फिर से चर्चा में क्यों हैं डेनियल्स?
बीते कई महीनों से स्टॉर्मी डेनियल्स का नाम एक बार फिर चर्चा में आया है। जनवरी में वॉल स्ट्रीट जर्नल में एक खबर छापी जिसमें ये दावा किया गया कि राष्ट्रपति ट्रंप के निजी वकील माइकल कोहेन ने अक्तूबर 2016 में राष्ट्रपति चुनावों से पहले स्टॉर्मी डेलियल्स के साथ 1 लाख 30 हजार डॉलर का समझौता किया था। जर्नल के अनुसार समझौते के तहत स्टेफनी क्लिफोर्ड, डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने संबंधों का जिक्र सार्वजनिक तौर पर नहीं करेंगी।
इस मामले में व्हाइट हाउस का कहना था, "ये पुराने दस्तावेज हैं जिन पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है और चुनावों से पहले इस खबर का खंडन किया जा चुका है।" कोहेन ने पैसे देने की बात से इनकार किया था। वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक बयान में उन्होंने कहा था कि उन पर लगाए गए आरोप "बेबुनियाद" हैं और "सभी पक्षों ने लगातार सालों तक इनका खंडन किया है"। लेकिन इस साल फरवरी में उन्होंने स्टेफनी डेनियल्स को पैसे देने की बात को स्वीकार किया।
न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक बयान में माइकल कोहेन ने कहा कि "इस समझौते के बारे में ट्रंप के अभियान और ट्रंप की कंपनी में किसी को कुछ नहीं पता है। स्टेफनी क्लिफोर्ड यानी स्टॉर्मी डेनियल्स को ये पैसे उन्होंने अपनी जेब से दिए थे। ट्रंप ने इन पैसों को मुझे किसी रूप में नहीं लौटाया"। कोहेन ने कहा, "क्लिफोर्ड को किया गया भुगतान पूरी तरह से वैध है और यह किसी भी तरह से कैंपेन फंडिंग का हिस्सा नहीं है और ना ही किसी के द्वारा कैंपेन खर्च का हिस्सा है।"
वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपे लेख के कुछ देर बाद डेनियल्स ने दक्षिण केरोलाइना के एक क्लब से "मेक अमेरिका हॉर्नी अगेन" अभियान शुरू किया। अभियान की शुरुआत उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के शपथग्रहण समारोह की सालगिरह पर की। क्लब के मैनेजर जे लेवी ने कहा कि वॉल स्ट्रीट जर्नल में एक लाख 30 हजार डॉलर के समझौते के बारे में छपे लेख के दूसरे दिन ही उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए दिन बुक कर लिया था। इसके लिए छापे गए प्रचारपत्र में उन्होंने ट्रंप और डेनियल्स के बीच से संबंध के बारे में लिखा "हमने उन्हें लाइव देखा था। आप भी देख सकते हैं!"
ताजा खबर- ट्रंप पर मुकदमे की तैयारी
मंगलवार के स्टॉर्मी डेनियल्स ने कहा कि वो ट्रंप पर मुकदमा करने वाली हैं। उनका दावा है कि ट्रंप ने उन दोनों के बीच हुए "समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।" उनके वकील माइकल अवेनाती ने इस मुकदमे के बारे में मौजूद दस्तावेजों की जानकारी ट्वीट की। इसके अगले ही दिन खबरें आईं कि राष्ट्रपति ट्रंप ने फरवरी में स्टॉर्मी डेनियल्स के खिलाफ अदालत से रोक लगाने संबंधी आदेश प्राप्त कर लिए हैं।
निजी मध्यस्थता कार्यवाही में उन्होंने ये आदेश प्राप्त किए हैं ताकि कथित तौर पर दोनों के रिश्तों के बारे में "गोपनीय जानकारी" डेनियल्स साझा ना कर सकें। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा हुकाबी सैंडर्स ने बुधवार को कहा, "ये मामला निजी मध्यस्थता की एक कार्यवाही में जीता गया है और इसके अलावा किसी और जानकारी के लिए राष्ट्रपति के निजी सलाहकार से संपर्क किया जा सकता है।" डेनियल्स के वकील ने व्हाइट हाउस के बयान को "हास्यास्पद" बताया है। सीएनएन ने गुरुवार को खबर दी थी कि राष्ट्रपति ट्रंप सारा सैंडर्स की टिप्पणी से नाराज थे क्यों इसके साथ ही पहली बार व्हाइट हाउस ने डेनियल्स के साथ ट्रंप के किसी तरह से संबंध होने की बात भी स्वीकार कर ली थी।
शुरू हो गया है प्रतिक्रियाओं का दौर
दक्षिण केरोलाइना से नेता मार्क सैनफोर्ड उन गिने चुने रिपब्लिकन नेताओं में से जिन्होंने इस मामले पर आपनी राय जाहिर की है। वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार उन्होंने कहा है ये आरोप "परेशान करने वाले" हैं। उन्होंने कहा, "यदि ये मामला गणतांत्रिक तरीके से चुने गए किसी राष्ट्रपति के बारे में है और अभियान में समझौते के तहत पैसों का भुगतान किया गया है तो इसकी सुनवाई चलेगी? मुझे लगता है कि आप इसके संकेत देख सकते हैं कि ऐसा होगा।"
इधर, कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क से डेमोक्रेटिक नेता टेड लियु और कैथलीन राइस ने मांग की है कि कोहेन के डेनियल्स को पैसे देने की बात की जांच अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी यानी एफबीआई करे। डेनियल्स-ट्रंप के संबंधों की चर्चा अब स्थानीय स्तर पर भी तूल पकड़ने लगी है। यूटा में रिपल्किन पार्टी के प्रतिनिधि ने एक बिल का प्रस्ताव दिया है और डोनल्ड जे ट्रंप नेशनल पार्क्स हाइवे का नाम बदलने की पेशकश की है। इधर डेमोक्रेट सीनेटर जिम डबाकि वे स्थानीय अखबार को बताया है कि अगर ये बिल ऊपरी सदन तक पहुंच जाता है तो वो नजदीक में मौजूद स्टॉर्मी डेनियल्स रैंपवे का नाम बदलने का प्रस्ताव रखेंगे।
व्हाइट हाउस के अधिकारियों के लिए ये विवाद महत्वपूर्ण समय में सामने आया है और खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में रूस के कथित हस्तक्षेप के बारे में जांच चल रही है और ट्रंप के कई अधिकारी या तो नौकरी छोड़ चुके हैं या तो फिर जांच के दायरे में हैं।
व्हाइट हाउस इस वक्त एक और विवाद से उलझना नहीं चाहता। लेकिन इस विवाद के साथ पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ये जुड़े एक विवाद की याद भी ताजा हो जाती है। व्हाइट हाउस में काम करने वाली मोनिका लेविंस्की के साथ अफेयर के संबंध में झूठ बोलने के आरोप में बिल क्लिंटन पर महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था।