मलयेशिया में महीनों से जारी सियासी उठापठक पर उस समय विराम लग गया जब सुल्तान ने पूर्व गृह मंत्री मोहिउद्दीन यासीन को देश का नया प्रधानमंत्री बनाए जाने की घोषणा की। बता दें कि महातिर मोहम्मद के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से ही मलयेशिया में राजनैतिक गतिरोध जारी था।
महातिर मोहम्मद के सत्ता में आने के बाद मलयेशिया की पाकिस्तान से नजदीकी बढ़ी थी। इतना ही नहीं, महातिर ने कई बार भारत के अंदरूनी मामलों को लेकर तल्ख टिप्पणियां भी की थी। इसके कारण भारत और मलयेशिया के संबंध पिछले 70 सालों में सबसे नीचे चले गए हैं।