व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारी ने जॉन किर्बी ने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस पर बढ़ते लिंगवादी और नस्लवादी हमलों की निंदा की है। जो कि डेमोक्रेटिक पार्टी की संभावित उम्मीदवार हैं।
जॉन किर्बी ने गुरुवार को न्यूज कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुझे लगता है कि यह निराशाजनक और बेहूदा है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका की उपराष्ट्रपति हैं और उन्हें सम्मान मिलना चाहिए। वह लगभग चार सालों से राष्ट्रपति के साथ काम कर रहीं हैं।
वहीं व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे ने कहा कि जिस तरह से रिपब्लिकन सांसद हैरिस के लिए बयानबाजी कर रहे हैं, ऐसे में सदन के अध्यक्ष माइक जॉनसन को रिपब्लिकन सांसद को इस तरह की टिप्पणी करने से रोकना चाहिए। जीन-पियरे ने आगे कहा कि आपके पास सदन का एक अध्यक्ष है। जिसे रिपब्लिकन को रोकने के लिए एक बैठक आयोजित करनी चाहिए और उन्हें बताना चाहिए कि स्त्री-द्वेषी और लिंगवादी होना बंद करें।
व्हाइट हाउस ने कहा- गाजा युद्ध के प्रभाव का अनुमान लगाना अभी मुश्किल है
व्हाइट हाउस ने गुरुवार को बयान जारी करते हुए कहा कि गाजा में हो रहे युद्ध का भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) पर कितना प्रभाव होगा, यह अनुमान अभी नहीं लगाया जा सकता है। व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा संचार सलाहकार जॉन किर्बी ने संवाददाता सम्मेलन में जानकारी देते हुए कहा कि आईएमईसी जो की अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की एक महत्वकांक्षी पहल है और मध्य पूर्व के माध्यम से भारत से यूरोप तक एक आर्थिक गलियारा बनाता है। इसमें अभी गाजा में युद्ध के कारण देर हो रही है।
आईएमईसी के पहले हिस्से के रूप में भारत से संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इज़राइल और ग्रीस के माध्यम से यूरोप तक एक प्रस्तावित मार्ग है। इस संबंध में पहली बार 10 सितंबर, 2023 को नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान घोषणा की गई थी। भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जॉर्डन और की सरकारों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन के माध्यम से यह समझौता हुआ था।