अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी आक्रामक नीतियों के कारण लगातार चर्चा में बने हुए हैं। वे कनाडा को लेकर अपने रूख पर कायम हैं। ट्रंप का मानना है कि कनाडा को 51वां अमेरिकी राज्य बनने से लाभ होगा। दूसरी तरफ टैरिफ के मुद्दे पर उन्होंने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ वार्ता के लिए चीन को ही पहला कदम बढ़ाना होगा।
अमेरिका और चीन के बीच टकराव जल्द कम या खत्म होने के संकेत नहीं हैं। ताजा घटनाक्रम में व्हाइट हाउस से जारी एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के साथ व्यापार वार्ता करना चाहते हैं। लेकिन इसके लिए पहला कदम चीन को बढ़ाना होगा। एक अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर भी ट्रंप प्रशासन ने लचीला रूख अपनाने से इनकार कर दिया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने के विचार को लेकर एक सवाल के जवाब में कहा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी भी कनाडा पर अपने रुख पर कायम हैं।
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कनाडा के लोगों को अमेरिका का हिस्सा बनने से लाभ मिलेगा
लेविट ने कहा, अमेरिका कनाडा की राष्ट्रीय रक्षा को सब्सिडी दे रहा है। ट्रंप का मानना है कि कनाडा के लोगों को अमेरिका का 51वां राज्य बनने से बहुत लाभ होगा... राष्ट्रपति ट्रंप के निष्पक्ष व्यापार सौदों में उनका लक्ष्य, अमेरिकी श्रमिकों को पहले स्थान पर रखना है। ट्रंप दुनिया भर के कई देशों के साथ सौदे की बातों को आगे बढ़ा रहे हैं।
व्यापार वार्ता के लिए गेंद अब चीन के पाले में : अमेरिका
टैरिफ वार पर तनातनी और चीन के कड़ा रुख अपनाने के बीच अमेरिका ने कहा कि व्यापार वार्ता के लिए गेंद अब चीन के पाले में है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लैविट ने भारतीय समय के अनुसार देर रात कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के साथ व्यापार वार्ता करना चाहते हैं। लेकिन इसके लिए पहला कदम चीन को बढ़ाना होगा। लैविट ने कहा, गेंद चीन के पाले में है। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की जरूरत चीन को है, हमें नहीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही बहुत साफ कर दिया है कि वह चीन से समझौते के लिए तैयार हैं। लेविट ने कहा, कई प्रशासनिक अधिकारी बता चुके हैं कि अमेरिका अलग-अलग देशों के साथ कई वार्ताएं कर चुका है। उन्होंने कहा, 'हमने 15 से अधिक सौदे किए हैं, प्रस्तावों जिन पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है। अमेरिका से 75 से ज्यादा देशों ने संपर्क किया है। इसलिए अभी बहुत काम किया जाना बाकी है...हम बहुत जल्द कुछ सौदों की घोषणा कर सकते हैं।