Hospital Attack: अस्पताल पर हमले में 500 की मौत पर क्यों उठ रहे सवाल, हमास के दावे पर क्या कह रहा इस्राइल?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Fri, 20 Oct 2023 07:11 PM IST
सार
al ahli hospital attack: अमेरिका और यूरोप के खुफिया अधिकारियों ने दावा किया है कि गाजा के अल-अहली अस्पताल में मरने वालों की संख्या दर्जनों या 500 के आंकड़े से कम हो सकती है। वहीं आईडीएफ ने भी घटनास्थल का एक वीडियो जारी कर सवाल खड़े किए हैं।
अल-अहली अस्पताल
- फोटो : AMAR UJALA
इस्राइल-हमास लड़ाई के बीच गाजा के अल-अहली अस्पताल में हुए विस्फोट ने मध्यपूर्व में स्थिति को और चिंताजनक बना दिया है। गाजा की सत्ता में मौजूद हमास ने मंगलवार (17 अक्तूबर) को हुए हमले के पीछे इस्राइली रॉकेटों को जिम्मेदार बताया। हालांकि, इस्राइली सेना ने जवाब में हमले से जुड़े वीडियो जारी किए और दावा किया कि यह घटना फलस्तीन इस्लामिक जिहाद के असफल रॉकेट के कारण हुई। इस बीच, अमेरिका और यूरोप की खुफिया एजेंसियों ने गाजा अस्पताल में मरने वालों की संख्या पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आइए जानते हैं कि आखिर गाजा के अस्पताल में हुआ क्या? हमले के आरोप किस पर लगे? हमले को लेकर नया दावा क्या है? इस हमले पर और क्या सवाल उठे हैं?
अल-अहली अस्पताल
- फोटो : AMAR UJALA
इस्राइल-हमास लड़ाई के बीच गाजा के अल-अहली अस्पताल में हुए विस्फोट ने मध्यपूर्व में स्थिति को और चिंताजनक बना दिया है। गाजा की सत्ता में मौजूद हमास ने मंगलवार (17 अक्तूबर) को हुए हमले के पीछे इस्राइली रॉकेटों को जिम्मेदार बताया। हालांकि, इस्राइली सेना ने जवाब में हमले से जुड़े वीडियो जारी किए और दावा किया कि यह घटना फलस्तीन इस्लामिक जिहाद के असफल रॉकेट के कारण हुई। इस बीच, अमेरिका और यूरोप की खुफिया एजेंसियों ने गाजा अस्पताल में मरने वालों की संख्या पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आइए जानते हैं कि आखिर गाजा के अस्पताल में हुआ क्या? हमले के आरोप किस पर लगे? हमले को लेकर नया दावा क्या है? इस हमले पर और क्या सवाल उठे हैं?
पहले जानते हैं कि गाजा के अस्पताल में हुआ क्या?
17 अक्तूबर को गाजा पट्टी में अल-अहली अरब अस्पताल पर बमबारी हुई जिसमें सैकड़ों लोगों के मारे जाने का दावा किया गया। गाजा में सत्तारूढ़ हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने दावा किया कि हमले में कम से कम 500 लोगों की मौत हुई है। वहीं अस्पताल की ध्वस्त इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका भी जताई गई।
घटना के बाद अस्पताल में विस्फोट से उपजे भयानक दृश्य सामने आए। घटना के बाद के एक वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि अस्पताल में इमारत में आग लगी हुई है और मैदान में शव के टुकड़े बिखरे हुए हैं, जिनमें से कई छोटे बच्चे हैं। उनके चारों ओर घास पर कंबल, स्कूल बैकपैक और अन्य सामान बिखरा हुआ था।
बता दें कि जिस अल-अहली अस्पताल में हमला हुआ, उसका स्वामित्व और संचालन दुनिया के सबसे बड़े ईसाई समूहों में से एक एंग्लिकन कम्युनियन द्वारा किया जाता है। अस्पताल की स्थापना 1882 में हुई थी।
फलस्तीन इस्लामिक जिहाद (पीआईजे)
- फोटो : AMAR UJALA
हमला किसने किया?
हमास ने अस्पताल में हमले के पीछे इस्राइली वायुसेना को जिम्मेदार ठहराया। वहीं फलस्तीन के एक अधिकारी ने इस हमले को नरसंहार बताया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने उस वक्त दावा किया कि अगर इस हमले की पुष्टि हो जाती है, तो यह हमला 2008 के बाद से लड़े गए पांच युद्धों में अब तक का सबसे घातक इस्राइली हवाई हमला होगा।
हालांकि, इस्राइली सेना (आईडीएफ) ने अस्पताल हमले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया। आईडीएफ के अफसरों ने दावा किया कि शुरुआती जांच में पता चलता है कि गाजा के अस्पताल में विस्फोट एक असफल रॉकेट लॉन्च के कारण हुआ। आईडीएफ ने अपने एनालिसिस के आधार पर दावा किया कि जिस दौरान अल-अहली अल-महदी अस्पताल में ब्लास्ट हुआ, ठीक उसी दौरान गाजा में कुछ आतंकियों की तरफ से रॉकेटों का एक जत्था अस्पताल के पास से ही छोड़ा गया था।
आईडीएफ प्रवक्ता ने कहा कि इस्राइल के पास कई ऑडियो रिकॉर्डिंग हैं, जिसमें हमास के लोग इस धमाके के पीछे फलस्तीन इस्लामिक जिहाद को जिम्मेदार बता रहे हैं।
Israel Hamas War
- फोटो : Social Media
...तो गाजा के अस्पताल में हमले को लेकर नया दावा क्या है?
अमेरिका और यूरोप के खुफिया अधिकारियों ने दावा किया है कि गाजा अस्पताल में मरने वालों की संख्या दर्जनों या 500 के आंकड़े से कम हो सकती है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि गाजा के अल-अहली अस्पताल में 100-300 लोग मारे गए थे। उधर एक यूरोपीय अधिकारी ने हमास के दावे का खंडन करते हुए कि कहा कि मरने वालों की संख्या 50 या उससे कम है।
शुरुआत में हमास का कहना था कि 471 लोग मारे गए। वहीं विस्फोट के कुछ घंटों बाद मीडिया द्वारा इसकी शुरुआती संख्या 500 बताई गई। एक वरिष्ठ यूरोपीय खुफिया सूत्र ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि उनका मानना है कि अधिकतम 50 लोग मारे गए। वहीं आईडीएफ के प्रवक्ता जोनाथन कॉनरिकस ने भी हमास नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों पर ही सवाल उठा दिए। प्रवक्ता ने पूछा, ‘अगर वास्तव में यहां 471 या 500 लोग मारे गए हैं, तो सभी के शव कहां हैं?
इसके अलावा आईडीएफ के प्रवक्ता ने घटनास्थल का एक वीडियो को दिखाते हुए कई सवाल किए। आईडीएफ प्रवक्ता ने कहा, ‘हम देख सकते हैं कि जहां विस्फोट हुआ वहां का क्षेत्र काला पड़ा हुआ है। ऐसा लगता है कि वहां भयानक आग लगी थी। मैं जो देख पा रहा हूं वहां लगभग 15 कारें हैं, जो हमले से क्षतिग्रस्त हुई थीं। आग से जले सामानों को भी देखा जा सकता है। हालांकि, जो मुझे नहीं दिख रहा कि वो है शव।’
अस्पताल में बम से हमला किया गया होता तो वहां गड्ढा होता न कि आग?
गुरुवार को प्रस्तुत एक अमेरिकी खुफिया दस्तावेज में कहा गया कि अस्पताल की संरचना में केवल हल्की क्षति हुई और विस्फोट के लिए इस्राइल जिम्मेदार नहीं है। विस्फोट के बाद की तस्वीरों में एक पार्किंग स्थल दिखाई दे रहा है। यहां कारें जली हुई हैं और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, लेकिन आसपास की इमारतें सलामत हैं। मैक्सार उपग्रह निगरानी समूह द्वारा साझा की गई अस्पताल की तस्वीरों में दिखता है कि अस्पताल की इमारतें मुख्य रूप से यथावत हैं।