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White House: क्वाड नेताओं से सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे बाइडन, सम्मेलन के एजेंडे में शीर्ष पर होगा चीन

Thu, 19 Sep 2024 06:32 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

अमेरिका में डेलावेयर के विलमिंगटन में 21 सितंबर को राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी की जाएगी। यह राष्ट्रपति चुनाव से पहले बाइडन के कार्यकाल का आखिरी क्वाड शिखर सम्मेलन भी है। जॉन किर्बी ने कहा कि बाइडन क्वाड समिट से इतर इन नेताओं के साथ व्यक्तिगत रूप से भी मिलेंगे। इस दौरान वे विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।
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क्वाड - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा संचार सलाहकार जॉन किर्बी ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि क्वाड शिखर सम्मेलन में चीन निश्चित रूप में 'एजेंडे में शीर्ष' पर होगा। किर्बी ने इस बात पर जोर दिया कि अगर क्वाड नेता चीन के कारण क्षेत्र में मौजूद चुनौतियों के बारे में बातचीत नहीं करते हैं तो यह गैर-जिम्मेदाराना होगा। वहीं, व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति बाइडन क्वाड सम्मेलन के लिए पीएम नरेंद्र मोदी, जापानी पीएम फुमियो किशिदा और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज का डेलावेयर में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। यह पहली बार है जब बाइडन अपने गृहनगर में विदेशी नेताओं की मेजबानी करेंगे।

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अमेरिका में डेलावेयर के विलमिंगटन में 21 सितंबर को राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी की जाएगी। यह राष्ट्रपति चुनाव से पहले बाइडन के कार्यकाल का आखिरी क्वाड शिखर सम्मेलन भी है। जॉन किर्बी ने कहा कि बाइडन क्वाड समिट से इतर इन नेताओं के साथ व्यक्तिगत रूप से भी मिलेंगे। इस दौरान वे विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।

जॉन किर्बी ने बुधवार को क्वाड सम्मेलन के आयोजन को लेकर एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उनसे पूछा गया कि चीन किस हद तक इस सम्मेलन का फोकस होगा। जिसके जवाब में किर्बी ने कहा कि चीन पर चर्चा इस सम्मेलन के केंद्र में होगी। उन्होंने कहा कि ऐसा कभी नहीं होता, जब आप क्वाड में इन नेताओं के साथ मिलते हैं तो हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामक सैन्य कार्रवाई, व्यापार के अनुचित तरीकों और ताइवान तनाव को लेकर चर्चा न करें। अगर इस पर चर्चा नहीं की जाती है तो यह वास्तव में गैर-जिम्मेदाराना होगा। जॉन किर्बी ने आगे कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि इन सब मुद्दों पर चर्चा नहीं की जाएगी।
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किर्बी से यह पूछे जाने पर कि क्या क्वाड देश चीन को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए खतरे के रूप में देखते हैं, तो उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि आपको चीन की आक्रामक सैन्य कार्रवाई के बारे में उनके विशेष दृष्टिकोण के लिए नेताओं से बात करनी होगी। लेकिन, मुझे लगता है कि हम सभी में पीआरसी द्वारा प्रस्तुत की जा रही चुनौतियों के बारे में समझ एक समानता है। हालांकि, क्वाड में प्रत्येक संप्रभु देश है, उन्हें स्वयं निर्णय लेना होगा कि चीन के साथ उनका रिश्ता क्या होगा और उनमें से प्रत्येक का पीआरसी के साथ एक अलग रिश्ता कैसे होगा, जिसमें हम भी शामिल हैं।'

दूसरी तरफ, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे ने भी बुधवार को एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या राष्ट्रपति बाइडन ने पहले या अपने दूसरे कार्यकाल में डेलावेयर में विश्व नेता की मेजबानी करने पर विचार किया था। जिसके जवाब में जीन-पियरे ने कहा, 'वास्तव में, विलमिंगटन, डेलावेयर एक ऐसी जगह है जिसके बारे में बाइडन अक्सर बात करते हैं। मैं इस बात पर नहीं जा रही हूं कि दोबारा चुनाव न लड़ने का फैसला करने से पहले राष्ट्रपति क्या सोच रहे थे, लेकिन मैं जो बात करने जा रही हूं वह यह है कि बाइडन सोचते हैं कि उन्होंने इन नेताओं के साथ जो संबंध बनाए हैं, उन्हें अपने गृहनगर में लाना महत्वपूर्ण है। केवल राजनीतिक ही नहीं, घरेलू नीति, विदेश नीति और साथ ही अमेरिकी लोगों से इसका संबंध वास्तव में बहुत स्थानीय है। इसलिए वह उन्हें अपने गृहनगर में लाने के लिए उत्सुक हैं। मुझे लगता है कि वे विलमिंगटन का उतना ही आनंद लेंगे जितना आप वहां जाकर राष्ट्रपति के साथ आनंद करते हैं। 

जीन-पियरे ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति बाइडन ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में इन नेताओं के साथ संबंध विकसित किए हैं। वह क्वाड नेताओं को विलमिंगटन लाकर उस कूटनीति को जारी रखना चाहते हैं और यह दिखाना महत्वपूर्ण होगा कि संबंध कैसे बढ़े हैं। 

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