जर्मनी में इस रविवार को होने वाले चुनाव को लेकर देशभर में हलचल है। चुनाव के परिणाम न केवल नए चांसलर का फैसला करेंगे, बल्कि यह तय करेंगे कि जर्मनी की आगामी सरकार का स्वरूप कैसा होगा। इस चुनाव में चार प्रमुख पार्टियां मुख्य भूमिका निभा रही हैं। इन पार्टियों में क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (CDU) और क्रिश्चियन सोशल यूनियन (CSU), जो चांसलर ओलाफ़ स्कोल्ज़ की पार्टी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (SPD), ग्रीन्स और जर्मनी के लिए दूर-दराज़ वैकल्पिक (AfD) शामिल हैं। ये सभी पार्टियाँ मतदाताओं के समर्थन के लिए जोरदार चुनाव प्रचार कर रही हैं। हालांकि देखने वाली बात ये होगी कि आखिर रविवार को जनता किस पार्टी को मत देकर विजयी बनाती है।
क्या है चुनावी मुद्दे
इस चुनाव का मुख्य मुद्दा आप्रवासन और आर्थिक स्थिति है। आप्रवासन, विशेष रूप से शरणार्थियों और प्रवासियों द्वारा किए गए हाई-प्रोफाइल हमलों के कारण चर्चा में है। वहीं, यूक्रेन युद्ध के कारण जर्मनी की आर्थिक स्थिति भी गंभीर समस्या बन चुकी है।
एक नजर मुख्य पार्टी नेताओंं पर
अब बात चुनावी प्रणाली पर
जर्मनी की चुनावी प्रणाली प्रत्यक्ष और आनुपातिक प्रतिनिधित्व का मिश्रण है। मतदाता दो अलग-अलग वोट डालते हैं: पहला, एक स्थानीय प्रतिनिधि के लिए और दूसरा, एक पार्टी के समर्थन में। यह प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि पार्टियां राष्ट्रीय समर्थन के आधार पर बुंडेस्टाग में प्रतिनिधित्व प्राप्त करें।
630 सीटों पर चुनाव, लेकिन...
देखा जाए तो बुंडेस्टाग में 630 सीटें हैं। इनमें से 299 सीटें सीधे निर्वाचित होती हैं, जबकि 331 सीटें आनुपातिक रूप से पार्टी के वोटों के आधार पर आवंटित की जाती हैं। यह प्रणाली इस बात को सुनिश्चित करती है कि सभी पार्टियाँ अपने राष्ट्रीय वोटों के आधार पर सीटें प्राप्त करें।
कब से कब तक मतदान
अब बात अगर मतदान कार्यक्रम की करें को रविवार को सुबह 08:00 से 18:00 (07:00-17:00 GMT) तक होगा। लाखों डाक वोट पहले ही डाले जा चुके हैं, और शाम तक परिणाम आने की संभावना जताई जा रही है।
59 मिलियन से अधिक मतदाता
एक और अहम पहलू इस चुनाव का ये है कि इस चुनाव में 59 मिलियन से अधिक जर्मन नागरिक मतदान के पात्र हैं, जिनमें 2.3 मिलियन पहली बार मतदान करने वाले भी शामिल हैं। मतदान करने वाले मतदाताओं में 42% लोग 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं, जबकि केवल 13% लोग 30 वर्ष से कम आयु के हैं।
यूरोप के लिए महत्वपूर्ण है ये चुनाव
इस चुनाव के परिणाम केवल जर्मनी के लिए नहीं, बल्कि पूरे यूरोप के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि जर्मनी यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और राजनीतिक ताकत है। इस चुनाव में किस पार्टी को कितना समर्थन मिलता है, यह जर्मनी की भविष्य की दिशा को तय करेगा।