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रूस में कोरोना वायरस से लड़ने वाले डॉक्टरों और नर्सों के साथ क्यों हो रहा है दुश्मनों जैसा सलूक?

Fri, 22 May 2020 02:10 AM IST
श्रीधर मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
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फाइल फोटो - फोटो : PTI
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कोरोना वायरस संकट के दौरान जहां दुनियाभर के लगभग सभी देश अपने डॉक्टरों और नर्सों का हौसला बढ़ा रहे हैं और उन्हें धन्यवाद कर रहे हैं, वहीं रूस में नजारा बिलकुल अलग है। कोरोना काल में रूसी डॉक्टरों और नर्सों का हौसला बढ़ाने के लिए देश में प्रशासन और जनता की तरफ से कुछ भी नहीं किया जा रहा। बल्कि, तालियों के बजाय यहां डॉक्टरों और नर्सों को अविश्वास, कम वेतन और यहां तक कि लोगों की दुश्मनी तक का सामना करना पड़ रहा है।
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मॉस्को के नेशनल मेडिकल रिसर्च सेंटर फॉर एंडोक्रिनोलॉजी अस्पताल के पास रहने वाले लोगों की शिकायत है कि जब कभी वो पूरे सुरक्षात्मक गियर पहने डॉक्टरों को इमारत से बाहर निकलते हुए देखते हैं, तो उन्हें डर लगता है कि मजदूरों को यह बीमारी उनके जरिए फैल सकती है।

बता दें कि नेशनल मेडिकल रिसर्च सेंटर फॉर एंडोक्रिनोलॉजी, मॉस्को का वह अस्पताल है, जहां अब केवल कोरोना वायरस के रोगियों का इलाज किया जा रहा है। यहां काम करने वाले डॉ अलेक्जेंडर गडजीरा ने कहा, "हो सकता है कि अगर कोरोना वायरस बीमारी जब हर परिवार में होने लगेगी तब जाकर शायद लोगों को नजरिया बदलेगा।" डॉ अलेक्जेंडर गडजीरा इन दिनों लोगों के इलाज में कई घंटों तक काम कर रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों और नर्सों के साथ यहां हो रहे व्यवहार से वो दुखी हैं।
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कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों के कारण रूस में डॉक्टरों और नर्सों पर दबाव काफी बढ़ गया है। घंटों लंबी शिफ्ट के बावजूद इन्हें सरकार और लोगों का साथ नहीं मिल रहा है। हालांकि, देश की मीडिया की तरफ से उनमें से कुछ लोगों को हीरो की तरह दिखाया जा रहा, लेकिन इनकी संख्या बहुत कम है। यहां के स्वास्थकर्मियों का कहना है कि वे वायरस के साथ उस सिस्टम से भी लड़ रहे हैं, जो उनका समर्थन करने में विफल है।
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