चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 20 मार्च से शुरू हुई रूस दौरा बुधवार 22 मार्च को खत्म हो गया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मिलकर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दोनों देशों के संबंधों के नए युग के शुरुआत की बात कही थी। इसके अलावा दोनों देशों ने नाटो (NATO)के एशिया में किए जा रहे विस्तार पर भी चर्चा करते हुए बताया कि इससे अमेरिका अपने प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। दोनों देशों ने नाटो के एशिया में विस्तार के खिलाफ एकसाथ आने पर सहमति भी बनाई।
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के रूस की इस यात्रा पर रूसी राजदूत डेनिस एल्पोव ने भारत के लिए हानिकारक बताया है। इस यात्रा के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा हुई है जिसपर चीन ने रूस का साथ देने की बात कही थी। हालांकि भारत ने अभी तक इस युद्ध पर कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, कई विशेषज्ञ चीन-रूस के संबंधों का सपना देख रहे हैं जो भारत के लिए खतरा साबित हो सकता है। इससे भारत और रूस के संबंधों के बीच खटाश पैदा हो सकती है। डेनिस एल्पोव ने अपने आधिकारिक ट्वीट के जरिए ये बात कही है।