युद्ध के बीच जेलेंस्की ने एक भावुक ट्वीट करते हुए ये कहा था कि पूरे विश्व समुदाय ने उन्हें ये जंग लड़ने के लिए अकेला छोड़ दिया है। हालांकि अकेले पड़ने के बाद भी उन्होंने देश छोड़ना मंजूर नहीं किया है और रूस से मुकाबला कर रहे हैं।
रूस ने पूरी ताकत के साथ यूक्रेन पर हमला कर दिया है। शनिवार को हमले का तीसरा दिन है और हमले की वजह से यूक्रेन में तबाही मच गई है। इससे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दिमीर जेलेंस्की बहुत असहाय महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूस से लड़ाई में वे अकेले पड़ गए हैं। हालांकि यूक्रेन की सेना रूस के खिलाफ कमजोर साबित हो रही है लेकिन राष्ट्रपति अभी भी रूस के खिलाफ डटे हुए हैं और कहा है कि वे झुकेंगे नहीं।
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भीषण जंग के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की अब भी अपने देश के नागरिकों के साथ वहीं डटे हुए हैं और रूस का मुकाबला कर रहे हैं। उन्होंने यूक्रेन छोड़ने के अमेरिका के ऑफर को ठुकराते हुए साफ शब्दों में कहा कि ‘मैं किसी भी हाल में भागूंगा नहीं। यदि आपको मेरी मदद करनी है तो मुझे गोला बारूद चाहिए।’
दरअसल राष्ट्राध्यक्ष के हौसले, रवैए, देश और देशवासियों के प्रति उसके प्रेम, उसकी निडरता और साहस देशवासियों में भी साहस का जज्बा भरती है और यूक्रेन के राष्ट्रपति ने यही संदेश दिया है। जेलेंस्की युद्ध शुरू होने के बाद से लगातार अपने देशवासियों के लिए वीडियो संदेश जा कर रहे हैं और कह रहे हैं कि हम मुकाबला करेंगे।
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44 वर्षीय यूक्रेन के राष्ट्रपति वोदोदिमीर जेलेंस्की दुनिया की एक महाशक्ति से टक्कर ले रहे हैं। वे पदभार ग्रहण करने के बाद से वे लगातार संकटों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यह जानने की दिलचस्पी जरूर जगती है आखिर यूक्रेन का इतनी मजबूती से नेतृत्व कर रहे जेलेंस्की की पृष्ठभूमि क्या रही है?
यूक्रेन के राष्ट्रपति
- फोटो : Social media
जेलेंस्की एक यहूदी परिवार में जन्मे हैं। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे, एक बेटा और एक बेटी हैं। जेलेंस्की सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं, वे समय-समय पर अपनी और परिवार की फोटोज शेयर करते रहते हैं।
उनकी पत्नी का नाम ओलेना वलोडिमिरिवना जेलेंस्का है। वे आर्किटेक्ट और स्क्रीन राइटर हैं। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री भी ली है और सोशल वर्क भी करती हैं। दोनों की शादी 2003 में हुई थी। उनकी बेटी का नाम ऑलेक्जेंड्रा और बेटे का नाम किरिलो है।
जेलेंस्की ने 2000 में कीव नेशनल इकोनॉमिक यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री ली, लेकिन उन्होंने एक अलग करियर बनाने का फैसला किया। राजनीति में आने से पहले वे एक्टिंग और कॉमेडी की दुनिया में थे। उन्होंने 1997 में कॉमेडी मंडली क्वार्टल 95 का गठन किया था और 2003 में इस समूह ने टेलीविजन कार्यक्रमों का निर्माण शुरू किया।
उन्होने 2015 में ‘सरवेंट ऑफ द पीपुल शो’ किया जो कि उनके लाइफ का टर्निंग प्वाइंट बन गया। इस शो में वे एक टीचर के रोल में थे जिसमें इस किरदार को एक दिन सुबह पता चलता है कि वह 60 फीसदी से अधिक वोट के साथ देश का राष्ट्रपति चुन लिया गया है। इस शो में शिक्षक भ्रष्टाचार पर भाषण देकर राष्ट्रपति बन गया। असल जिंदगी में भी जेलेंस्की ने भ्रष्टाचार को मिटाने की कसम खाकर राष्ट्रपति की कुर्सी पाई।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोदोदिमीर जेलेंस्की
- फोटो : Social Media
इस शो को यूक्रेन में इतनी सफलता मिली कि इसने कॉमेडी मंडली क्वार्टल 95 को अपने नाम से एक राजनीतिक दल बनाने के लिए प्रेरित किया।
कहा जाता है कि इस रोल में मिली सफलता की वजह से ही जेलेंस्की 2019 में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के लिए तैयार हुए।
2018 में जेलेंस्की ने टीवी के पर्दे से हटकर हकीकत की राजनीति में कदम रखा और सर्वेंट ऑफ द पीपल पार्टी के तहत राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की।
चुनाव अभियान के दौरान, उनकी मंडली भी साथ रहती थी और वे स्टैंड-अप कॉमेडी से अपने विरोधियों का मजाक उड़ाते थे।
हालांकि वे अपने चुनाव प्रचार में टीवी पर निभाए गए रोल की तरह भ्रष्टाचार पर नकेल कसने खाने की कसमें खाईं। इसके लिए जेलेंस्की ने सोशल मीडिया का भी सहारा लिया।
राष्ट्रपति चुनाव वे भारी बहुमत से जीते और 73 फीसदी से अधिक वोट हासिल किए।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडाइमिर जेलेंस्की।
- फोटो : Social Media
दो महीने बाद, तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जुड़े एक बड़े अमेरिकी घोटाले में उनका नाम आया। जो बाइडन के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद से जेलेंस्की के बाइडन के साथ अधिक सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं। हालांकि इस युद्ध के दौरान वे अलग-थलग महसूस कर रहे हैं और अमेरिका यूक्रेन का साथ देने नहीं आया।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति चुनाव में उनकी शानदार जीत और पहले से मिली लोकप्रियता के बावजूद जब से रूस की सेना ने यूक्रेन की घेराबंदी की तो उनकी लोकप्रियता में गिरावट आने लगी।
कीव स्थित थिंक टैंक डेमोक्रेटिक इनिशिएटिव्स फाउंडेशन के एक राजनीतिक विश्लेषक मारिया जोलकिना के एक बयान के मुताबिक 'पिछले साल तनाव की शुरुआत के बाद से जेलेंस्की ने जनता का विश्वास खो दिया।'