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भारत-पाक के बीच एलओसी पर संघर्ष विराम का अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने किया स्वागत

Fri, 26 Feb 2021 04:34 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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White House Spokesperson Jen Psaki - फोटो : ANI
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भारत और पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर संघर्ष विराम, सभी समझौतों व सहमतियों का कड़ाई से पालन करने और मौजूदा व्यवस्था के जरिए किसी भी अप्रत्याशित स्थिति का समाधान करने या गलतफहमी को दूर करने पर सहमत हुए हैं।

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भारत और पाकिस्तान की सहमति पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि 'संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने भारत और पाकिस्तान द्वारा कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का निरीक्षण करने और तंत्र स्थापित करने के लिए किए गए समझौते पर संयुक्त बयान जारी करने को प्रोत्साहित किया है।' दुजारिक ने कहा कि 'उन्हें उम्मीद है कि यह सकारात्मक कदम दोनों देशों के बीच आगे संवाद के लिए एक अवसर प्रदान करेगा।'
 

इससे पहले व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि 'भारत और पाकिस्तान के बीच संयुक्त बयान का अमेरिका स्वागत करता है कि दोनों देश नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम के कड़े नियमों के पालन को 25 फरवरी से शुरू करने पर सहमत हुए हैं।'
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जेन साकी ने आगे कहा कि 'यह दक्षिण एशिया में अधिक शांति और स्थिरता की दिशा में एक सकारात्मक कदम है जो हमारे साझा हित में है और हम दोनों देशों को इस प्रगति को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।'

पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी जैसे संबंध चाहते हैं...
बता दें कि भारत-पाकिस्तान द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में दोनों पक्षों ने कहा कि 'नियंत्रण रेखा एवं सभी अन्य क्षेत्रों में हालात की सौहार्दपूर्ण और खुले माहौल में समीक्षा के बाद दोनों पक्ष ने यह फैसला किया है कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने या गलतफहमी दूर करने के लिए हॉटलाइन संपर्क और फ्लैग मीटिंग व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाएगा।'

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत, पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी जैसे रिश्ते चाहता है और शांतिपूर्ण तरीके से सभी मुद्दों को द्विपक्षीय ढंग से सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, 'महत्वपूर्ण मुद्दों पर हमारे रूख में कोई बदलाव नहीं आया है। और मुझे यह दोहराने की जरूरत नहीं।' सैन्य अधिकारियों ने कहा कि संघर्ष विराम का यह मतलब नहीं कि आतंकवाद के खिलाफ सेना का अभियान थम जाएगा। सतर्कता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं की जाएगी। बता दें कि भारत और पाकिस्तान ने 2003 में संघर्ष विराम समझौता किया था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से शायद ही इस पर अमल हो पाया। 

‘डॉन’ अखबार ने पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार के हवाले से कहा है, ‘1987 से ही भारत और पाकिस्तान के बीच हॉटलाइन स्तर पर संपर्क हो रहा है। इस स्थापित तंत्र के जरिए दोनों देशों के डीजीएमओ संपर्क में रहते हैं।’ उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से एलओसी पर संघर्ष विराम समझौता के उल्लंघन की घटनाओं में वृद्धि हुई है। बयान में कहा गया, ‘दोनों डीजीएमओ ने सहमति जताई कि 2003 की मौजूदा सहमति का अक्षरश: पालन करना चाहिए।’ दोनों अधिकारी इसे टिकाऊ बनाने पर राजी हुए और इस आधार पर कदम उठाने की मंशा जतायी।

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