मजबूत प्रणाली और बेहतर देखरेख
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा कि टिकाऊ विकास लक्ष्यों के तहत वर्ष 2030 तक टीबी के अंत के लिए प्रगति को तेज करना होगा। इसके लिए मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों और सेवाओं को सुलभ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा में नए सिरे से निवेश करने और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए संकल्प लेना होगा।
सितंबर 2019 में न्यूयॉर्क में बैठक के दौरान राष्ट्राध्यक्षों ने सभी के लिए स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने और संचारी रोगों जैसे टीबी, एचआईवी और मलेरिया से निपटने का संकल्प लिया था। इन प्रयासों के मद्देनजर यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक मुहिम की पुकार लगाई है ताकि कई बीमारियों का निदान और इलाज एक साथ किया जा सके।
उदाहरण के तौर पर एकीकृत ढंग से एचआईवी और टीबी के उपचार कार्यक्रम चलाने से टीबी से पीड़ित दो-तिहाई मरीजों को अब अपनी एचआईवी स्थिति के बारे में जानकारी है, जिसके लिए अब वह अपना इलाज करा रहे हैं। वर्ष 2018 में टीबी से पीड़ित 70 लाख लोगों का इलाज किया गया जबकि 2017 में यह संख्या 64 लाख थी।
स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक का कहना है कि ये परिणाम दर्शाते हैं कि अगर सभी देश मिलकर प्रयास करेंगे तो वैश्विक लक्ष्यों को हासिल करने की मंजिल तक पहुंचा जा सकता है। ‘Find.Treat.All.EndTB’, यूएन स्वास्थ्य एजेंसी, स्टॉप टीबी पार्टनरशिप, और ग्लोबल फंड टू फाइट एड्स, टीबी एंड मलेरिया की संयुक्त पहल है जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 टीबी का अंत करना है। टीबी पर रिसर्च के लिए एक अरब 20 करोड़ डॉलर जबकि उसकी रोकथाम और देखरेख के लिए तीन अरब 30 करोड़ डॉलर की धनराशि का अभाव आंका गया है।