अमेरिका के कोलोराडो में हुए हमले को संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने आतंकी घटना करार दिया है। यह घटना कोलोराडो के बोल्डर में एक मॉल के बाहर घटी, जहां इस्राइल समर्थक लोग गाजा में बंधक लोगों के लिए रैली निकाल रहे थे। इसी दौरान कथित तौर पर मोहम्मद साबरी सोलीमन ने मोलोटोव कॉकटेल से इस्राइल समर्थकों पर हमला कर दिया। हमले के बाद कथित तौर पर फलस्तीन की आजादी के नारे भी लगाए गए। इस हमले में छह लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने संदिग्ध मोहम्मद साबरी सोलीमन को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
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कौन है मोहम्मद साबरी सोलीमन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोहम्मद साबिर सोलीमन मिस्त्र का नागरक है, जो वीजा पर अमेरिका पहुंचा था और उसके बाद से ही अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सोलीमन पहली बार गैर अप्रवासी वीजा पर 27 अगस्त, 2022 को अमेरिका पहुंचा था। उसका वीजा 2 फरवरी, 2023 तक वैध था, लेकिन कथित रूप से वह वापस नहीं गया।
9 सितंबर, 2022 को, सोलीमन ने अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवाओं में दावा दायर किया, जिसके बाद उसे 29 मार्च, 2023 तक अमेरिका में रहने की अनुमति मिल गई। हालांकि संदिग्ध के खिलाफ पुलिस ने तुरंत कोई आरोप नहीं लगाए हैं। पुलिस ने बताया कि वे गंभीरता से इस हमले की जांच कर रहे हैं। कोलोराडो की घटना के बाद एक बार फिर अमेरिका में अवैध अप्रवासियों का मुद्दा गरमा गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स अवैध अप्रवासियों को निर्वासित करने की मांग कर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप की करीबी लॉरो लूमर ने कोलोराडो की घटना के बाद सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'कोलोराडो की घटना का आरोपी कोलोराडो का नहीं है और उसे निर्वासित किया जाना चाहिए।'
कोलोराडो की घटना से एक हफ्ते पहले ही अमेरिका में इस्राइली दूतावास के दो कर्मचारियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने फलस्तीन और गाजा के लिए ऐसा किया।