली बंधक। - फोटो : सोशल मीडिया
पहले जानते हैं कि हमास-इस्राइल में अभी क्या हो रहा है? 
इस्राइल और हमास के बीच चार दिवसीय युद्धविराम शुक्रवार (24 नवंबर) से लागू हुआ था। समझौते के तहत अब तक हमास द्वारा 50 से ज्यादा इस्राइली और विदेशी बंधकों को रिहा किया जा चुका है। वहीं दूसरी ओर इस्राइल ने 117 फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया है। 



समझौते के पहले चरण में शुक्रवार (24 नवंबर) को हमास ने कुल 24 बंधकों को रिहा किया। मुक्त कराए गए बंधकों के पहले बैच में 13 इस्राइली, 10 थाई नागरिक और एक फिलिपिनो शामिल थे।

दूसरे चरण में शनिवार (25 नवंबर) को 14 बंधकों को छोड़ा गया। वहीं तीसरे चरण में रविवार (26 नवंबर) को हमास ने गाजा पट्टी से 17 बंधकों के तीसरे बैच को रिहा किया। हमास ने रेड क्रॉस को 13 इस्राइली बंदियों, तीन थाई और एक रूसी को सौंपा। 
 

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (फाइल) - फोटो : ANI
युद्ध विराम के बढ़ाने पर इस्राइल ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
हमास द्वारा इस्राइली बंधकों को रिहा करने के बाद देश के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बयान आया। नेतन्याहू ने कहा कि उनकी सरकार गाजा से सभी बंधकों की वापसी के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि यह युद्ध के उद्देश्यों में से एक है। नेतन्याहू ने कहा, 'हमने अपने पहले बंधकों की वापसी पूरी की है। यह युद्ध के उद्देश्यों में से एक है। हम युद्ध के सभी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' 

इस बीच इस्राइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि इस्राइल को हमास द्वारा सोमवार को रिहा किए जाने वाले बंधकों की एक सूची मिली है और इसके बारे में चर्चा चल रही है।

सोमवार हमास और इस्राइल के बीच संघर्ष विराम का चौथा और संभावित रूप से अंतिम दिन है। इससे पहले रविवार तक दोनों पक्षों ने संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने की संभावना पर चर्चा की थी, लेकिन अभी तक ऐसे किसी समझौते की घोषणा नहीं की गई है। इस बीच, इस्राइल का कहना है कि अगर हमास और अधिक बंदियों को रिहा करता है तो वह संघर्ष विराम का समय बढ़ाने के लिए तैयार है।

...तो क्या युद्धविराम बढ़ेगा?
24 नवंबर को शुरू हुआ युद्धविराम 27 नवंबर तक के लिए निर्धारित था। लिहाजा सबके मन भी सवाल उठ रहे हैं कि युद्ध विराम के बाद क्या होगा? क्या इसकी तारीख आगे बढ़ेगी? यदि हां तो इस्राइल-हमास युद्ध खत्म हो जाएगा? यदि नहीं तो इस्राइल फिर जवाबी कार्रवाई करेगा? इस बीच राजनयिकों ने माना है कि युद्ध में दोनों पक्षों के पास युद्धविराम को आगे न बढ़ाने के कई कारण हैं। जानकारों का कहना है कि यदि सभी बंधकों को रिहा कर दिया गया तो हमास इस्राइल पर अपनी पकड़ गंवा देगा। 

वहीं दूसरी ओर इस्राइल के नजरिए से देखें तो लिए संघर्ष विराम में बने रहना नेतन्याहू सरकार के लिए खतरों से भरा है। जानकारों का कहना है कि इससे नेतन्याहू का प्रण का क्या जिसमें उन्होंने हमास कक जड़ से मिटाने की बात कही थी। 

नेतन्याहू ने हमास के 7 अक्तूबर के हमले को बर्बरता और सभ्यता के बीच की लड़ाई करार दिया। इसलिए रणनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस्राइली पीएम शायद ही कोई ऐसा युद्ध बर्दाश्त कर सकते हैं जिसमें उन्हें आधी-अधूरी सफलता मिले।

इसके अलावा, नेतन्याहू को पता है कि अगर वह किसी अनिश्चित नतीजे पर राजी हो गए तो उनकी सरकार में दक्षिणपंथी चरमपंथियों के समूह से उन्हें आलोचना झेलनी होगी। गठबंधन सरकार में शामिल यह समूह यदि अलग हुआ तो देश में चुनाव कराने होंगे। हालांकि, हालिया सर्वेक्षणों से पता चलता है कि चुनाव हुए तो नेतन्याहू बुरी तरह हार जाएंगे।

हालांकि, दूसरी ओर इस्राइल पर युद्ध विराम बढ़ाने के लिए वैश्विक दबावभी है। मिस्र, कतर और अमेरिका लगातार इस पर चार दिवसीय संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने पर दबाव डाल रहे हैं।

इसलिए युद्धविराम को आगे बढ़ाने या न बढ़ाने के लिए इस्राइल के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं। राजनयिक इस्राइल के निर्णय लेने में इसके तीन प्रमुख अंगों युद्ध कैबिनेट, प्रधानमंत्री कार्यालय और खुफिया एजेंसी मोसाद की भूमिका देखते हैं। इन तीनों में से मोसाद के युद्धविराम बढ़ाने के फैसले के समर्थन करने की सबसे अधिक संभावना है।

वहीं युद्ध विराम बढ़ाने में हमास की भूमिका देखें तो, वह भी इसके समर्थन में दिखता है। समूह ने कहा, 'हम मानवीय युद्धविराम समझौते की चार दिन की अवधि समाप्त होने के बाद इसका विस्तार करना चाहते हैं'। हमास अधिक से अधिक संख्या में फलस्तीनी कैदियों की रिहाई चाहता है।

Israel Hamas War - फोटो : Social Media
हमास-इस्राइल युद्ध में अब तक क्या हुआ?
इस्राइली रक्षा बलों का अनुमान है कि 7 अक्तूबर को हमास के हमले में 1,200 लोग मारे गए थे, जबकि 200 से अधिक लोगों को गाजा में बंधक बना लिया गया था। वहीं, गाजा में सात हफ्तों के इस्राइली हवाई हमलों और जमीनी हमलों में 14,000 से अधिक फलस्तीनी नागरिक मारे गए हैं। इसके अलावा गाजा में 17 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। 
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