एक तानाशाह से शादी करने वाली महिला को दो चीजे भरपूर मिलती हैं - ऐशोआराम से भरी जिदगी और लोगों की नफरत। ये महिलाएं लोकतंत्र की हत्या करने वाले ऐसे आदमी के साथ खड़ी नज़र आती हैं जो न सिर्फ देश की माली हालत तबाह करता है बल्कि जिस पर राजनीतिक विरोधियों को मरवाने या भागने पर मजबूर करने के आरोप भी लगाए जाते हैं।
जाहिर है इन महिलाओं को सताए हुए आम लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ती है। लेकिन एक सवाल यह भी उठाया जाता है कि क्या उन्हें महिला होने की वजह से ज़्यादा ग़ुस्सा झेलना पड़ता है?
ग्रेस ने रॉबर्ट मुगाबे का दिमाग भ्रष्ट किया!
पिछले हफ़्ते तक जिम्बाब्वे की प्रथम महिला रहीं ग्रेस मुगाबे शायद अफ़्रीका की सबसे ज़्यादा नापसंद की जाने वाली महिला हैं। उनके पति रॉबर्ट मुगाबे ने 37 साल तक ज़िम्बाब्वे पर मन मुताबिक शासन किया। उनकी गद्दी गई, जब उन्होंने ग्रेस को अपनी विरासत सौंपने की कोशिश की। इसके लिए ग्रेस को ज़िम्मेदार ठहराया गया।
रॉबर्ट मुगाबे बहुत लोकप्रिय नेता नहीं थे। जिम्बाब्वे के बहुत से लोगों को उनकी सरकार से कई शिकायते हैं। लेकिन फिर भी वे इस बात के लिए रॉबर्ट मुगाबे का सम्मान करते हैं कि उन्होंने आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा लिया।
पढ़ें- जिम्बाब्वे: तीन साल पहले शुरू हुई थी राबर्ट मुगाबे के पतन की कहानी
इन लोगों को लगता है कि ग्रेस ने रॉबर्ट के दिमाग को भ्रष्ट किया। लंदन के किंग्स कॉलेज में लेक्चरर डॉक्टर एलिस इवांस कहती हैं कि यह कंफ़र्मेशन बायस का मामला है। कंफ़र्मेशन बायस यानी वह स्थिति, जिसमें लोग वही देखते हैं जो वह देखना चाहते हैं। हर जानकारी, हर तथ्य की ऐसे व्याख्या की जाती है जिससे उनकी पहले से बनी हुई धारणा को बल मिले।
''यह अपनी धारणा को बचाए रखने की कोशिश है। अगर हम मुगाबे को हीरो मानते हैं तो हमारी कोशिश होगी कि उनके बारे में आ रही नकारात्मक जानकारी को किसी और के सर पर मढ़ दें। जिससे हमारा यकीन बना रहे।''
ग्रेस, रॉबर्ट मुगाबे से बहुत छोटी हैं। उनका रिश्ता तब शुरू हुआ जब रॉबर्ट की पहली पत्नी सैली हेफ़्रॉन बेहद बीमार थीं। सैली आम लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय थीं इसलिए यह पहली बात थी जो ग्रेस के ख़िलाफ गई। इसके बाद ग्रेस का वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ खुलकर बयान देना और उनका अपमान करना भी लोगों को पसंद नहीं आया। लेकिन लोग यह भूल गए कि 1980 में जब जिम्बाब्वे आज़ाद हुआ और मुगाबे प्रधानमंत्री बने, ग्रेस महज़ 15 साल की थीं।
1983 में जब सुरक्षा बलों पर हजारों लोगों की हत्या करने, महिलाओं से बलात्कार करने के आरोप लगे तब भी ग्रेस उस उम्र की नहीं थी कि किसी की राय बदल सकें। ग्रेस की ऐशोआराम से भरी ज़िंदगी दूसरा मुद्दा है। मशहूर लग्ज़री फैशन ब्रांड गूची के नाम पर उन्हें गूची ग्रेस भी कहा जाता है। यह पहला वाकया नहीं है जहां किसी महिला के महंगे शौक पर उस आदमी की बर्बरता से ज़्यादा बात हो जो उस ऐशोआराम के लिए पैसे मुहैया कराता है।