अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब देश के नए राष्ट्रपति होंगे। उन्होंने चुनाव में अपनी डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्वी और मौजूदा उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को हरा दिया है। एक बार फिर चार साल के अंतराल के बाद व्हाइट हाउस में प्रवेश करने को तैयार हैं। बताया जा रहा है कि ट्रंप और उनकी टीम आने वाले हफ्तों में अपने नए मंत्रिमंडल और प्रशासन के अन्य उच्च अधिकारियों को चुनने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। इनमें कश्यप 'काश' पटेल का नाम खासा चर्चा में है।
इस पद के लिए चर्चाओं में काश
कई रिपोर्ट में ऐसा बताया जा रहा है कि ट्रंप कश्यप पटेल को अमेरिका में सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी यानी सीआईए के चीफ की जिम्मेदारी दे सकते हैं। वह इस पद पर नियुक्त होने के लिए शीर्ष दावेदार बताए जा रहे हैं। कई ट्रंप सहयोगियों ने सीआईए प्रमुख के रूप में नियुक्ति के लिए पटेल का नाम आगे रखा है।
आइए जानते हैं कि आखिर कौन हैं डोनाल्ड ट्रंप के विश्वस्त और नजदीकी भारतवंशी कश्यप पटेल-
- भारतीय मूल के पटेल ट्रंप के वफादार हैं। उनका जन्म 1980 में न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी में गुजराती भारतीय माता-पिता के घर में हुआ था, जो पूर्वी अफ्रीका से कनाडा के रास्ते संयुक्त राज्य अमेरिका में आकर बसे थे। पटेल के पिता एक विमानन फर्म में वित्तीय अधिकारी के रूप में काम करते थे।
- उन्होंने कानून की डिग्री हासिल करने के लिए न्यूयॉर्क लौटने से पहले रिचमंड विश्वविद्यालय में अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की। साथ ही उन्होंने ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के विधि संकाय से अंतरराष्ट्रीय कानून में प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया।
- कश्यप काश पटेल को जब एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म में नौकरी नहीं मिली तो वह एक पब्लिक डिफेंडर बन गए और न्याय विभाग में शामिल होने से पहले मियामी में स्थानीय और संघीय अदालतों में लगभग नौ साल बिताए।
- 44 वर्षीय पटेल ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में ट्रंप के आतंकवाद विरोधी सलाहकार और उनके पिछले कार्यकाल के दौरान कार्यवाहक रक्षा सचिव के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में काम किया। उन्हें बचाव पक्ष के वकील, संघीय अभियोजक, शीर्ष सदन के कर्मचारी और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी के रूप में भी अनुभव है। उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कई शीर्ष प्राथमिकताओं को अंजाम दिया था, जिसमें आईएसआईएस और अल-कायदा के अल-बगदादी तथा कासिम अल-रिमी जैसे नेताओं का सफाया और कई अमेरिकी बंधकों को वापस लाना शामिल था।
- ट्रंप के परम वफादार माने जाने वाले पटेल को उनके कार्यकाल के दौरान पूर्व राष्ट्रपति के लिए नियुक्त सलाहकारों के समूह में शीर्ष कुर्सी दी गई थी, जब वे यूक्रेन युद्ध के संबंध में प्रतिक्रिया के मुद्दों का सामना कर रहे थे।
- एक पब्लिक डिफेंडर के रूप में अपना करियर शुरू करने के बाद उन्होंने कई जटिल मामलों को सुलझाने की कोशिश की, जिनमें राज्य और संघीय अदालतों में हत्या, नार्को-तस्करी और वित्तीय अपराधों से संबंधित मामले शामिल हैं।
- अटलांटिक की रिपोर्ट में पटेल को 'ट्रंप के लिए कुछ भी करने वाला' शख्स बताया गया है, जो हाल ही में संपन्न चुनावों में उल्लेखनीय जीत हासिल करने के बाद अब नवनिर्वाचित राष्ट्रपति हैं।
- रिपोर्ट में कहा गया है कि पटेल 2019 में 40 वर्षीय वकील के रूप में तत्कालीन ट्रंप प्रशासन में शामिल हुए और तेजी से शीर्ष पदों की ओर बढ़ने लगे।
- रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप ने अपने प्रशासन के अंतिम सप्ताहों में पटेल को सीआईए का उप निदेशक नियुक्त करने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा।
- पिछले साल युवा रिपब्लिकन के एक समारोह में ट्रंप ने पटेल को संदेश दिया था, 'तैयार हो जाओ, काश।'