रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने , 'मुश्किल समय में श्रीलंका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने के भारत के संकल्प को दोहराया। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को दिल और आत्मा का रिश्ता बताया। इस बात पर जोर दिया कि भारत इस द्वीपीय देश के लिए सबसे पहले मदद करने वाला रहा है।
श्रीलंका यात्रा के दौरान श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से बात करते हुए सिंह ने कहा, 'मुश्किल समय में भारत हमेशा सबसे पहले मदद के लिए आगे आया है। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि हम अपने श्रीलंकाई दोस्तों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। हमारा पक्का मानना है कि सच्चे दोस्त अच्छे और बुरे, हर समय एक-दूसरे का साथ देते हैं। हमारा रिश्ता दिल और आत्मा का है।'
ऑपरेशन सागर बंधु का किया जिक्र
रक्षा मंत्री ने पिछले साल 'डिटवाह' चक्रवात के बाद भारत की तेजी से की गई कार्रवाई को याद किया, जब नई दिल्ली ने श्रीलंका की मदद के लिए 'ऑपरेशन सागर बंधु' शुरू किया था। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों और श्रीलंकाई सरकारी एजेंसियों के मिले-जुले प्रयासों से लोगों की जान बचाने, कनेक्टिविटी बहाल करने और राहत व चिकित्सा सहायता पहुंचाने में मदद मिली।
सिंह ने कहा कि श्रीलंका भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति और 'महासागर' (MAHASAGAR) के विजन के केंद्र में है। उन्होंने दिसानायके को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं भी दीं और उन्हें पद पर दो साल पूरे करने पर बधाई दी। साथ ही कहा कि मोदी दोनों देशों के बीच विशेष संबंधों को और मजबूत करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करना जारी रखने के इच्छुक हैं।
उन्होंने कहा कि भारत 'इकोनॉमिक एंड टेक्निकल कोऑपरेशन एग्रीमेंट' (ETCA) पर तेजी से आगे बढ़ने का इच्छुक है। रक्षा मंत्री ने भरोसा जताया कि दिसानायके की सोच और समर्थन से भारत-श्रीलंका संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे, जिससे दोनों देशों, वहां के लोगों और व्यापक क्षेत्र को फायदा होगा।
श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने क्या कहा?
वहीं, श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा ने कहा कि कभी भी अपनी धरती को भारत के सुरक्षा हितों के प्रतिकूल गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होने देगा। दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें श्रीलंकाई वायु सेना द्वारा संचालित भारत द्वारा प्रदत्त वायु रक्षा तोपों के आधुनिकीकरण का समझौता भी शामिल है। दोनों नेताओं ने द्वीप राष्ट्र में भारतीय सेना द्वारा निर्मित तीन बेली पुलों का वर्चुअल रूप से उद्घाटन भी किया।
भारतीय समुदाय को किया संबोधित
मंगलवार को अपने कार्यक्रमों को जारी रखते हुए, सिंह ने श्रीलंका में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। अपने संबोधन में, उन्होंने भारत के शानदार अंतरराष्ट्रीय आर्थिक बदलाव पर जोर दिया और बताया कि पिछले दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने 38 देशों के साथ सफलतापूर्वक मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।
2014 से पहले के दौर की तुलना में भारत की मौजूदा वैश्विक व्यापार स्थिति का जिक्र करते हुए, उन्होंने बताया कि यूपीए सरकार ने केवल चार देशों के साथ व्यापक व्यापार समझौते किए थे। इस व्यापारिक पहल के आर्थिक असर पर जोर देते हुए, रक्षा मंत्री ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते का जिक्र किया। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी समझौतों का जनक बताया,
जो लगभग 27 ट्रिलियन डॉलर के बड़े ईयू बाजार का रास्ता खोलता है। उन्होंने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व कौशल और भारत की कूटनीतिक व आर्थिक क्षमता का सबूत है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि यूनाइटेड किंगडम के साथ भारत का मुक्त व्यापार समझौता लागू हो गया है।