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Lisa Nandy: ब्रिटेन की सरकार में मंत्री बनीं भारतीय मूल की लिसा नंदी, जानें लेबर सांसद का भारत से क्या रिश्ता?

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 06 Jul 2024 04:21 PM IST

सार

Lisa Nandy: ब्रिटेन में आम चुनाव के अंतिम नतीजे आने के बाद नई कैबिनेट का गठन हो गया है। इसमें भारतीय मूल की सांसद लिसा नंदी को भी जगह दी गई है। 44 वर्षीय नंदी को नई लेबर सरकार में संस्कृति, मीडिया और खेल राज्य मंत्री बनाया गया है। आइये जानते हैं कि लिसा नंदी के भारत से रिश्ते के बारे में...
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भारतीय मूल की सांसद लिसा नंदी - फोटो : AMAR UJALA/FB@Lisa Nandy
ब्रिटेन में चुनाव नतीजों में ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी को करारी हार मिली है। लेबर पार्टी 14 साल बाद फिर से सत्ता में लौटी है। कीर स्टार्मर देश के नए प्रधानमंत्री बने हैं। स्टार्मर की नई कैबिनेट में भारतीय मूल की लिसा नंदी भी शामिल हैं। इस चुनाव में कुल 29 भारतवंशी सांसद चुनकर आए हैं। 

आइये जानते हैं कि कौन हैं लिसा नंदी? वह कहां से चुनाव जीती हैं? उनका सियासी सफर कैसा रहा है? नंदी का भारत से रिश्ता क्या है?
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भारतीय मूल की सांसद लिसा नंदी - फोटो : AMAR UJALA/FB@Lisa Nandy
ब्रिटेन में चुनाव नतीजों में ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी को करारी हार मिली है। लेबर पार्टी 14 साल बाद फिर से सत्ता में लौटी है। कीर स्टार्मर देश के नए प्रधानमंत्री बने हैं। स्टार्मर की नई कैबिनेट में भारतीय मूल की लिसा नंदी भी शामिल हैं। इस चुनाव में कुल 29 भारतवंशी सांसद चुनकर आए हैं। 

आइये जानते हैं कि कौन हैं लिसा नंदी? वह कहां से चुनाव जीती हैं? उनका सियासी सफर कैसा रहा है? नंदी का भारत से रिश्ता क्या है?

ब्रिटेन चुनाव 2024 - फोटो : AMAR UJALA
पहले एक नजर ब्रिटेन चुनाव के नतीजों पर  
ब्रिटेन में आम चुनाव के अंतिम नतीजे शनिवार को जारी हो गए। 4 जुलाई को हुए चुनाव में ब्रिटेन के बड़े विपक्षी दल लेबर पार्टी ने 2005 के बाद ब्रिटिश चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज की है। हाउस ऑफ कॉमन्स (ब्रिटिश संसद का निचला सदन) की 650 सीटों में से लेबर पार्टी ने 412 सीटें जीती हैं। निवर्तमान प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी को महज 121 सीटें ही आईं। इस तरह से ब्रिटेन की सियासत में 14 साल बाद बड़ा बदलाव हुआ। ब्रिटेन के लोगों ने 14 साल की कंजर्वेटिव पार्टी की सत्ता को खत्म कर कीर स्टार्मर को नया प्रधानमंत्री चुन लिया। नतीजे आने के बाद ब्रिटेन में नई कैबिनेट का गठन भी हो गया है। इसमें भारतीय मूल की सांसद लिसा नंदी को मंत्री बनाया गया है। 

भारतवंशी लिसा नंदी - फोटो : FB/LisaNandyMP
अब जानते हैं कौन हैं लिसा नंदी?
44 वर्षीय नंदी को नई लेबर सरकार में संस्कृति, मीडिया और खेल राज्य मंत्री बनाया गया है। वे विगन से सांसद के रूप में चुनी गईं हैं। लिसा नंदी विगन संसदीय सीट से लेबर पार्टी के उम्मीदवार के रूप में पांचवीं बार चुनी गई हैं। 

भारतवंशी लिसा नंदी - फोटो : FB/LisaNandyMP
पिता दीपक का ताल्लुक कोलकाता से 
नंदी का जन्म मैनचेस्टर में लुइस और दीपक नंदी के घर हुआ था। कोलकाता में जन्मे लिसा नंदी के पिता दीपक नंदी भारतीय मूल के एक्टिविस्ट और शिक्षाविद थे। लिसा नंदी ने पारस वुड हाई स्कूल और होली क्रॉस कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की। उसके बाद नंदी ने न्यूकैसल विश्वविद्यालय में राजनीति की पढ़ाई की। न्यूकैसल विश्वविद्यालय में अपनी पहली डिग्री लेने के बाद उन्होंने 2003 में लंदन विश्वविद्यालय के बर्कबेक कॉलेज में सार्वजनिक नीति का अध्ययन किया। पढ़ाई के बाद उन्होंने वाल्थमस्टो के सांसद नील गेरार्ड के सहायक के रूप में काम किया। गेरार्ड बेघरों के लिए काम करने वाली चैरिटी सेंटरपॉइंट के लिए शोधकर्ता थे। लिसा की शादी एंडी कोलिस के साथ हुई है जो एक पीआर कंसल्टेंट हैं।

भारतवंशी लिसा नंदी - फोटो : FB/LisaNandyMP
30 साल की उम्र में पहली बार सांसद बनीं
नंदी के सियासी सफर की बात करें तो वह पिछले 14 वर्षों से विगन सीट से लेबर पार्टी की सांसद हैं। उन्होंने मात्र 30 वर्ष की आयु में 10,500 मतों से सीट जीत दर्ज की थी। नंदी 2010 से 2012 तक ब्रिटिश संसद में शिक्षा समिति की सदस्य रहीं। मार्च 2013 से अक्तूबर 2013 तक शिक्षा मामलों की शैडो मिनिस्टर थीं। ब्रिटेन में शैडो कैबिनेट में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी या आधिकारिक विपक्षी पार्टी के फ्रंटबेंच सांसद और ब्रिटिश संसद के उच्च सदन 'लॉर्ड्स' के सदस्य शामिल होते हैं।

विपक्षी सांसद के रूप में कई बार शैडो मिनिस्टर रहीं
अक्तूबर 2013 से सितंबर 2015 कैबिनेट कार्यालय के लिए शैडो मिनिस्टर थीं। उन्होंने सितंबर 2015 से जून 2016 तक ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन के लिए शैडो स्टेट मिनिस्टर के रूप में कार्य किया। अप्रैल 2020 से सितंबर 2020 तक विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय में शैडो विदेश मंत्री रहीं। 

नंदी ने सितंबर 2020 से नवंबर 2021 तक विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय में शैडो विदेश मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई। वह नवंबर 2021 से सितंबर 2023 तक आवास, समुदाय और स्थानीय सरकार के लिए शैडो राज्य मंत्री रहीं। इस दौरान नंदी ने सरकार को उनकी प्रमुख नीति पर जवाबदेह ठहराते हुए, घर के स्वामित्व, घर बनाने और क्षेत्रीय असमानता से निपटने के लिए लेबर पार्टी की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।

संसद में कस्बों का मुद्दा उठाती रही हैं नंदी
विपक्षी सांसद के रूप में अंतिम बार वह 4 सितंबर 2023 से 30 मई 2024 लोक अंतर्राष्ट्रीय विकास मामलों की शैडो मंत्री थीं। इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने दुनिया के कुछ सबसे वंचित लोगों के लिए ब्रिटेन की उदारता और समर्थन को बढ़ावा देने के लिए लेबर पार्टी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करने और उजागर करने के लिए काम किया।

संसद में लिसा के काम का मुख्य फोकस कस्बों के मुद्दा उठाना रहा है। सेंटर फॉर टाउन्स की सह-संस्थापक के रूप में उन्होंने लेबर पार्टी के लिए तटीय और औद्योगिक कस्बों का प्रतिनिधित्व करने और उन्हें आगे बढ़ाने के अभियान का नेतृत्व किया।
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