क्या आपको पता है कि आज दुनिया पहले के मुक़ाबले बहुत कम सो रही है? पिछले सत्तर सालों में इंसान के नींद का औसत वक़्त बीस फ़ीसद तक घट गया है। एक रिसर्च के मुताबिक़ 1940 के दशक तक दुनिया में ज़्यादातर लोग रात में क़रीब आठ घंटे की नींद लेते थे।
लेकिन, आज लोगों की नींद के घंटे घटते जा रहे हैं। अमरीका के बर्कले स्थित कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर मैट वॉकर के मुताबिक़, अब हम रात में औसतन 6।7 या 6।8 घंटे ही सो पाते हैं। यानी पिछले 70-80 सालों में इंसान की नींद क़रीब 20 फ़ीसद कम हो गई है।
हम सब की ज़िंदगी में नींद सबसे क़ीमती चीज़ है। आज हम सब के पास उसकी कमी है। सारी दुनिया में आज ज़्यादातर लोग कम नींद आने से परेशान हैं। इसके नतीजे बहुत ख़तरनाक हो सकते हैं।
दरअसल आज हमारी ज़िंदगी गैजेट्स के जाल में फंस कर रह गई है। कंप्यूटर हमारी ज़िंदगी में एक बहुत बड़ा बदलाव लाया। इंटरनेट ने भी दुनिया में इंक़लाब लाने का काम काम किया। इससे हमारी ज़िंदगी में बहुत सी नई चीज़ें आ गई हैं। इसके आ जाने से अर्थव्यवस्था भी बदली है। अब दुनिया में चौबीसों घंटे काम चलता रहता है।
आपका ऑफ़िस आपको रात-रात भर उल्लुओं की तरह जगाता है। कई बार काम इतना ज़्यादा होता है कि उसे पूरा करने के लिए लोग रात-रात भर जागते रहते हैं। ख़ुद को जगाए रखने के लिए आप कॉफ़ी और चाय का सहारा लेते हैं। कुछ लोग शराब और सिगरेट की मदद लेते हैं। लेकिन हम ये भूल जाते हैं कि ये वक़्ती सहारे लंबे वक़्त के लिए हमारी नींद ख़राब कर रहे हैं। इंटरनेट ने असल में हमारा चैन सुकून हम से छीन लिया है।
हमारी नींद का दूसरा बड़ा दुश्मन है हमारा मोबाइल फ़ोन। अगर हम कंप्यूटर पर काम नहीं कर रहे हैं तो भी हम फ़ोन पर व्यस्त रहते हैं। क्योंकि फ़ोन भी अब मिनी कंप्यूटर ही बन गया। हालत तो ये हो गई है कि सोते-सोते भी हम फ़ोन चेक करते रहते हैं।
बात सिर्फ़ फ़ेसबुक देख लेने भर पर नहीं रुकती है। बातों का सिलसिला चल निकलता है। अंगुलियां मोबाइल पर व्यस्त हो जाती हैं, नींद से बोझिल पलकें आपके मोबाइल रखकर सोने का ही इंतज़ार करती रह जाती है। कई बार आंखों का ये इंतज़ार दिन निकलने तक लंबा हो जाता है।
हमारी ये आदतें हमारी नींद में ख़लल डालती हैं। प्रोफ़ेसर वॉकर के मुताबिक़ हमारा रहन-सहन भी हमारी नींद ख़राब करने लिए बहुत हद तक ज़िम्मेदार है। मिसाल के लिए आज हर दफ़्तर को ज़रूरत के मुताबिक़ गर्म और ठंडा करने के लिए एयरकंडीशनर और हीटिंग सिस्टम लगे हैं। घरों का भी यही हाल है।