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Houthis: हमास के बाद हूतियों ने इस्राइल पर ड्रोन, मिसाइल हमले किए; जानिए 1000 मील दूर मौजूद संगठन के बारे में

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Thu, 02 Nov 2023 09:43 PM IST

सार

Houthis Attack Israel: इस्राइल और हमास की लड़ाई में अब यमन में मौजूद आतंकी संगठन हूती भी कूद पड़ा है। हूतियों ने हमलों में इस्राइल पर ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं। 
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हमास के बाद हूतियों ने इस्राइल पर हमले किए - फोटो : amar ujala

हमास और इस्राइल के बीच बीते तीन हफ्ते से भी ज्यादा समय से लड़ाई चल रही है। इस संघर्ष ने अब तक 9,000 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है। हालांकि, लड़ाई रुकने की बजाय तेज होती जा रही है और इसमें नए-नए संगठन भी जुड़ने लगे हैं। 7 अक्तूबर को हमास के हमले से इस्राइल अब तक उभर भी नहीं पाया कि अब यमन के हूती आतंकियों ने उस पर आक्रमण कर दिया। ऐसे में सवाल उठते हैं कि आखिर हमास-इस्राइल युद्ध के बीच हूती की चर्चा क्यों? कौन हैं हूती? पहले ये कब चर्चा में रहे? 

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हमास के बाद हूतियों ने इस्राइल पर हमले किए - फोटो : amar ujala
हमास और इस्राइल के बीच बीते तीन हफ्ते से भी ज्यादा समय से लड़ाई चल रही है। इस संघर्ष ने अब तक 9,000 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है। हालांकि, लड़ाई रुकने की बजाय तेज होती जा रही है और इसमें नए-नए संगठन भी जुड़ने लगे हैं। 7 अक्तूबर को हमास के हमले से इस्राइल अब तक उभर भी नहीं पाया कि अब यमन के हूती आतंकियों ने उस पर आक्रमण कर दिया। ऐसे में सवाल उठते हैं कि आखिर हमास-इस्राइल युद्ध के बीच हूती की चर्चा क्यों? कौन हैं हूती? पहले ये कब चर्चा में रहे? 

हूतियों ने इस्राइल पर हमले किए - फोटो : social media
हमास-इस्राइल युद्ध के बीच हूती की चर्चा क्यों?
इस्राइल और हमास की लड़ाई में अब यमन में मौजूद आतंकी संगठन हूती भी कूद पड़ा है। रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हूतियों ने 31 अक्तूबर को हमलों में इस्राइल पर ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने एक बयान में कहा, 'समूह ने इस्राइल की ओर बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन लॉन्च किए हैं और फलस्तीनियों को जीत में मदद करने के लिए ऐसे और हमले होंगे।'



सारी ने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से यह इस्राइल पर हूतियों का तीसरा हमला था। इससे यह भी पुष्टि होती है कि 28 अक्तूबर को ड्रोन हमले के पीछे हूती ही थे, जिसके चलते मिस्र में विस्फोट हुए थे और इस्राइल ने हूतियों को दोषी ठहराया गया था। इसके अलावा 19 अक्तूबर की घटना हुई, जिसमें अमेरिकी नौसेना ने तीन क्रूज मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया। इस बीच, इस्राइली राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तजाची हानेग्बी ने कहा कि हूतियों के हमले खतरनाक थे।

हूतियों ने इस्राइल पर हमले किए - फोटो : social media
हमला करने वाले हूती कौन हैं, उनका इतिहास क्या है?
1990 के दशक के उत्तरार्ध में उत्तर यमन में हूती परिवार ने शिया इस्लाम के जायदी संप्रदाय के लिए एक मजहबी पुनरुद्धार आंदोलन की स्थापना की। यह वही हूती परिवार था जिसने कभी यमन पर शासन किया था। जैसे-जैसे सरकार के साथ टकराव बढ़ता गया, उन्होंने यमन की राष्ट्रीय सेना के साथ कई गुरिल्ला युद्ध लड़े। इसके अलावा हूतियों का सुन्नी शक्ति का केंद्र माने जाने वाले सऊदी अरब के साथ एक सीमा संघर्ष भी हुआ।

यमन में युद्ध करके सत्ता हासिल की
यमन में 2014 के अंत में युद्ध शुरू हुआ, उसके बाद राजधानी सना पर हूतियों ने कब्जा कर लिया। हूतियों ने उत्तर के अधिकांश भाग और अन्य बड़ी आबादी वाले जगहों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। उधर देश में सत्ता कर रही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने खुद को अदन में स्थापित कर लिया।

हूतियों ने इस्राइल पर हमले किए - फोटो : social media
हूतियों ने अब इस्राइल पर हमले क्यों किए?
दरअसल, हूती ईरान द्वारा समर्थित प्रतिरोध की धुरी का हिस्सा हैं। हमास द्वारा इस्राइल पर हमला करने के बाद से अन्य गुटों की तरह हूती भी फलस्तीनियों के पीछे लामबंद हो गए हैं। सारी ने मध्य पूर्व में अस्थिरता के लिए इस्राइल को दोषी ठहराया और कहा कि उसके निरंतर अपराधों से क्षेत्र में संघर्ष का चक्र बढ़ रहा है। जब तक इस्राइली आक्रामकता बंद नहीं हो जाती तब तक हूती हमले करना जारी रखेंगे।

iran - फोटो : social media
ईरान के साथ हूती के क्या संबंध हैं?
हूतियों ने यमन युद्ध के दौरान सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर हमले करके तेल संसाधनों और अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर अपनी मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। हालांकि, सऊदी के नेतृत्व वाला गठबंधन हमेशा आरोप लगाता रहा है कि ईरान हूतियों को हथियार देने के साथ-साथ उन्हें प्रशिक्षण करता है और फंडिंग करता है। समूह ईरानी प्रॉक्सी होने से इनकार करता है और कहता है कि वह अपने हथियार खुद विकसित करता है।

Saudi Arabia Crown Price - फोटो : instagram
इस्राइल पर हमले से सऊदी क्यों चिंतित?
दरअसल, यमन में पिछले एक साल से ज्यादा समय से अपेक्षाकृत शांति बनी हुई है। उधर संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में शांति अभियान के बीच सऊदी अरब युद्ध से बाहर निकलने के लिए हूतियों के साथ बातचीत भी कर रहा है क्योंकि वह घरेलू आर्थिक प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। अब इस्राइल पर हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों ने सऊदी अरब के लिए संघर्ष के खतरे बढ़ा दिए हैं।

यमन से लॉन्च किए गए कोई भी ड्रोन या मिसाइल जॉर्डन और इस्राइल में उड़ान भरने से पहले लाल सागर के पास पश्चिमी सऊदी अरब से होकर गुजरते हैं। सऊदी विश्लेषक अजीज अल्घाशियान ने कहा कि सऊदी अरब अपनी सीमाओं के पार संघर्ष फैलने को लेकर चिंतित होगा।

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि समस्या यह है कि इस युद्ध में सऊदी को ऐसी स्थिति में लाने की क्षमता है, जहां वह अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच पक्ष लेता नजर आएगा। मुझे लगता है कि सऊदी इससे बचना चाहता है।' 
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