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US: ‘बांग्लादेश की घटनाओं में अमेरिकी भागीदारी की बात झूठी’, व्हाइट हाउस ने कहा- भारत महत्वपूर्ण सहयोगी

Tue, 13 Aug 2024 04:01 AM IST
विशांत श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन डीसी

सार

बांग्लादेश में हो रही घटनाओं में अमेरिका संलिप्तता की बातों को व्हाइट हाउस ने खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे ने कहा है कि यह सरासर अफवाह और झूठ है।
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कैरिन जीन-पियरे - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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बांग्लादेश में हो रही घटनाओं में अमेरिका के शामिल होने की बात पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे ने कहा है कि यह सरासर अफवाह और झूठ है। साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बाइडन  भारत के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका के संबंधों को दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण संबंधों में से एक मानते हैं।

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वहीं बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं पर हमलों के खिलाफ व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन हो रहे हैं। जिसको लेकर जीन पियरे ने कहा कि हम बांग्लादेश के हालातों पर नजर बनाए हुए हैं। 

पियरे ने कहा, "हम निश्चित रूप से स्थिति की निगरानी जारी रखेंगे। मेरे पास इससे ज्यादा कहने के लिए कुछ नहीं है। जब किसी भी प्रकार के मानवाधिकार के मुद्दे की बात आती है, तो राष्ट्रपति सार्वजनिक रूप से और निजी तौर पर भी स्पष्ट रूप से बोलने में बहुत सुसंगत रहे हैं और वह ऐसा करना जारी रखेंगे, लेकिन मेरे पास फिलहाल इस पर बोलने के लिए कोई विशेष प्रतिबद्धता नहीं है।"
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हिंदू महिलाओं के लिए नर्क है बांग्लादेश: कोलकाता इस्कॉन के वाइस प्रेसिडेंट
कोलकाता इस्कॉन के वाइस प्रेसिडेंट, राधा रमण दास ने बांग्लादेश में हो रही हिंसा  को लेकर कहा है कि बांग्लादेश में स्थिति बहुत ही दुखद है जब भी मैं फोन करता हूं बांग्लादेश से दिल को दहला देने वाली खबरें आती है, एक दिन पहले भी वहां पर हिंदू बहुल दो गांव को जला दिया गया।  बांग्लादेश की खबरें पढ़ेंगे तो वहां हर दिन किसी हिंदू लड़कियों के अपहरण और हिंदुओं के हत्या की खबरें मिलती है। बांग्लादेश में जातीय संहार हो रहा है।

लेखकों-शिक्षाविदों ने बांग्लादेशी हिंदुओं पर हिंसा को लेकर लिखा खुला पत्र
लेखकों, शिक्षाविदों और नागरिक समाज के प्रतिष्ठित लोगों के एक समूह ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए एक खुला पत्र लिखा है। उन्होंने भारतीय संसद से सांप्रदायिक हिंसा की निंदा करते हुए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित करने का आग्रह किया है। 

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